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Jalaun News: प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता ने उरई पहुंचे, ओएचई लाइन का निरीक्षण किया
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उरई। उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज से आए प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता (पीसीईई) यतेंद्र कुमार ने रविवार को झांसी- कानपुर रेलखंड का पनवेल- गोरखपुर एक्सप्रेस (15066) के विशेष सैलून से ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन का निरीक्षण किया। जैसे ही ट्रेन सुबह 11.08 बजे उरई स्टेशन प्लेटफार्म पर पहुंची, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) टीआरडी गौतम शर्मा पहले से मौजूद थे। पीसीईई ने उन्हें सैलून में बुलाकर संविदाकर्मी की तैनाती के नाम पर हो रही घूसखोरी के मामले की जानकारी ली। इस मामले में डीईई टीआरडी और तीन अन्य रेलकर्मियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने स्टाफ की संख्या, संविदा पर तैनात कर्मचारियों की जानकारी ली और निर्देश दिए कि अपना कार्य ईमानदारी और जिम्मेदारी से करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
जानकारी देने से कतरा रहे कर्मचारी
डीईई के अधीन सभी छह डिपो की सीबीआई जांच की संभावना बढ़ गई है। उरई स्थित डीईई कार्यालय पर ताला लटका हुआ है और केवल एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद है जो जानकारी देने से कतरा रहा है।
बढ़ सकता है जांच का दायरा
सीबीआई की कार्रवाई का सबसे बड़ा असर उन विभागों पर पड़ा है, जहां संविदा पर तैनात स्टाफ काम करता है। रेलवे में सिग्नल, टेलीकॉम, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल और कामर्शियल विभागों में संविदा कर्मियों की शिकायतें अक्सर आती रही हैं लेकिन सुनवाई नहीं होती थी। अब जांच के बाद इन विभागों में संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का निवारण भी शुरू हो गया है। रेलवे स्टाफ भविष्य में किसी भी संविदा नियुक्ति या कर्तव्य पालन में सतर्क रहने पर जोर दे रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सेक्शन के चौराह स्टेशन के पास एसएसई की रंगीन मिजाजी और बातचीत का अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है।
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डीईई के अधीन सभी छह डिपो की सीबीआई जांच की संभावना बढ़ गई है। उरई स्थित डीईई कार्यालय पर ताला लटका हुआ है और केवल एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद है जो जानकारी देने से कतरा रहा है।
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बढ़ सकता है जांच का दायरा
सीबीआई की कार्रवाई का सबसे बड़ा असर उन विभागों पर पड़ा है, जहां संविदा पर तैनात स्टाफ काम करता है। रेलवे में सिग्नल, टेलीकॉम, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल और कामर्शियल विभागों में संविदा कर्मियों की शिकायतें अक्सर आती रही हैं लेकिन सुनवाई नहीं होती थी। अब जांच के बाद इन विभागों में संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का निवारण भी शुरू हो गया है। रेलवे स्टाफ भविष्य में किसी भी संविदा नियुक्ति या कर्तव्य पालन में सतर्क रहने पर जोर दे रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सेक्शन के चौराह स्टेशन के पास एसएसई की रंगीन मिजाजी और बातचीत का अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है।
