सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi: A history-sheeter has been sentenced to 10 years in prison for shooting and injuring a young man

Jhansi: युवक को गोली मारकर घायल करने पर हिस्ट्रीशीटर को 10 साल की कैद, छह साल पहले किया था जानलेवा हमला

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Thu, 26 Mar 2026 02:59 AM IST
विज्ञापन
सार

दोष सिद्ध मोंटी ने 6 साल पहले युवक पर गोली मारकर जानलेवा हमला किया था। उस पर लूट, मारपीट, गुंडा एक्ट समेत 38 मामले दर्ज हैं। इस मामले में दो को बरी भी किया जा चुका है।
 

Jhansi: A history-sheeter has been sentenced to 10 years in prison for shooting and injuring a young man
कोर्ट का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार

हत्या के प्रयास के मामले में हिस्ट्रीशीटर हरिशंकर उर्फ मोंटी यादव को एडीजे सुनील कुमार यादव की अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1.35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह राशि पीड़ित को दी जाएगी। दोष सिद्ध मोंटी ने 6 साल पहले युवक पर गोली मारकर जानलेवा हमला किया था। उस पर लूट, मारपीट, गुंडा एक्ट समेत 38 मामले दर्ज हैं। इस मामले में दो को बरी भी किया जा चुका है।
Trending Videos


मोंठ के बुढ़ावली निवासी गोविंद यादव 14 जून 2020 को अपने भतीजे की शादी में खाना खाकर लौट रहे थे। गांव के पास पहुंचने पर रात करीब 9:30 बजे हरिशंकर उर्फ मोंटी ने अपने भाई कृष्ण गोपाल उर्फ रहीश एवं शिवशंकर उर्फ बबलू यादव के साथ मिलकर उसे घेर लिया। अभियुक्तों ने गोविंद पर गोलियां बरसाईं। एक गोली उसके शरीर में जा घुसी। नाजुक हाल में गोविंद को मेडिकल अस्पताल लाया गया। उसके पुत्र पवन की तहरीर पर पुलिस ने मोंटी समेत अन्य के खिलाफ हत्या की कोशिश के आरोप में केस दर्ज कर लिया। परिजनों ने बताया कि प्रधानी के चुनाव की वजह से वह रंजिश रखता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


छानबीन करके पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट के साथ उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी पेश किया। मोंटी यादव का आपराधिक इतिहास पेश करते हुए अभियोजन पक्ष ने बताया कि उस पर पहला केस 2012 में दर्ज हुआ। उसके बाद अब तक लूट, हत्या की कोशिश, गुंडा एक्ट समेत अन्य धाराओं में 38 केस दर्ज हो चुके हैं। एडीजीसी तेज सिंह गौर ने अधिकतम सजा की मांग की। विचारण के दौरान अभियुक्त रहीश यादव की मौत हो चुकी थी जबकि दो अन्य दोषमुक्त कर दिए गए। मोंटी के खिलाफ अभियोजन पक्ष के साक्ष्य विश्वसनीय मानते हुए न्यायालय ने उसे दोषी करार दिया।


सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा- ताकि कोई अपराध करने का साहस न करे
एडीजे कोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा कि दोषसिद्ध अपराधी को ऐसी सजा दी जाए, जिससे समाज में कानून का राज स्थापित हो सके। कोई भी व्यक्ति अपराध करने का साहस न कर सके। इस वजह से अधिकतम सजा के तौर पर उसे दस साल की कठोर सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed