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Jhansi: चार डकैतों को 14-14 वर्ष का कठोर कारावास, 22 साल पहले हथियारों के बल पर की थी लूट
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:38 AM IST
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सार
मऊरानीपुर कस्बे में 22 साल पहले हुई डकैती के मामले में विशेष न्यायाधीश (डकैती प्रभावित क्षेत्र) नेत्रपाल सिंह की अदालत ने चार डकैतों को 14- 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट का आदेश।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मऊरानीपुर कस्बे में 22 साल पहले हुई डकैती के मामले में विशेष न्यायाधीश (डकैती प्रभावित क्षेत्र) नेत्रपाल सिंह की अदालत ने चार डकैतों को 14- 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, इस मामले में कई आरोपियों की मौत हो चुकी है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मऊरानीपुर के रहने वाले वीरेंद्र कुमार अपने भाई अशोक कुमार साहू, पिता पूरनदास व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर में सो रहे थे। 11 मई 2004 की रात हथियारबंद कई बदमाशों ने हमला कर दिया था। महिलाओं समेत सभी लोगों की पिटाई की थी। तमंचे से फायर भी किए थे। हथियारों के बल पर डकैतों ने छह किलोग्राम चांदी व 48 तोले सोने के जेवरात व दो लाख रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने वीरेंद्र की तहरीर पर मनीष मुद्गल, रजनीश दुबे, विनोद राय, संदीप मेहतर व अन्य के खिलाफ डकैती की धाराओं में मामला दर्ज किया था। आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया था।
विशेष न्यायाधीश (दप्रक्षे) की अदालत में विशेष लोक अभियोजक विपिन कुमार मिश्रा ने दलील दी कि डकैतों ने गंभीर घटना को अंजाम दिया था। उन्हें कठोर सजा दी जाए। विशेष न्यायालय ने 22 साल पुराने इस मामले में मनीष मुद्गल, रजनीश दुबे, विनोद राय, संदीप मेहतर को 14-14 साल की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक मऊरानीपुर के रहने वाले वीरेंद्र कुमार अपने भाई अशोक कुमार साहू, पिता पूरनदास व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर में सो रहे थे। 11 मई 2004 की रात हथियारबंद कई बदमाशों ने हमला कर दिया था। महिलाओं समेत सभी लोगों की पिटाई की थी। तमंचे से फायर भी किए थे। हथियारों के बल पर डकैतों ने छह किलोग्राम चांदी व 48 तोले सोने के जेवरात व दो लाख रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने वीरेंद्र की तहरीर पर मनीष मुद्गल, रजनीश दुबे, विनोद राय, संदीप मेहतर व अन्य के खिलाफ डकैती की धाराओं में मामला दर्ज किया था। आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया था।
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विशेष न्यायाधीश (दप्रक्षे) की अदालत में विशेष लोक अभियोजक विपिन कुमार मिश्रा ने दलील दी कि डकैतों ने गंभीर घटना को अंजाम दिया था। उन्हें कठोर सजा दी जाए। विशेष न्यायालय ने 22 साल पुराने इस मामले में मनीष मुद्गल, रजनीश दुबे, विनोद राय, संदीप मेहतर को 14-14 साल की सजा सुनाई।