{"_id":"6a78e8e5ad014d8ce80e4675","slug":"no-budget-allocation-yet-some-cataract-surgeries-are-being-postponed-jhansi-news-c-11-1-jhs1004-852028-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: अब तक नहीं बजट आवंटन, टालने पड़ रहे मोतियाबिंद के कुछ ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: अब तक नहीं बजट आवंटन, टालने पड़ रहे मोतियाबिंद के कुछ ऑपरेशन
Mon, 10 Aug 2026 02:23 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Mon, 10 Aug 2026 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत अब तक झांसी को शासन से बजट आवंटन नहीं हो सका है। इस कारण जिला अस्पताल में आने वाले कुछ मरीजों के ऑपरेशन भी टालने पड़ रहे हैं, क्योंकि सभी नंबरों के लेंस अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। अब सीएमओ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को पत्र लिखकर बजट आवंटन की मांग की है।
इस कार्यक्रम के तहत जनपदवार शासन की तरफ से एक हजार रुपये प्रति ऑपरेशन की दर से बजट आवंटन किया जाता है। मौजूदा वित्तीय वर्ष को चार महीने बीत चुके हैं। इसके बावजूद बजट प्राप्त नहीं हो सका है। चूंकि, जिला अस्पताल के लिए औषधि आदि खरीद के लिए शासन से इस साल 22 लाख रुपये बजट मिला था। अस्पताल प्रशासन ने इस बजट का कुछ हिस्सा राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के लिए भी खर्च कर दिया। इसके बावजूद अस्पताल में कई नंबरों के लैंस उपलब्ध न होने पर डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन टाले जा रहे हैं। ऐसे रोगियों को आगे की तारीख दी जा रही है। बीती 29 जुलाई को जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक की तरफ से शासन को पत्र लिखकर मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए औषधि और लेंस के लिए 50,68,476 रुपये बजट की मांग की गई थी। अब सीएमओ ने भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को इस संबंध में पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने लिखा कि वर्ष 2026-27 में 38347 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में धनराशि आवंटन न होने की स्थिति में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए औषधि और लेंस का क्रय नहीं किया जा सका है। लक्ष्य के सापेक्ष एक अप्रैल से चार अगस्त 2026 तक 2075 मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जा चुके हैं लेकिन बजट की प्रत्याशा में मोतियाबिंद के कार्य को संचालित कराया जा रहा है। ताकि, मोतियाबिंद ऑपरेशन के कार्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक के पत्र का हवाला देते हुए सीएमओ ने जल्द बजट आवंटन की मांग की।
राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत जल्द ही बजट मिलने की संभावना है। उससे पहले जिला प्रशासन की तरफ से रेड क्रॉस सोसाइटी की भी बैठक की जानी है, जिसमें सोसाइटी के बजट से भी लेंस खरीद की मंजूरी मिलनी है। - डॉ. शिशिर पुरी, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस कार्यक्रम के तहत जनपदवार शासन की तरफ से एक हजार रुपये प्रति ऑपरेशन की दर से बजट आवंटन किया जाता है। मौजूदा वित्तीय वर्ष को चार महीने बीत चुके हैं। इसके बावजूद बजट प्राप्त नहीं हो सका है। चूंकि, जिला अस्पताल के लिए औषधि आदि खरीद के लिए शासन से इस साल 22 लाख रुपये बजट मिला था। अस्पताल प्रशासन ने इस बजट का कुछ हिस्सा राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के लिए भी खर्च कर दिया। इसके बावजूद अस्पताल में कई नंबरों के लैंस उपलब्ध न होने पर डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन टाले जा रहे हैं। ऐसे रोगियों को आगे की तारीख दी जा रही है। बीती 29 जुलाई को जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक की तरफ से शासन को पत्र लिखकर मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए औषधि और लेंस के लिए 50,68,476 रुपये बजट की मांग की गई थी। अब सीएमओ ने भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को इस संबंध में पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने लिखा कि वर्ष 2026-27 में 38347 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में धनराशि आवंटन न होने की स्थिति में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए औषधि और लेंस का क्रय नहीं किया जा सका है। लक्ष्य के सापेक्ष एक अप्रैल से चार अगस्त 2026 तक 2075 मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जा चुके हैं लेकिन बजट की प्रत्याशा में मोतियाबिंद के कार्य को संचालित कराया जा रहा है। ताकि, मोतियाबिंद ऑपरेशन के कार्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक के पत्र का हवाला देते हुए सीएमओ ने जल्द बजट आवंटन की मांग की।
विज्ञापन
राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत जल्द ही बजट मिलने की संभावना है। उससे पहले जिला प्रशासन की तरफ से रेड क्रॉस सोसाइटी की भी बैठक की जानी है, जिसमें सोसाइटी के बजट से भी लेंस खरीद की मंजूरी मिलनी है। - डॉ. शिशिर पुरी, सीएमओ।
विज्ञापन