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Jalaun News: 20 दिन में उखड़ गई सड़क, ठेकेदार ने झाड़ू लगवाकर की लीपापोती
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मुहम्मदाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वर्ष 2022 में विकास कार्यों के लिए सराहे गए ऐरी रमपुरा गांव में सरकारी निर्माण की हकीकत सामने आ गई है। मंडी समिति की ओर से बनाई गई करीब तीन किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क महज 20 दिन में उखड़ गई। यह वही सड़क है जो गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ती है। मामले को अमर उजाला ने 2 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
खबर प्रकाशित होने के बाद ठेकेदार ने मौके पर स्वयं पहुंचने के बजाय दो-तीन मजदूर भेजकर सड़क पर झाड़ू लगवाकर लीपापोती करा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर डाली गई गिट्टी को झाड़ू से अलग कर दिया गया। इससे नीचे की पुरानी सड़क साफ दिखाई देने लगी है। इसके बावजूद गिट्टी रोज खील-दाने की तरह फैल रही है, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की गई है, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी जांच के लिए नहीं पहुंचा। ठेकेदार की ओर से की गई इस औपचारिक कार्रवाई से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि इस सड़क की गुणवत्ता की पूरी जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त किया जाए।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस सड़क के निर्माण के लिए उन्होंने वर्षों तक शिकायतें की थीं। जब सड़क बनी तो 20 दिन भी नहीं चल सकी। ऐसे घटिया निर्माण पर संबंधित अधिकारियों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने लगाए ठेकेदार पर आरोप
सड़क मंडी समिति से बनी है, लेकिन डामर का नामोनिशान तक नहीं है। 20 दिन में सड़क उखड़ जाना अपने आप में घोटाले की ओर इशारा करता है। रामदेवी ने कहा कि जब गांव को मॉडल के रूप में दिखाना होता है तो यही गांव चुना जाता है, लेकिन सड़क उखड़ने के बाद भी जांच के लिए कोई टीम नहीं बनाई जा रही।
- हरी सिंह पाल
करीब 30 से 40 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क 20 दिन भी नहीं चल सकी। इस सड़क पर बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। न सड़क के किनारे मिट्टी का भराव कराया गया और न ही मानक के अनुसार निर्माण हुआ। जरूरत पड़ी तो ग्रामीण इस मामले को मुख्यमंत्री दरबार तक ले जाएंगे।
- शिव कुमार
ठेकेदार को इतना भी डर नहीं था कि यह मुख्यमंत्री इस गांव में खास नजर है। इसके अलावा प्रभारी मंत्री भी कुछ दिन पहले ही आए थे उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था की ऐरी रामपुर जैसा गांव पूरे प्रदेश में बनाना है। उन्होंने यह भी कहा था जिसको देखना है तो हमारा डाकोर ब्लॉक का ऐरी रामपुर गांव जाकर देखें, लेकिन ठेकेदार की वजह से सरकार की किरकिरी हो रही है।
- जियालाल
इस गांव में कराए गए विकास से अधिकतर अधिकारी यहां आते रहते हैं, डकोर ब्लॉक का यह सबसे सुंदर व विकसित गांव है, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदारों को डर नहीं है और वह मनमर्जी से सड़क का निर्माण कर रहे हैं, इससे सड़क उखड़ने लगी है। जांच होना चाहिए।
मामला संज्ञान में है। ठेकेदार से बात करके उसे सही करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही सड़क को सही करा दिया जाएगा।
- सतीश कुमार, जेई, मंडी समिति
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खबर प्रकाशित होने के बाद ठेकेदार ने मौके पर स्वयं पहुंचने के बजाय दो-तीन मजदूर भेजकर सड़क पर झाड़ू लगवाकर लीपापोती करा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर डाली गई गिट्टी को झाड़ू से अलग कर दिया गया। इससे नीचे की पुरानी सड़क साफ दिखाई देने लगी है। इसके बावजूद गिट्टी रोज खील-दाने की तरह फैल रही है, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की गई है, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी जांच के लिए नहीं पहुंचा। ठेकेदार की ओर से की गई इस औपचारिक कार्रवाई से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि इस सड़क की गुणवत्ता की पूरी जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त किया जाए।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस सड़क के निर्माण के लिए उन्होंने वर्षों तक शिकायतें की थीं। जब सड़क बनी तो 20 दिन भी नहीं चल सकी। ऐसे घटिया निर्माण पर संबंधित अधिकारियों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने लगाए ठेकेदार पर आरोप
सड़क मंडी समिति से बनी है, लेकिन डामर का नामोनिशान तक नहीं है। 20 दिन में सड़क उखड़ जाना अपने आप में घोटाले की ओर इशारा करता है। रामदेवी ने कहा कि जब गांव को मॉडल के रूप में दिखाना होता है तो यही गांव चुना जाता है, लेकिन सड़क उखड़ने के बाद भी जांच के लिए कोई टीम नहीं बनाई जा रही।
- हरी सिंह पाल
करीब 30 से 40 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क 20 दिन भी नहीं चल सकी। इस सड़क पर बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। न सड़क के किनारे मिट्टी का भराव कराया गया और न ही मानक के अनुसार निर्माण हुआ। जरूरत पड़ी तो ग्रामीण इस मामले को मुख्यमंत्री दरबार तक ले जाएंगे।
- शिव कुमार
ठेकेदार को इतना भी डर नहीं था कि यह मुख्यमंत्री इस गांव में खास नजर है। इसके अलावा प्रभारी मंत्री भी कुछ दिन पहले ही आए थे उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था की ऐरी रामपुर जैसा गांव पूरे प्रदेश में बनाना है। उन्होंने यह भी कहा था जिसको देखना है तो हमारा डाकोर ब्लॉक का ऐरी रामपुर गांव जाकर देखें, लेकिन ठेकेदार की वजह से सरकार की किरकिरी हो रही है।
- जियालाल
इस गांव में कराए गए विकास से अधिकतर अधिकारी यहां आते रहते हैं, डकोर ब्लॉक का यह सबसे सुंदर व विकसित गांव है, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदारों को डर नहीं है और वह मनमर्जी से सड़क का निर्माण कर रहे हैं, इससे सड़क उखड़ने लगी है। जांच होना चाहिए।
मामला संज्ञान में है। ठेकेदार से बात करके उसे सही करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही सड़क को सही करा दिया जाएगा।
- सतीश कुमार, जेई, मंडी समिति
