सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Agriculture: QR code will identify genuine and fake seeds

Agriculture: क्यूआर कोड से होगी असली और नकली बीज की पहचान, दुकानदार अब किसानों को नहीं दे सकेंगे झांसा

संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Fri, 20 Mar 2026 07:21 AM IST
विज्ञापन
सार

बीज की खरीद करते समय किसान मोबाइल से क्यूआर कोड को स्कैन कर बीज की गुणवत्ता, उत्पादन एजेंसी, जांच प्रक्रिया और प्रमाणीकरण की पूरी जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे।
 

Agriculture: QR code will identify genuine and fake seeds
क्यूआर कोड से असली बीज की पहचान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

नकली या अमानक बीज निजी या सरकारी बाजार में न बिक सके, इसके लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अब बीज के प्रत्येक बैग पर क्यूआर कोड होगा। बीज की खरीद करते समय किसान मोबाइल से क्यूआर कोड को स्कैन कर बीज की गुणवत्ता, उत्पादन एजेंसी, जांच प्रक्रिया और प्रमाणीकरण की पूरी जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे।
Trending Videos


जिले में करीब 208 निजी बीज की दुकानें हैं। आठ ब्लॉक में आठ सरकारी केंद्र जहां से किसान रबी व खरीफ में बोआई के लिए बीज खरीदते हैं। कई बार किसानों को गुणवत्ताविहीन बीज प्रदान कर दिया जाता है। इससे या तो उपज नहीं होती या फिर फसल खड़ी हो जाती है पर उसमें दाना नहीं आता। हर साल कई ऐसे मामले सामने आते हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है पर अब ऐसा नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिना क्यूआर कोड के बीज की बिक्री करने पर कार्रवाई तय होगी। नई व्यवस्था के तहत बीज उत्पादक संस्थाओं, एफपीओ, कृषि विज्ञान केंद्र, बीज कंपनियों, थोक कारोबारियों और फुटकर विक्रेताओं से संबंधित विवरण एकत्र कर राज्य कृषि निदेशालय को भेजा जाएगा।

यह डाटा साथी (सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंट्री) पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे बीज की गुणवत्ता पूरी तरह सुनिश्चित हो सके। कृषि विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था से अप्रमाणित व नकली बीज की बिक्री पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि क्यूआर कोड व्यवस्था लागू होने से किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने में प्रभावी मदद मिलेगी।


केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय से लें मूंग का बीज
कृषि अधिकारी ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में जायद में मूंग का बीज उपलब्ध है। जो भी किसान जायद में मूंग की फसल बोने के इच्छुक हैं, वह किसान विश्वविद्यालय से बीज ले सकता है। विश्वविद्यालय में दो प्रजातियों का बीज उपलब्ध हैं। यह बीज प्रमाणित होने के बाद ही किसानों को दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed