सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi: AI-powered ventilator will automatically understand the patient's needs.

Jhansi: मेडिकल कॉलेज में एआई संचालित वेंटिलेटर...खुद ही समझ लेगा मरीज की जरूरत, जीवन रक्षक दवा भी देगा

अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Thu, 15 Jan 2026 10:29 AM IST
विज्ञापन
सार

विशेषज्ञ बताते हैं कि इस तकनीक से आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के काम का बोझ भी कम होगा।

Jhansi: AI-powered ventilator will automatically understand the patient's needs.
वेंटीलेटर। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के इलाज को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) संचालित वेंटिलेटर की सुविधा शुरू होने जा रही है। यह अत्याधुनिक वेंटिलेटर मरीज के शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को खुद ही नियंत्रित करेगा। नवीनतम तकनीक से लैस वेंटिलेटर मरीज की सांसों की गति और अन्य महत्वपूर्ण पैरामीटर का लगातार विश्लेषण करेगा।
Trending Videos


सेंसर रोगी की तबीयत को भांपकर करेंगे काम
विशेषज्ञ बताते हैं कि इस तकनीक से आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के काम का बोझ भी कम होगा। मेडिकल कॉलेज के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एआई आधारित छह वेंटिलेटर की मांग शासन को भेजी थी, जो स्वीकृत हो गई है। दो वेंटिलेटर आ भी गए हैं और फरवरी के अंत तक शेष चार वेंटिलेटर मिलने की संभावना है। सभी के आने पर एक साथ इन्हें इंस्टाॅल किया जाएगा। इसकी खूबी यह है कि नवजात हो या बुजुर्ग, किसी उम्र के रोगी को भी भर्ती करके इससे उपचारित किया जा सकता है। बताते चलें कि बच्चों और बड़ों के वेंटिलेटर अलग-अलग होते हैं। अभी इन पर ऑक्सीजन की आपूर्ति का दबाव चिकित्सक ही तय करता है, जिससे कभी-कभार भूल की आशंका रहती है। मगर एआई संचालित वेंटिलेटर में लगे सेंसर रोगी की तबीयत को भांपकर सटीक काम करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



मरीज की तबीयत बिगड़ने पर अलार्म से करेगा अलर्ट
मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंदेल ने बताया कि रोगी को भर्ती करते समय एआई संचालित वेंटिलेटर पर जैसे ही उम्र, वजन आदि का ब्योरा दिया जाता है, वैसे ही उसका मोड बदल जाता है। इससे रोगी को ऑक्सीजन की आपूर्ति का प्रेशर कम अथवा ज्यादा करने की जरूरत नहीं होती है। यदि रोगी की तबीयत में गिरावट आती है तो वेंटिलेटर से अलार्म बजेगा जिससे चिकित्सक तत्काल उसके पास पहुंच सके। यही नहीं, इसके जरिये जरूरत के हिसाब से जीवन रक्षक दवा भी रोगी को दी जा सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed