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Jalaun News: कोटेदार पर गिरी गाज, अनियमितता की जांच में आरोप सही
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माधौगढ़। नगर पंचायत रामपुरा में उचित दर विक्रेता रामप्रकाश के खिलाफ खाद्यान्न वितरण में अनियमितताओं की शिकायत जांच में सही पाए जाने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
बताया गया कि 18 अप्रैल 2026 को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में राजश्री व सनिल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कोटेदार बिना मुनादी के चुनिंदा लोगों को राशन देता है, लाभार्थियों से अंगूठा लगवाकर बाद में आने को कहता है और प्रति कार्डधारक करीब दो किलो खाद्यान्न कम दिया जाता है।
मामले को तूल तब मिला जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विक्रेता ई-कांटे की बजाय बांट से तौल करता नजर आया। शिकायत के आधार पर नायब तहसीलदार और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने संयुक्त जांच की।
प्रारंभिक जांच में कुछ कार्डधारकों ने विक्रेता के पक्ष में बयान दिए, लेकिन 23 अप्रैल को दोबारा जांच में 32 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। इनमें कई लोगों ने राशन कम मिलने, वितरण में देरी और अभद्र व्यवहार की पुष्टि की।
जांच के दौरान दुकान में खाद्यान्न का बड़ा अंतर भी मिला। करीब 22 बोरी गेहूं, तीन बोरी चावल और साढ़े चार बोरी ज्वार कम पाए गए, जिससे कालाबाजारी की आशंका और मजबूत हो गई।
अधिकारियों के अनुसार विक्रेता का कृत्य अनुबंध की शर्तों और उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु वितरण नियंत्रण आदेश 2016 का उल्लंघन है। जिलाधिकारी ने 24 अप्रैल 2026 को एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दे दी है। (संवाद)
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बताया गया कि 18 अप्रैल 2026 को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में राजश्री व सनिल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कोटेदार बिना मुनादी के चुनिंदा लोगों को राशन देता है, लाभार्थियों से अंगूठा लगवाकर बाद में आने को कहता है और प्रति कार्डधारक करीब दो किलो खाद्यान्न कम दिया जाता है।
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मामले को तूल तब मिला जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विक्रेता ई-कांटे की बजाय बांट से तौल करता नजर आया। शिकायत के आधार पर नायब तहसीलदार और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने संयुक्त जांच की।
प्रारंभिक जांच में कुछ कार्डधारकों ने विक्रेता के पक्ष में बयान दिए, लेकिन 23 अप्रैल को दोबारा जांच में 32 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। इनमें कई लोगों ने राशन कम मिलने, वितरण में देरी और अभद्र व्यवहार की पुष्टि की।
जांच के दौरान दुकान में खाद्यान्न का बड़ा अंतर भी मिला। करीब 22 बोरी गेहूं, तीन बोरी चावल और साढ़े चार बोरी ज्वार कम पाए गए, जिससे कालाबाजारी की आशंका और मजबूत हो गई।
अधिकारियों के अनुसार विक्रेता का कृत्य अनुबंध की शर्तों और उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु वितरण नियंत्रण आदेश 2016 का उल्लंघन है। जिलाधिकारी ने 24 अप्रैल 2026 को एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दे दी है। (संवाद)
