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Jalaun News: 11 हजार की कुश्ती भारत और बजरंगी के बीच बराबरी पर छूटी
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मुहम्मदाबाद। डकोर ब्लॉक के ग्राम बंधौली में अलख राम बाबा मंदिर के पास दो दिवसीय दंगल मेले का आयोजन पारंपरिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
पहली कुश्ती भारत पहलवान (सधारा) और बजरंगी पहलवान (अयोध्या) के बीच 11 हजार रुपये के इनाम के लिए हुई, जो लगभग 15 मिनट तक चली और अंततः बराबरी पर छूटी। इसके बाद, श्यामजी (झांसी) और बल्ली पहलवान (फिरोजाबाद) के बीच पांच हजार रुपये की कुश्ती खेली गई, जिसमें श्यामजी विजयी रहे। दीनदयाल (डिकौली) ने राजा (उन्नाव) को 3 हजार रुपये की कुश्ती में मात दी।
एक अन्य रोमांचक मुकाबले में, राहुल (कानपुर) और भूरा (आगरा) के बीच लगभग 20 मिनट तक चली कुश्ती को दर्शकों की मांग पर दोबारा कराया गया, जिसमें राहुल कानपुर ने जीत हासिल की। इस प्रकार, कुल मिलाकर एक दर्जन से अधिक कुश्तियां आयोजित की गईं, जिनमें पहलवानों ने अपनी शक्ति और कौशल का प्रदर्शन किया।
दंगल में रेफरी की भूमिका वीरपाल अहिरवार ने बखूबी निभाई, जबकि मानिकचंद महाराज ने संचालन का जिम्मा संभाला। दंगल के दूसरे दिन हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, बनारस, अयोध्या, झांसी, फिरोजाबाद, उन्नाव, कानपुर और आगरा जैसे शहरों से एक दर्जन से अधिक पहलवानों ने भाग लिया।
इससे पहले मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि करन सिंह और रामऔतार बाबूजी ने पहलवानों से हाथ मिलाकर किया। उन्होंने 11 हजार रुपये की कुश्ती से दंगल का आगाज कराया। ग्राम प्रधान रघुवीर महाते, रामचंद्र नन्ना और गोलू राजपूत के नेतृत्व में ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित इस दंगल में अतिथियों का स्वागत माला पहनाकर किया गया।
मेले की सफल व्यवस्थाओं में कुलदीप गौर, अमित राजपूत, प्रकाश राजपूत, बुद्धसिंह, महेंद्र राजपूत, मणि तिवारी, रिंकू ठाकुर, रवि राजपूत, रंजन सिंह, कुलदीप सिंह, राहुल द्विवेदी, इंद्रपाल राजपूत, राजू यादव और लालू राजपूत सहित कई ग्रामीणों ने सक्रिय योगदान दिया। इस आयोजन से स्थानीय खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला और पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक महत्वपूर्ण मंच मिला।
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पहली कुश्ती भारत पहलवान (सधारा) और बजरंगी पहलवान (अयोध्या) के बीच 11 हजार रुपये के इनाम के लिए हुई, जो लगभग 15 मिनट तक चली और अंततः बराबरी पर छूटी। इसके बाद, श्यामजी (झांसी) और बल्ली पहलवान (फिरोजाबाद) के बीच पांच हजार रुपये की कुश्ती खेली गई, जिसमें श्यामजी विजयी रहे। दीनदयाल (डिकौली) ने राजा (उन्नाव) को 3 हजार रुपये की कुश्ती में मात दी।
एक अन्य रोमांचक मुकाबले में, राहुल (कानपुर) और भूरा (आगरा) के बीच लगभग 20 मिनट तक चली कुश्ती को दर्शकों की मांग पर दोबारा कराया गया, जिसमें राहुल कानपुर ने जीत हासिल की। इस प्रकार, कुल मिलाकर एक दर्जन से अधिक कुश्तियां आयोजित की गईं, जिनमें पहलवानों ने अपनी शक्ति और कौशल का प्रदर्शन किया।
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दंगल में रेफरी की भूमिका वीरपाल अहिरवार ने बखूबी निभाई, जबकि मानिकचंद महाराज ने संचालन का जिम्मा संभाला। दंगल के दूसरे दिन हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, बनारस, अयोध्या, झांसी, फिरोजाबाद, उन्नाव, कानपुर और आगरा जैसे शहरों से एक दर्जन से अधिक पहलवानों ने भाग लिया।
इससे पहले मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि करन सिंह और रामऔतार बाबूजी ने पहलवानों से हाथ मिलाकर किया। उन्होंने 11 हजार रुपये की कुश्ती से दंगल का आगाज कराया। ग्राम प्रधान रघुवीर महाते, रामचंद्र नन्ना और गोलू राजपूत के नेतृत्व में ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित इस दंगल में अतिथियों का स्वागत माला पहनाकर किया गया।
मेले की सफल व्यवस्थाओं में कुलदीप गौर, अमित राजपूत, प्रकाश राजपूत, बुद्धसिंह, महेंद्र राजपूत, मणि तिवारी, रिंकू ठाकुर, रवि राजपूत, रंजन सिंह, कुलदीप सिंह, राहुल द्विवेदी, इंद्रपाल राजपूत, राजू यादव और लालू राजपूत सहित कई ग्रामीणों ने सक्रिय योगदान दिया। इस आयोजन से स्थानीय खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला और पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक महत्वपूर्ण मंच मिला।
