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Jhansi News: गोवा एक्सप्रेस में यात्री की मौत, 692 किमी दूर झांसी में उतारा गया शव
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। गोवा एक्सप्रेस के जनरल कोच में 45 वर्षीय यात्री का शव 692 किलोमीटर तक सफर करता रहा। मृतक के भाई की सूचना पर झांसी स्टेशन पर आरपीएफ व जीआरपी ने शव को कोच से उतारा। यात्री बीमार चल रहा था। परिजनों ने झांसी में शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार करते हुए शव साथ ले जाने की इच्छा जाहिर की। जीआरपी ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
वास्कोडिगामा से चलकर हजरज निजामुद्दीन जा रही गोवा एक्सप्रेस (12779) के जनरल कोच में गोवा के उरलम वास्कोडिगामा में रहने वाले लालसाब आर यादव (45) पुत्र राजाराम वास्कोडिगामा से इटावा जा रहे थे। वे वास्कोडिगामा में एक फैक्ट्री में काम करते थे। बीमार होने के कारण वह साथी के साथ जनरल कोच में इटावा के लिए गोवा एक्सप्रेस में सवार हुए थे। भुसावल के पास अचानक हालत बिगड़ने पर लालसाहब की मौत हो गई। मृतक के भाई जौनपुर के गांव नसीराबाद थाना जलालपुर में रहने वाले अखिलेश यादव ने बताया कि लालसाब की मौत की सूचना उनके साथ यात्रा कर रहे साथी ने दी। अखिलेश ने बताया कि सूचना पाकर वह झांसी पहुंचे। यहां रात 22.49 बजे डिप्टी एसएस को सूचना दी। डिप्टी एसएस ने जीआरपी व आरपीएफ को जानकारी दी। 28 जनवरी की रात 12.10 बजे ट्रेन के झांसी आने पर यहां शव को उतारा गया। परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम से इंकार करने पर जीआरपी ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जीआरपी प्रभारी रावेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मृतक लालसाब आर यादव बीमार चल रहा था। भुसावल के पास उसकी मौत हो गई थी। लेकिन, परेशानी से बचने के बाद उसके साथ यात्रा कर रहे साथी ने इसकी सूचना बीच रास्ते में किसी को नहीं दी। झांसी में सूचना मिलने पर शव को उतारकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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कैंसर से जूझ रही मृतक की पत्नी
अखिलेश यादव ने बताया कि उसका भाई बीमार था। उसके 21 साल की बेटी व 18 साल का बेटा है। जबकि पत्नी कैंसर रोग से पीड़ित है। अखिलेश ने बताया कि भाई पिछले काफी समय से वास्कोडिगामा में मकान लेकर रह रहा था। लेकिन, बीमारी के कारण परेशान होकर 27 जनवरी को साथी के साथ लौट रहा था। साथी ने ही फोन कर भाई की मौत भुसावल में होने की सूचना दी थी। करीब 12 घंटे बाद ट्रेन के झांसी आने की सूचना पर वह जौनपुर से झांसी आया। यहां उसने ट्रेन में शव आने की सूचना दी थी।
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वास्कोडिगामा से चलकर हजरज निजामुद्दीन जा रही गोवा एक्सप्रेस (12779) के जनरल कोच में गोवा के उरलम वास्कोडिगामा में रहने वाले लालसाब आर यादव (45) पुत्र राजाराम वास्कोडिगामा से इटावा जा रहे थे। वे वास्कोडिगामा में एक फैक्ट्री में काम करते थे। बीमार होने के कारण वह साथी के साथ जनरल कोच में इटावा के लिए गोवा एक्सप्रेस में सवार हुए थे। भुसावल के पास अचानक हालत बिगड़ने पर लालसाहब की मौत हो गई। मृतक के भाई जौनपुर के गांव नसीराबाद थाना जलालपुर में रहने वाले अखिलेश यादव ने बताया कि लालसाब की मौत की सूचना उनके साथ यात्रा कर रहे साथी ने दी। अखिलेश ने बताया कि सूचना पाकर वह झांसी पहुंचे। यहां रात 22.49 बजे डिप्टी एसएस को सूचना दी। डिप्टी एसएस ने जीआरपी व आरपीएफ को जानकारी दी। 28 जनवरी की रात 12.10 बजे ट्रेन के झांसी आने पर यहां शव को उतारा गया। परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम से इंकार करने पर जीआरपी ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जीआरपी प्रभारी रावेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मृतक लालसाब आर यादव बीमार चल रहा था। भुसावल के पास उसकी मौत हो गई थी। लेकिन, परेशानी से बचने के बाद उसके साथ यात्रा कर रहे साथी ने इसकी सूचना बीच रास्ते में किसी को नहीं दी। झांसी में सूचना मिलने पर शव को उतारकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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कैंसर से जूझ रही मृतक की पत्नी
अखिलेश यादव ने बताया कि उसका भाई बीमार था। उसके 21 साल की बेटी व 18 साल का बेटा है। जबकि पत्नी कैंसर रोग से पीड़ित है। अखिलेश ने बताया कि भाई पिछले काफी समय से वास्कोडिगामा में मकान लेकर रह रहा था। लेकिन, बीमारी के कारण परेशान होकर 27 जनवरी को साथी के साथ लौट रहा था। साथी ने ही फोन कर भाई की मौत भुसावल में होने की सूचना दी थी। करीब 12 घंटे बाद ट्रेन के झांसी आने की सूचना पर वह जौनपुर से झांसी आया। यहां उसने ट्रेन में शव आने की सूचना दी थी।
