{"_id":"69719811774a06e9de0ba9de","slug":"jhansi-accountant-dupes-woman-businessman-of-rs-15-lakh-2026-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: महिला कारोबारी को अकाउंटेंट ने लगाई 15 लाख रुपये की चपत, नवाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: महिला कारोबारी को अकाउंटेंट ने लगाई 15 लाख रुपये की चपत, नवाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Thu, 22 Jan 2026 08:53 AM IST
विज्ञापन
सार
10 साल बाद महिला कारोबारी ने यह गड़बड़ी पकड़ी। कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ नवाबाद थाने में उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई है।
थाना नवाबाद
- फोटो : संवाद
विज्ञापन
विस्तार
वीरांगना नगर, गुमनावारा निवासी महिला कारोबारी पूजा मिश्रा के यहां काम करने वाले अकाउंटेंट ने 15 लाख रुपये का गबन कर लिया। करीब 10 साल बाद महिला कारोबारी ने यह गड़बड़ी पकड़ी। कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ नवाबाद थाने में उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई है।
हरिओम मिश्रा की पत्नी पूजा मिश्रा ने पुलिस को बताया कि वह अंग्रेजी दवाइयों का थोक कारोबार करती हैं। उन्होंने हिमांशी मेडिकल स्टोर प्रा. लिमिटेड नाम से फर्म पंजीकृत कराई है। इस फर्म से वह महावीर मेडिकल स्टोर, अंश मेडिकल स्टोर, राजपूत मेडिकल स्टोर, सृष्टि मेडिकल स्टोर, प्रज्ञा मेडिकल स्टोर समेत अन्य को फुटकर दवाइयों की आपूर्ति करती हैं। इन सभी मेडिकल स्टोर को दी जाने वाली दवाइयों एवं उनसे मिलने वाली रकम का हिसाब बड़गांव थाना के बराटा निवासी पवन राजपूत रखता था। करीब दस साल से वह फर्म में अकाउंटेंट था। आरोप है कि इस बीच उसने गड़बड़ी शुरू कर दी। उनको इसका पता 20 अक्तूबर 2025 को चला। पुराने लेजर बुक खंगालने पर मालूम चला कि अभी तक 15 लाख रुपये की गड़बड़ी की गई है। उनके पूछने पर आरोपी गाली गलौज करते हुए भाग निकला।
पूजा के मुताबिक उन्होंने इसकी शिकायत थाने में की लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। इस वजह से उन्होंने न्यायालय की शरण ली। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के मुताबिक मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
Trending Videos
हरिओम मिश्रा की पत्नी पूजा मिश्रा ने पुलिस को बताया कि वह अंग्रेजी दवाइयों का थोक कारोबार करती हैं। उन्होंने हिमांशी मेडिकल स्टोर प्रा. लिमिटेड नाम से फर्म पंजीकृत कराई है। इस फर्म से वह महावीर मेडिकल स्टोर, अंश मेडिकल स्टोर, राजपूत मेडिकल स्टोर, सृष्टि मेडिकल स्टोर, प्रज्ञा मेडिकल स्टोर समेत अन्य को फुटकर दवाइयों की आपूर्ति करती हैं। इन सभी मेडिकल स्टोर को दी जाने वाली दवाइयों एवं उनसे मिलने वाली रकम का हिसाब बड़गांव थाना के बराटा निवासी पवन राजपूत रखता था। करीब दस साल से वह फर्म में अकाउंटेंट था। आरोप है कि इस बीच उसने गड़बड़ी शुरू कर दी। उनको इसका पता 20 अक्तूबर 2025 को चला। पुराने लेजर बुक खंगालने पर मालूम चला कि अभी तक 15 लाख रुपये की गड़बड़ी की गई है। उनके पूछने पर आरोपी गाली गलौज करते हुए भाग निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूजा के मुताबिक उन्होंने इसकी शिकायत थाने में की लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। इस वजह से उन्होंने न्यायालय की शरण ली। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के मुताबिक मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
