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Jhansi: पढ़ाई अधूरी, परीक्षा का कार्यक्रम कर दिया जारी, एलएलबी के विद्यार्थियों ने जताई आपत्ति
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: दीपक महाजन
Updated Fri, 20 Mar 2026 07:00 AM IST
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सार
छात्रों का कहना है कि यूजीसी के नियमों के अनुसार 90 कार्य दिवस की कक्षाएं पूरी होना अनिवार्य है, लेकिन इस अवधि में न तो कक्षाएं पूरी हो पाई हैं और न ही पाठ्यक्रम समाप्त हो सका है।
बीयू, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में एलएलबी छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपकर अधूरी पढ़ाई के बीच परीक्षा कार्यक्रम जारी किए जाने पर आपत्ति जताई है। छात्रों ने परीक्षा की समय सारिणी आगे बढ़ाने की मांग की है।
छात्रों का कहना है कि जनवरी में ही पिछले सेमेस्टर की परीक्षाएं संपन्न हुई हैं, जबकि अप्रैल में फिर से सम सेमेस्टर की परीक्षाएं कराने की तैयारी की जा रही है। यूजीसी के नियमों के अनुसार 90 कार्य दिवस की कक्षाएं पूरी होना अनिवार्य है, लेकिन इस अवधि में न तो कक्षाएं पूरी हो पाई हैं और न ही पाठ्यक्रम समाप्त हो सका है।
आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके बावजूद परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है और संबद्ध विधि महाविद्यालयों के प्राचार्यों पर जल्द पाठ्यक्रम पूरा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके लिए नियमित कक्षाओं के साथ ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर खानापूर्ति करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि इतने कम समय में पाठ्यक्रम पूरा करना संभव नहीं है, जिससे उनकी तैयारी प्रभावित होगी। इस मामले में बीयू परीक्षा नियंत्रक के परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर का कहना है कि छात्रों को आश्वासन दिया गया है कि अतिरिक्त एवं ऑनलाइन कक्षाएं लगाकर उनका कोर्स पूरा कराया जाएगा। 45 मिनट की क्लास का समय एक घंटे किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर परीक्षा कार्यक्रम में भी मामूली संशोधन किया जाएगा।
अधिक शुल्क वसूली का आरोप
एलएलबी छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रत्येक सेमेस्टर में निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है। जहां परीक्षा शुल्क एक हजार रुपये निर्धारित है, वहीं छात्रों से 1700 रुपये लिए जा रहे हैं, जिसे उन्होंने अनुचित बताया है।
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छात्रों का कहना है कि जनवरी में ही पिछले सेमेस्टर की परीक्षाएं संपन्न हुई हैं, जबकि अप्रैल में फिर से सम सेमेस्टर की परीक्षाएं कराने की तैयारी की जा रही है। यूजीसी के नियमों के अनुसार 90 कार्य दिवस की कक्षाएं पूरी होना अनिवार्य है, लेकिन इस अवधि में न तो कक्षाएं पूरी हो पाई हैं और न ही पाठ्यक्रम समाप्त हो सका है।
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आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके बावजूद परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है और संबद्ध विधि महाविद्यालयों के प्राचार्यों पर जल्द पाठ्यक्रम पूरा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके लिए नियमित कक्षाओं के साथ ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर खानापूर्ति करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि इतने कम समय में पाठ्यक्रम पूरा करना संभव नहीं है, जिससे उनकी तैयारी प्रभावित होगी। इस मामले में बीयू परीक्षा नियंत्रक के परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर का कहना है कि छात्रों को आश्वासन दिया गया है कि अतिरिक्त एवं ऑनलाइन कक्षाएं लगाकर उनका कोर्स पूरा कराया जाएगा। 45 मिनट की क्लास का समय एक घंटे किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर परीक्षा कार्यक्रम में भी मामूली संशोधन किया जाएगा।
अधिक शुल्क वसूली का आरोप
एलएलबी छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रत्येक सेमेस्टर में निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है। जहां परीक्षा शुल्क एक हजार रुपये निर्धारित है, वहीं छात्रों से 1700 रुपये लिए जा रहे हैं, जिसे उन्होंने अनुचित बताया है।