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Jhansi: चेक बाउंस होने पर रेलवे सीटीआई को चार माह की सजा, कोर्ट ने अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2026 03:12 AM IST
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सार
सात साल पहले स्टील के पाइप लगवाने के बाद व्यापारी का भुगतान न करने के मामले में पीठासीन अधिकारी सूबा सिंह की अदालत ने रेलवे के सीटीआई को चार माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट का आदेश।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
सात साल पहले स्टील के पाइप लगवाने के बाद व्यापारी का भुगतान न करने के मामले में पीठासीन अधिकारी (अतिरिक्त न्यायालय) सूबा सिंह की अदालत ने रेलवे के सीटीआई को चार माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया।
जानकारी के मुताबिक 2018 में केकेपुरी रहने वाले तत्कालीन रेलवे टीटी (अब सीटीआई) मनोज सेन ने मुकेश ढल से स्टील पाइप लगवाने का काम कराया था। इसमें 40 हजार रुपये का खर्चा आया था। जब राशि की मांग की गई तो मनोज ने एसबीआई का चेक दिया, लेकिन जब चेक को आईसीआईसीआई बैंक में लगाया तो वह डिसऑनर हो गया। व्यापारी ने फिर उससे पैसे की मांग की तो नहीं दिया।
इस पर अधिवक्ता वैभव तिवारी के माध्यम से मामला एनआई एक्ट के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस मामले में अदालत ने सीटीआई मनोज को चेक बाउंस का दोषी मानते हुए चार माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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जानकारी के मुताबिक 2018 में केकेपुरी रहने वाले तत्कालीन रेलवे टीटी (अब सीटीआई) मनोज सेन ने मुकेश ढल से स्टील पाइप लगवाने का काम कराया था। इसमें 40 हजार रुपये का खर्चा आया था। जब राशि की मांग की गई तो मनोज ने एसबीआई का चेक दिया, लेकिन जब चेक को आईसीआईसीआई बैंक में लगाया तो वह डिसऑनर हो गया। व्यापारी ने फिर उससे पैसे की मांग की तो नहीं दिया।
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इस पर अधिवक्ता वैभव तिवारी के माध्यम से मामला एनआई एक्ट के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस मामले में अदालत ने सीटीआई मनोज को चेक बाउंस का दोषी मानते हुए चार माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।