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Jhansi News: शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर कारोबारी से 11.25 लाख रुपये ठगे
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झांसी। शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने झोकनबाग निवासी व्यापारी विशाल छावड़ा से 11.25 लाख रुपये ठग लिए। एप से पैसा न निकाल पाने पर विशाल को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में अज्ञात जालसाजों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कारोबारी विशाल छावड़ा ने पुलिस को बताया कि 5 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया। मैसेज भेजने वाली ने अपना नाम शिखा शर्मा बताते हुए शेयर मार्केट में एआई के माध्यम से मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया। उनकी बातों पर भरोसा करके विशाल शेयर मार्केट में रकम लगाने को राजी हो गए।
11 सितंबर को उन्होंने ऑनलाइन फॉर्म भरकर शिखा के बताए ग्रुप को ज्वाइन कर लिया। इसके बाद उन्हें गूगल प्ले स्टोर से एक एप डाउनलोड कराया गया। 13 सितंबर को एसआईजी ग्रुप के खाते में 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद उनके बताए अलग-अलग बैंक खातों में 30 सितंबर तक कुल 11.25 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। विशाल का कहना है कि जिस एप को डाउनलोड कराया गया था, उसमें उनके निवेश की रकम रोजाना बढ़ती दिख रही थी। उन्होंने 30 सितंबर को 20 लाख रुपये निकालने का रिक्वेस्ट डाली लेकिन, रकम खाते में नहीं आई।
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5 अक्तूबर को बताया गया कि बैंक ने उनका खाता ब्लॉक कर दिया है। पैसा निकालने के लिए बैंक मैनेजर दो लाख रुपये रिश्वत मांग रहा है। पैसा न निकलने पर विशाल को ठगी का संदेह हुआ। उनका कहना है कि उनको ग्रुप से भी रिमूव कर दिया गया। फोन करने पर सभी फोन नंबर भी बंद मिले। साइबर धोखाधड़ी का संदेह होने पर उन्होंने पोर्टल में भी शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाना प्रभारी सत्येंद्र यादव के मुताबिक तहरीर के आधार अज्ञात जालसाजों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच कराई जा रही है।
शेयर बाजार के नाम पर ठगी से बचने के उपाय
साइबर विशेषज्ञ डाॅ. राजीव त्रिपाठी के मुताबिक साइबर दुनिया में लालच अथवा डर की वजह से ही लोग जालसाजी का शिकार होते हैं। ऐसे में साइबर दुनिया में इन चीजों से बचने की आवश्यकता है। उन्होंने यह सावधानी भी बरतने की सलाह दी है।
- शेयर बाजार में निश्चित या गारंटीड मुनाफे का दावा करने वालों से सावधान रहें।
- व्हाट्सएप ग्रुप पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। अनजान लोगों के निवेश संबंधी संदेश, वीआईपी ग्रुप और एक्सक्लूसिव स्टॉक टिप्स के झांसे में न आएं।
- ट्रेडिंग एप की जांच करें। किसी अनजान लिंक से एप डाउनलोड न करें। निवेश से पहले संबंधित ब्रोकर और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की वैधता जांचें।
- निजी बैंक खातों में रुपये न भेजें। निवेश के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति या असंबंधित कंपनी के खाते में रकम ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच करें।
- एप पर दिख रहे मुनाफे को सच न मानें। फर्जी एप में बढ़ता बैलेंस दिखाकर लोगों को रकम जमा करने के लिए उकसाया जाता है।
- पैसे निकालने के नाम पर अतिरिक्त रकम न दें। मुनाफा निकालने के लिए टैक्स, कमीशन या खाते को अनब्लॉक करने के नाम पर अनजान खातों में भुगतान करने से पहले सत्यापन करें।
- उधार लेकर निवेश करने से बचें। किसी अनजान व्यक्ति की सलाह पर कर्ज लेकर या अपनी बचत जोखिम में डालकर निवेश न करें।
- ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें। बैंक को सूचना दें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।
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कारोबारी विशाल छावड़ा ने पुलिस को बताया कि 5 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया। मैसेज भेजने वाली ने अपना नाम शिखा शर्मा बताते हुए शेयर मार्केट में एआई के माध्यम से मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया। उनकी बातों पर भरोसा करके विशाल शेयर मार्केट में रकम लगाने को राजी हो गए।
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11 सितंबर को उन्होंने ऑनलाइन फॉर्म भरकर शिखा के बताए ग्रुप को ज्वाइन कर लिया। इसके बाद उन्हें गूगल प्ले स्टोर से एक एप डाउनलोड कराया गया। 13 सितंबर को एसआईजी ग्रुप के खाते में 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद उनके बताए अलग-अलग बैंक खातों में 30 सितंबर तक कुल 11.25 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। विशाल का कहना है कि जिस एप को डाउनलोड कराया गया था, उसमें उनके निवेश की रकम रोजाना बढ़ती दिख रही थी। उन्होंने 30 सितंबर को 20 लाख रुपये निकालने का रिक्वेस्ट डाली लेकिन, रकम खाते में नहीं आई।
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5 अक्तूबर को बताया गया कि बैंक ने उनका खाता ब्लॉक कर दिया है। पैसा निकालने के लिए बैंक मैनेजर दो लाख रुपये रिश्वत मांग रहा है। पैसा न निकलने पर विशाल को ठगी का संदेह हुआ। उनका कहना है कि उनको ग्रुप से भी रिमूव कर दिया गया। फोन करने पर सभी फोन नंबर भी बंद मिले। साइबर धोखाधड़ी का संदेह होने पर उन्होंने पोर्टल में भी शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाना प्रभारी सत्येंद्र यादव के मुताबिक तहरीर के आधार अज्ञात जालसाजों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच कराई जा रही है।
शेयर बाजार के नाम पर ठगी से बचने के उपाय
साइबर विशेषज्ञ डाॅ. राजीव त्रिपाठी के मुताबिक साइबर दुनिया में लालच अथवा डर की वजह से ही लोग जालसाजी का शिकार होते हैं। ऐसे में साइबर दुनिया में इन चीजों से बचने की आवश्यकता है। उन्होंने यह सावधानी भी बरतने की सलाह दी है।
- शेयर बाजार में निश्चित या गारंटीड मुनाफे का दावा करने वालों से सावधान रहें।
- व्हाट्सएप ग्रुप पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। अनजान लोगों के निवेश संबंधी संदेश, वीआईपी ग्रुप और एक्सक्लूसिव स्टॉक टिप्स के झांसे में न आएं।
- ट्रेडिंग एप की जांच करें। किसी अनजान लिंक से एप डाउनलोड न करें। निवेश से पहले संबंधित ब्रोकर और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की वैधता जांचें।
- निजी बैंक खातों में रुपये न भेजें। निवेश के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति या असंबंधित कंपनी के खाते में रकम ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच करें।
- एप पर दिख रहे मुनाफे को सच न मानें। फर्जी एप में बढ़ता बैलेंस दिखाकर लोगों को रकम जमा करने के लिए उकसाया जाता है।
- पैसे निकालने के नाम पर अतिरिक्त रकम न दें। मुनाफा निकालने के लिए टैक्स, कमीशन या खाते को अनब्लॉक करने के नाम पर अनजान खातों में भुगतान करने से पहले सत्यापन करें।
- उधार लेकर निवेश करने से बचें। किसी अनजान व्यक्ति की सलाह पर कर्ज लेकर या अपनी बचत जोखिम में डालकर निवेश न करें।
- ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें। बैंक को सूचना दें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।