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Jhansi News: करोड़ों के ठेके, जीएसटी रिटर्न में शून्य कारोबार
Thu, 06 Aug 2026 02:38 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Thu, 06 Aug 2026 02:38 AM IST
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झांसी। सरकारी विभागों में करोड़ों रुपये के ठेके लेकर भुगतान पाने वाले कुछ ठेकेदार जीएसटी रिटर्न में कारोबार शून्य दिखा रहे हैं। राज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की जांच में यह मामला सामने आने के बाद परिक्षेत्र के सात बड़े सरकारी ठेकेदारों की फर्मों को रडार पर लेकर गहन छानबीन शुरू कर दी गई है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सरकारी विभाग ठेकेदारों को भुगतान करते समय नियमानुसार दो प्रतिशत जीएसटी-टीडीएस काटते हैं। ऐसे में करोड़ों रुपये के कार्य करने वाली फर्मों द्वारा मासिक और त्रैमासिक जीएसटी रिटर्न में शून्य कारोबार दर्शाना गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर संकेत करता है।
झांसी परिक्षेत्र के सात जिलों में करीब 600 सरकारी ठेकेदार विभिन्न विभागों में निर्माण और अन्य कार्य कर रहे हैं। एसआईबी के संयुक्त आयुक्त मनीष श्रीवास्तव और उप आयुक्त पुनीत अग्निहोत्री के निर्देशन में हाल ही में सरकारी ठेकेदारों की फर्मों का सर्वे किया गया। जांच के दौरान कई फर्मों के रिटर्न और सरकारी भुगतान के बीच बड़ा अंतर सामने आया। इसके बाद पहले चरण में सात बड़ी फर्मों की विस्तृत जांच शुरू की गई है।
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विभागीय अधिकारियों का मानना है कि प्रारंभिक जांच में आय छिपाने या कर चोरी की आशंका सामने आई है। अब संबंधित अभिलेखों और भुगतान का मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
सेंट्रल जीएसटी को भेजी गई रिपोर्ट
एसआईबी के संयुक्त आयुक्त मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में शामिल सभी फर्में सेंट्रल जीएसटी में पंजीकृत हैं। इसलिए विस्तृत रिपोर्ट सेंट्रल जीएसटी को भेज दी गई है। वहां से प्राप्त इनपुट के आधार पर संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सरकारी विभाग ठेकेदारों को भुगतान करते समय नियमानुसार दो प्रतिशत जीएसटी-टीडीएस काटते हैं। ऐसे में करोड़ों रुपये के कार्य करने वाली फर्मों द्वारा मासिक और त्रैमासिक जीएसटी रिटर्न में शून्य कारोबार दर्शाना गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर संकेत करता है।
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झांसी परिक्षेत्र के सात जिलों में करीब 600 सरकारी ठेकेदार विभिन्न विभागों में निर्माण और अन्य कार्य कर रहे हैं। एसआईबी के संयुक्त आयुक्त मनीष श्रीवास्तव और उप आयुक्त पुनीत अग्निहोत्री के निर्देशन में हाल ही में सरकारी ठेकेदारों की फर्मों का सर्वे किया गया। जांच के दौरान कई फर्मों के रिटर्न और सरकारी भुगतान के बीच बड़ा अंतर सामने आया। इसके बाद पहले चरण में सात बड़ी फर्मों की विस्तृत जांच शुरू की गई है।
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विभागीय अधिकारियों का मानना है कि प्रारंभिक जांच में आय छिपाने या कर चोरी की आशंका सामने आई है। अब संबंधित अभिलेखों और भुगतान का मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
सेंट्रल जीएसटी को भेजी गई रिपोर्ट
एसआईबी के संयुक्त आयुक्त मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में शामिल सभी फर्में सेंट्रल जीएसटी में पंजीकृत हैं। इसलिए विस्तृत रिपोर्ट सेंट्रल जीएसटी को भेज दी गई है। वहां से प्राप्त इनपुट के आधार पर संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।