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Jaunpur News: 4858 टीबी पीड़ितों को छह महीने से नहीं हुआ भुगतान, 1.45 करोड़ का पोषण भत्ता लंबित
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-पीड़ित छह महीने से पैसे के लिए लगा रहे कार्यालय के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। 4858 टीबी पीड़ितों को मिलने वाला 1000 रुपये के पोषण भत्ते का छह महीने से भुगतान नहीं हुआ। भत्ते का एक करोड़ 45 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। भत्ते के लिए पीड़ित जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि पोर्टल अपडेट और तकनीकी समस्याओं के कारण से भुगतान रुका हुआ है। इससे पीड़ितों के इलाज और पोषण पर बुरा असर पड़ रहा है। पीड़ित आर्थिक तंगी झेल रहे हैं।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जौनपुर में 9113 मरीज चिह्नित किए गए हैं। इन मरीजों को स्वास्थ्य विभाग हर महीने पोषण के लिए 1000 रुपये देता है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार टीबी पीड़ितों को इलाज के दौरान हर महीने सहायता राशि खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। जिले में टीबी की जांच और इलाज के लिए केंद्रों पर मरीजों की जांच के बाद टीबी की पुष्टि होने पर उनका पंजीकरण निक्षय पोर्टल पर किया जाता है। चिह्नित मरीजों को यह पैसा उनके खाते में सीधे भेजा जाता है। इसमें से करीब 4255 मरीजों को पोषण भत्ते का भुगतान कर दिया गया है। अभी 4858 ऐसे हैं जिनको विगत छह महीने से भत्ते का भुगतान नहीं किया गया है। टीबी का इलाज सामान्यतः छह से नौ महीने तक चलता है। इस दौरान मरीजों को नियमित रूप से दवाएं लेनी होती हैं। साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार भी जरूरी होता है।
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जिला अस्पताल में होती है मुफ्त जांच
टीबी के चिह्नित मरीजों की नियमित रूप से जांच कर उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जाती है। टीबी अस्पताल में मरीजों के जांच की व्यवस्था है। जांच के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता है। शासन की ओर इलाज के लिए मुफ्त में दवाएं दी जाती हैं। जिला अस्पताल के इसके अलावा 22 सीएचसी पर भी जांच की सुविधा है।
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वर्जन
टीबी पीड़ितों के पोषण के लिए मिलने वाले पोषण भत्ते के लिए शासन स्तर पर डिमांड भेजी जा चुकी है। बजट के अभाव में फिलहाल भुगतान नहीं हो पाया है। सभी के बाउचर तैयार हैं। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, डीबीटी से पात्र मरीजों के खातों में राशि भेजी जाएगी।-डॉ. विशाल यादव, जिला क्षय रोग अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। 4858 टीबी पीड़ितों को मिलने वाला 1000 रुपये के पोषण भत्ते का छह महीने से भुगतान नहीं हुआ। भत्ते का एक करोड़ 45 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। भत्ते के लिए पीड़ित जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि पोर्टल अपडेट और तकनीकी समस्याओं के कारण से भुगतान रुका हुआ है। इससे पीड़ितों के इलाज और पोषण पर बुरा असर पड़ रहा है। पीड़ित आर्थिक तंगी झेल रहे हैं।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जौनपुर में 9113 मरीज चिह्नित किए गए हैं। इन मरीजों को स्वास्थ्य विभाग हर महीने पोषण के लिए 1000 रुपये देता है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार टीबी पीड़ितों को इलाज के दौरान हर महीने सहायता राशि खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। जिले में टीबी की जांच और इलाज के लिए केंद्रों पर मरीजों की जांच के बाद टीबी की पुष्टि होने पर उनका पंजीकरण निक्षय पोर्टल पर किया जाता है। चिह्नित मरीजों को यह पैसा उनके खाते में सीधे भेजा जाता है। इसमें से करीब 4255 मरीजों को पोषण भत्ते का भुगतान कर दिया गया है। अभी 4858 ऐसे हैं जिनको विगत छह महीने से भत्ते का भुगतान नहीं किया गया है। टीबी का इलाज सामान्यतः छह से नौ महीने तक चलता है। इस दौरान मरीजों को नियमित रूप से दवाएं लेनी होती हैं। साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार भी जरूरी होता है।
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जिला अस्पताल में होती है मुफ्त जांच
टीबी के चिह्नित मरीजों की नियमित रूप से जांच कर उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जाती है। टीबी अस्पताल में मरीजों के जांच की व्यवस्था है। जांच के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता है। शासन की ओर इलाज के लिए मुफ्त में दवाएं दी जाती हैं। जिला अस्पताल के इसके अलावा 22 सीएचसी पर भी जांच की सुविधा है।
वर्जन
टीबी पीड़ितों के पोषण के लिए मिलने वाले पोषण भत्ते के लिए शासन स्तर पर डिमांड भेजी जा चुकी है। बजट के अभाव में फिलहाल भुगतान नहीं हो पाया है। सभी के बाउचर तैयार हैं। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, डीबीटी से पात्र मरीजों के खातों में राशि भेजी जाएगी।-डॉ. विशाल यादव, जिला क्षय रोग अधिकारी
