फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Commonwealth Games Jaunpur Rohit Yadav misses out on medal unable to replicate his personal best performance

कॉमनवेल्थ गेम्स: फाइनल तक पहुंचे रोहित यादव, पदक से चूके लेकिन रचा नया मुकाम; गोल्ड की उम्मीद बरकरार

Sat, 01 Aug 2026 08:45 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 01 Aug 2026 08:45 AM IST
सार

Jaunpur News: कॉमनवेल्थ गेम्स की जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता के फाइनल तक जौनपुर के रोहित यादव पहुंचे, लेकिन पदक से चूक गए। उनके फाइनल तक के सफर को लेकर गांव में जश्न का माहौल है। 

विज्ञापन
Commonwealth Games Jaunpur Rohit Yadav misses out on medal unable to replicate his personal best performance
लैपटॉप पर प्रतियोगिता देखते परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) की जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता के फाइनल में एथलीट रोहित यादव पदक जीतने से चूक गए। हालांकि, फाइनल तक पहुंचने की उनकी उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है। प्रतियोगिता में भारत को दो पदक मिले। नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर भाला फेंककर रजत पदक जीता, जबकि यशबीर सिंह ने अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।

विज्ञापन


अदारी-डभिया गांव निवासी सभाजीत यादव के बेटे रोहित यादव ने 12 खिलाड़ियों के बीच हुए फाइनल मुकाबले में 81.56 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए सातवां स्थान हासिल किया। हाल ही में उन्होंने 87.05 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। यदि वह इस प्रदर्शन को दोहरा पाते तो पदक की दौड़ में मजबूत दावेदार माने जा रहे थे।

विज्ञापन

रातभर टीवी और लैपटॉप पर टिकी रहीं निगाहें
रोहित का मुकाबला देखने के लिए अदारी-डभिया गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में देर रात तक उत्साह का माहौल रहा। परिजन रात 12 बजे से ही लैपटॉप के सामने बैठ गए थे। मुकाबला रात 12:45 बजे शुरू होकर तड़के करीब 2:20 बजे तक चला। गांव के लोग और रिश्तेदार पूरी प्रतियोगिता के दौरान टीवी और लैपटॉप की स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रहे।

'हार-जीत खेल का हिस्सा, रोहित जरूर जीतेगा गोल्ड'
रोहित के पिता सभाजीत यादव ने कहा, "समुद्र किनारे तेज हवा चलने के कारण भाला सही दिशा में नहीं जा सका। खेल में हार-जीत लगी रहती है। अभी कई बड़ी प्रतियोगिताएं बाकी हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि रोहित एक दिन देश के लिए स्वर्ण पदक जरूर जीतेगा।"

गांव के पूर्व प्रधान रामआसरे यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के फाइनल तक पहुंचना ही बड़ी उपलब्धि है। इस बार पदक नहीं मिला, लेकिन रोहित का भविष्य उज्ज्वल है और वह आगे चलकर देश का नाम जरूर रोशन करेगा।

रोहित भले ही इस बार पोडियम तक नहीं पहुंच सके, लेकिन गांव और जिले के लोगों का विश्वास कायम है कि यह उनके लंबे खेल सफर का केवल एक पड़ाव है और आने वाले वर्षों में वह देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed