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Jalaun News: रेलवे ओवरब्रिज के कारण रास्ता बंद होने की आशंका को लेकर एसडीएम से मिले ग्रामीण
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कालपी। राज्य हाईवे संख्या 91 जोल्हुपुर–हमीरपुर मार्ग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज ग्रामीणों के लिए समस्या बनता जा रहा है। ओवरब्रिज निर्माण के कारण गांव तक पहुंचने वाला रास्ता बंद होने की आशंका को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने एसडीएम मनोज कुमार सिंह से मुलाकात कर समस्या बताई।
ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे किलोमीटर संख्या 1279 स्थित समपार फाटक संख्या 194-ए पर वर्ष 2016 में ओवरब्रिज निर्माण को स्वीकृति दी गई थी। इसके लिए 33 करोड़ 38 लाख 18 हजार रुपये का बजट मंजूर हुआ था। राज्य सेतु निर्माण निगम द्वारा वर्ष 2018 में कार्य प्रारंभ किया गया, जिसे वर्ष 2022 तक पूर्ण किया जाना था, लेकिन बजट समाप्त होने के कारण निर्माण कार्य अधूरा रह गया।
वर्ष 2022 में करीब 20 लाख रुपये अतिरिक्त स्वीकृत किए गए, जिससे केवल एक लेन का ही निर्माण हो सका। गत वर्ष यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए इसी एक लेन पर आवागमन शुरू किया गया, जबकि दूसरी लेन का निर्माण अभी भी लंबित है। इस मार्ग से खनिज परिवहन होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। भारी वाहनों के दबाव से ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त भी हो गया था, जिस कारण कुछ समय के लिए यातायात बंद करना पड़ा था।
क्षेत्रीय विधायक विनोद चतुर्वेदी की पहल पर शासन ने इस परियोजना के लिए करीब साढ़े सात करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया है। हालांकि काम शुरू होने से पहले ही ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि वर्तमान में ओवरब्रिज की केवल एक लेन बनी है। दूसरी लेन के निर्माण के लिए पिलर बनाना प्रस्तावित हैं, जिससे गांव को जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो सकता है। कुछ मकान भी निर्माण की जद में आ सकते हैं, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक कोई मुआवजा या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ओवरब्रिज का निर्माण इस प्रकार कराया जाए जिससे गांव का संपर्क मार्ग बाधित न हो और प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
ग्रामीणों का आवागमन बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई मकान सरकारी भूमि पर निर्मित पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज कुमार सिंह, एसडीएम, कालपी
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ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे किलोमीटर संख्या 1279 स्थित समपार फाटक संख्या 194-ए पर वर्ष 2016 में ओवरब्रिज निर्माण को स्वीकृति दी गई थी। इसके लिए 33 करोड़ 38 लाख 18 हजार रुपये का बजट मंजूर हुआ था। राज्य सेतु निर्माण निगम द्वारा वर्ष 2018 में कार्य प्रारंभ किया गया, जिसे वर्ष 2022 तक पूर्ण किया जाना था, लेकिन बजट समाप्त होने के कारण निर्माण कार्य अधूरा रह गया।
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वर्ष 2022 में करीब 20 लाख रुपये अतिरिक्त स्वीकृत किए गए, जिससे केवल एक लेन का ही निर्माण हो सका। गत वर्ष यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए इसी एक लेन पर आवागमन शुरू किया गया, जबकि दूसरी लेन का निर्माण अभी भी लंबित है। इस मार्ग से खनिज परिवहन होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। भारी वाहनों के दबाव से ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त भी हो गया था, जिस कारण कुछ समय के लिए यातायात बंद करना पड़ा था।
क्षेत्रीय विधायक विनोद चतुर्वेदी की पहल पर शासन ने इस परियोजना के लिए करीब साढ़े सात करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया है। हालांकि काम शुरू होने से पहले ही ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि वर्तमान में ओवरब्रिज की केवल एक लेन बनी है। दूसरी लेन के निर्माण के लिए पिलर बनाना प्रस्तावित हैं, जिससे गांव को जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो सकता है। कुछ मकान भी निर्माण की जद में आ सकते हैं, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक कोई मुआवजा या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ओवरब्रिज का निर्माण इस प्रकार कराया जाए जिससे गांव का संपर्क मार्ग बाधित न हो और प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
ग्रामीणों का आवागमन बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई मकान सरकारी भूमि पर निर्मित पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज कुमार सिंह, एसडीएम, कालपी
