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Jalaun News: एक वैध कागजात पर मतदाता सूची में जुड़ जाएगा नाम
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फोटो - 10 जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार पांडेय। संवाद
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उरई। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर मतदाताओं के बीच फैली शंकाओं को दूर करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 13 प्रकार के दस्तावेजों में से यदि किसी व्यक्ति के पास केवल एक भी वैध कागजात उपलब्ध है, तो उसका नाम मतदाता सूची में अवश्य शामिल किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, न कि पात्र मतदाताओं को सूची से बाहर करना। दस्तावेजों की कमी के आधार पर किसी मतदाता का नाम काटना पूरी तरह गलत है। बताया कि एसआईआर अभियान के तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। जिन नागरिकों के पास उपलब्ध दस्तावेज हैं, उन्हें केवल किसी एक वैध कागजात को दिखाना होगा। इसके आधार पर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है। कहा कि यदि किसी कारणवश किसी मतदाता का नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू होती है, तो संबंधित व्यक्ति को दावा-आपत्ति अवधि में पूरा अवसर दिया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत वह अपना नाम पुनः जुड़वा सकेगा।
कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान
निर्वाचन विभाग गरीब, बुजुर्ग, अशिक्षित, दिव्यांग और प्रवासी मतदाताओं के मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरत रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने दो टूक कहा कि तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से किसी को भी मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। अंत में उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने क्षेत्र के बीएलओ अथवा तहसील स्तर के निर्वाचन कार्यालय से संपर्क बनाए रखें।
बॉक्स : आयोग के 13 वैध दस्तावेज — एक भी होगा पर्याप्त
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित निम्नलिखित दस्तावेजों में से कोई एक भी वैध होने पर मतदाता सूची में नाम शामिल किया जाएगा—
• केंद्र/राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी/पेंशनभोगी का पहचान पत्र या पेंशन आदेश
• 01 जुलाई 1987 से पूर्व जारी कोई सरकारी/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू अभिलेख
• जन्म प्रमाण पत्र
• पासपोर्ट
• मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय का शैक्षणिक प्रमाण पत्र
• स्थायी निवास प्रमाण पत्र
• वन अधिकार प्रमाण पत्र
• ओबीसी/एससी/एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण पत्र
• राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो)
• राज्य/स्थानीय निकाय द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर
• सरकारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र
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मतदाता सूची में नाम जुड़वाने व संशोधन का मौका छह फरवरी तक
उरई। जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रक्रिया के तहत जिन नागरिकों के नाम अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं या हट गए हैं, उन्हें नोटिस भेजे जा चुके हैं। ऐसे मतदाता स्वयं या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा या दुरुस्त करा सकते हैं। यह प्रक्रिया 6 फरवरी 2026 तक जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम एसआईआर में छूटे हैं, वे निर्धारित अवधि में दावा-आपत्ति कर सकते हैं। इसके लिए हेल्प डेस्क भी सक्रिय कर दी गई है, जहां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। इच्छुक मतदाता अपने बीएलओ से संपर्क कर भी आवेदन कर सकते हैं। (संवाद)
नए मतदाता भी जुड़वा सकेंगे नाम
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाता भी इस अवधि में अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं। इसके साथ ही मकान नंबर, आयु, लिंग, संबंध (पिता-माता का नाम) और फोटो जैसी त्रुटियों में सुधार का भी अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कमजोर, वृद्ध और अशक्त मतदाता यदि स्वयं बूथ तक नहीं आ सकते हैं, तो वे अपने परिजन या प्रतिनिधि के माध्यम से दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इनके लिए बूथों पर विशेष तिथियां भी निर्धारित की गई हैं।
मृत, शिफ्ट व डुप्लीकेट नाम हटाए जा रहे
इस अभियान के तहत मतदाता सूची से मृत, स्थान बदल चुके और डुप्लीकेट नामों को हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 31 जनवरी और 1 फरवरी को विशेष तिथियों पर भी नाम जोड़ने, संशोधन और हटाने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
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जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, न कि पात्र मतदाताओं को सूची से बाहर करना। दस्तावेजों की कमी के आधार पर किसी मतदाता का नाम काटना पूरी तरह गलत है। बताया कि एसआईआर अभियान के तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। जिन नागरिकों के पास उपलब्ध दस्तावेज हैं, उन्हें केवल किसी एक वैध कागजात को दिखाना होगा। इसके आधार पर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है। कहा कि यदि किसी कारणवश किसी मतदाता का नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू होती है, तो संबंधित व्यक्ति को दावा-आपत्ति अवधि में पूरा अवसर दिया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत वह अपना नाम पुनः जुड़वा सकेगा।
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कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान
निर्वाचन विभाग गरीब, बुजुर्ग, अशिक्षित, दिव्यांग और प्रवासी मतदाताओं के मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरत रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने दो टूक कहा कि तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से किसी को भी मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। अंत में उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने क्षेत्र के बीएलओ अथवा तहसील स्तर के निर्वाचन कार्यालय से संपर्क बनाए रखें।
बॉक्स : आयोग के 13 वैध दस्तावेज — एक भी होगा पर्याप्त
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित निम्नलिखित दस्तावेजों में से कोई एक भी वैध होने पर मतदाता सूची में नाम शामिल किया जाएगा—
• केंद्र/राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी/पेंशनभोगी का पहचान पत्र या पेंशन आदेश
• 01 जुलाई 1987 से पूर्व जारी कोई सरकारी/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू अभिलेख
• जन्म प्रमाण पत्र
• पासपोर्ट
• मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय का शैक्षणिक प्रमाण पत्र
• स्थायी निवास प्रमाण पत्र
• वन अधिकार प्रमाण पत्र
• ओबीसी/एससी/एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण पत्र
• राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो)
• राज्य/स्थानीय निकाय द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर
• सरकारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने व संशोधन का मौका छह फरवरी तक
उरई। जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रक्रिया के तहत जिन नागरिकों के नाम अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं या हट गए हैं, उन्हें नोटिस भेजे जा चुके हैं। ऐसे मतदाता स्वयं या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा या दुरुस्त करा सकते हैं। यह प्रक्रिया 6 फरवरी 2026 तक जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम एसआईआर में छूटे हैं, वे निर्धारित अवधि में दावा-आपत्ति कर सकते हैं। इसके लिए हेल्प डेस्क भी सक्रिय कर दी गई है, जहां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। इच्छुक मतदाता अपने बीएलओ से संपर्क कर भी आवेदन कर सकते हैं। (संवाद)
नए मतदाता भी जुड़वा सकेंगे नाम
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाता भी इस अवधि में अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं। इसके साथ ही मकान नंबर, आयु, लिंग, संबंध (पिता-माता का नाम) और फोटो जैसी त्रुटियों में सुधार का भी अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कमजोर, वृद्ध और अशक्त मतदाता यदि स्वयं बूथ तक नहीं आ सकते हैं, तो वे अपने परिजन या प्रतिनिधि के माध्यम से दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इनके लिए बूथों पर विशेष तिथियां भी निर्धारित की गई हैं।
मृत, शिफ्ट व डुप्लीकेट नाम हटाए जा रहे
इस अभियान के तहत मतदाता सूची से मृत, स्थान बदल चुके और डुप्लीकेट नामों को हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 31 जनवरी और 1 फरवरी को विशेष तिथियों पर भी नाम जोड़ने, संशोधन और हटाने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
