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बीएड प्रवेश परीक्षा: बीयू के केंद्र में सामने आई लापरवाही, कई परीक्षार्थी ले गए प्रश्नपत्र, बाद में कराए जमा
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Mon, 01 Jun 2026 06:05 AM IST
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सार
एक कक्ष में परीक्षा दे रहे 121 परीक्षार्थियों में कई ओएमआर शीट जमा करने के बाद प्रश्नपत्र लेकर ही चले गए। सूचना पर बीयू प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। बाद में परीक्षार्थियों से संपर्क कर पेपर जमा कराए गए।
बीयू, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन में बने केंद्र में बीएड परीक्षा के दौरान लापरवाही सामने आई। एक कक्ष में परीक्षा दे रहे 121 परीक्षार्थियों में कई ओएमआर शीट जमा करने के बाद प्रश्नपत्र लेकर ही चले गए। नियमानुसार परीक्षार्थियों से ओएमआर शीट के साथ पेपर भी जमा करवाया जाना था। सूचना पर बीयू प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। बाद में परीक्षार्थियों से संपर्क कर पेपर जमा कराए गए।
यह मामला पहली पाली की परीक्षा में सामने आया। सुबह नौ की पाली में परीक्षा शुरू होने के बाद दोपहर 12 बजे तक चली। परीक्षा समाप्ति के बाद सभी कक्षों में परीक्षार्थियों से ओएमआर शीट के साथ प्रश्नपत्र भी जमा करवाया जाने लगा लेकिन संख्या 106 में स्टाफ की लापरवाही सामने आई। यहां कई परीक्षार्थियों ने ओएमआर शीट तो जमा की लेकिन प्रश्नपत्र अपने साथ लेकर केंद्र से बाहर निकल गए। बाद में जांच-पड़ताल हुई तो ओएमआर शीट की तुलना में प्रश्नपत्रों की संख्या कम मिली। इससे स्टाफ के होश उड़ गए। बताया गया कि बीयू अधिकारियों तक सूचना पहुंची तो आनन-फानन वह भी परीक्षा भवन पहुंचे। अधिकारियों ने स्टाफ से नाराजगी जताई। चूंकि, पहली पाली में शामिल परीक्षार्थियों को ही दूसरी पाली की भी परीक्षा में शामिल होना था। ऐसे में परीक्षार्थियों से संपर्क करना शुरू किया गया। दूसरी पाली की परीक्षा से पहले परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र जमा करवाए गए। चर्चा तो ये भी है कि परीक्षार्थियों से लिखित में यह भी लिखवाया गया कि जानकारी के अभाव में वह गलती से प्रश्नपत्र ले गए थे। हालांकि, बीयू प्रशासन की ओर से परीक्षार्थियों से किसी तरह का शपथपत्र लेने की बात से इंकार किया जा रहा है। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि सिर्फ पांच परीक्षार्थी प्रश्नपत्र साथ ले गए थे। कुछ समय बाद उन सभी परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र जमा करवाया।
18 हजार से ज्यादा अलर्ट, 2200 से ज्यादा बार कॉल
सभी केंद्रों पर वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। इसके जरिये बीयू ने सभी केंद्रों से परीक्षा के दौरान संपर्क किया। केंद्रों ने अपनी समस्याओं के लिए बीयू से संपर्क स्थापित किया। बायोमेट्रिक फिंगर प्रिंट, स्केनिंग और एआई आधारित चेहरे की पहचान तंत्र से अनाधिकृत अभ्यर्थियों की पहचान जा सकती है। इसी क्रम में बीयू के कंट्रोल रूम में 18,276 अलर्ट आए। इस पर 2200 से ज्यादा बार कॉल की गईं।
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कंट्रोल रूम का अधिकारियों ने लिया जायजा
परीक्षा के दौरान बीयू स्थित कंट्रोल रूम का आयुक्त बिमल कुमार दुबे, डीएम गौरांग राठी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एडीएम शिव प्रताप शुक्ला, सीडीओ रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने निरीक्षण किया। डीएम ने परीक्षा केंद्र का भी जायजा लिया। कंट्रोल रूम से कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय, कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर, मुख्य सलाहकार प्रो. एसपी सिंह, राज्य समन्वयक प्रो. सौरभ श्रीवास्तव आदि भी निगरानी करते रहे।
यह मामला पहली पाली की परीक्षा में सामने आया। सुबह नौ की पाली में परीक्षा शुरू होने के बाद दोपहर 12 बजे तक चली। परीक्षा समाप्ति के बाद सभी कक्षों में परीक्षार्थियों से ओएमआर शीट के साथ प्रश्नपत्र भी जमा करवाया जाने लगा लेकिन संख्या 106 में स्टाफ की लापरवाही सामने आई। यहां कई परीक्षार्थियों ने ओएमआर शीट तो जमा की लेकिन प्रश्नपत्र अपने साथ लेकर केंद्र से बाहर निकल गए। बाद में जांच-पड़ताल हुई तो ओएमआर शीट की तुलना में प्रश्नपत्रों की संख्या कम मिली। इससे स्टाफ के होश उड़ गए। बताया गया कि बीयू अधिकारियों तक सूचना पहुंची तो आनन-फानन वह भी परीक्षा भवन पहुंचे। अधिकारियों ने स्टाफ से नाराजगी जताई। चूंकि, पहली पाली में शामिल परीक्षार्थियों को ही दूसरी पाली की भी परीक्षा में शामिल होना था। ऐसे में परीक्षार्थियों से संपर्क करना शुरू किया गया। दूसरी पाली की परीक्षा से पहले परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र जमा करवाए गए। चर्चा तो ये भी है कि परीक्षार्थियों से लिखित में यह भी लिखवाया गया कि जानकारी के अभाव में वह गलती से प्रश्नपत्र ले गए थे। हालांकि, बीयू प्रशासन की ओर से परीक्षार्थियों से किसी तरह का शपथपत्र लेने की बात से इंकार किया जा रहा है। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि सिर्फ पांच परीक्षार्थी प्रश्नपत्र साथ ले गए थे। कुछ समय बाद उन सभी परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र जमा करवाया।
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18 हजार से ज्यादा अलर्ट, 2200 से ज्यादा बार कॉल
सभी केंद्रों पर वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। इसके जरिये बीयू ने सभी केंद्रों से परीक्षा के दौरान संपर्क किया। केंद्रों ने अपनी समस्याओं के लिए बीयू से संपर्क स्थापित किया। बायोमेट्रिक फिंगर प्रिंट, स्केनिंग और एआई आधारित चेहरे की पहचान तंत्र से अनाधिकृत अभ्यर्थियों की पहचान जा सकती है। इसी क्रम में बीयू के कंट्रोल रूम में 18,276 अलर्ट आए। इस पर 2200 से ज्यादा बार कॉल की गईं।
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परीक्षा के दौरान बीयू स्थित कंट्रोल रूम का आयुक्त बिमल कुमार दुबे, डीएम गौरांग राठी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एडीएम शिव प्रताप शुक्ला, सीडीओ रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने निरीक्षण किया। डीएम ने परीक्षा केंद्र का भी जायजा लिया। कंट्रोल रूम से कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय, कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर, मुख्य सलाहकार प्रो. एसपी सिंह, राज्य समन्वयक प्रो. सौरभ श्रीवास्तव आदि भी निगरानी करते रहे।