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GST: करोड़ों का गोलमाल करने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, 78 फर्जी जीएसटी इनवॉइस व 16 सिम कार्ड बरामद
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:38 AM IST
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सार
इस मामले में एक अन्य आरोपी वीरेंद्र कुमार को जेल भेजा जा चुका। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बिना वास्तविक लेन-देन के फर्जी बिलिंग की। डीके इंटरप्राइजेज समेत कई फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी कारोबार दिखाया।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : विभाग
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विस्तार
जीएसटी घोटाले में करीब एक करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हड़पने वाले गिरोह के वांछित सदस्य को नवाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके पास से 78 फर्जी जीएसटी इनवॉइस और 16 सिम कार्ड मिले हैं। इनके सहारे ही फर्जी फर्म संचालित की जाती थी।
सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी अशोक कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नकली जीएसटी कंपनियां पंजीकृत कराई। बोगस इनवॉइस के जरिये आईटीसी हड़पी। जालसाज फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल बनाकर कंपनियों को कोरियर करते थे। 16 मोबाइल सिम अलग-अलग नाम से लेकर फर्जी कंपनी रजिस्टर कराई थी।
और आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
इस मामले में एक अन्य आरोपी वीरेंद्र कुमार को जेल भेजा जा चुका। राज्यकर विभाग के अधिकारी अनिल कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बिना वास्तविक लेन-देन के फर्जी बिलिंग की। डीके इंटरप्राइजेज समेत कई फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी कारोबार दिखाया। जून 2025 में करीब 5.38 करोड़ रुपये का आउटवर्ड ट्रांजैक्शन दिखाकर लगभग 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की आईटीसी क्लेम की गई। गिरफ्तार अशोक के पास से 78 फर्जी जीएसटी इनवॉइस, ई-वे बिल, एक मोबाइल और 16 सिम कार्ड बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी बिल बनाकर उन्हें कूरियर के जरिये भेजता था। आईटीसी पास कराकर पैसे हड़प लेता था। आरोपी व्हाट्सएप के जरिये टोकन सिस्टम अपनाकर दिल्ली के विभिन्न स्थानों से नकदी प्राप्त करते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार आरोपी रोहित, बॉस उर्फ ईशु, रजत की तलाश कर रही है।
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सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी अशोक कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नकली जीएसटी कंपनियां पंजीकृत कराई। बोगस इनवॉइस के जरिये आईटीसी हड़पी। जालसाज फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल बनाकर कंपनियों को कोरियर करते थे। 16 मोबाइल सिम अलग-अलग नाम से लेकर फर्जी कंपनी रजिस्टर कराई थी।
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और आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
इस मामले में एक अन्य आरोपी वीरेंद्र कुमार को जेल भेजा जा चुका। राज्यकर विभाग के अधिकारी अनिल कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बिना वास्तविक लेन-देन के फर्जी बिलिंग की। डीके इंटरप्राइजेज समेत कई फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी कारोबार दिखाया। जून 2025 में करीब 5.38 करोड़ रुपये का आउटवर्ड ट्रांजैक्शन दिखाकर लगभग 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की आईटीसी क्लेम की गई। गिरफ्तार अशोक के पास से 78 फर्जी जीएसटी इनवॉइस, ई-वे बिल, एक मोबाइल और 16 सिम कार्ड बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी बिल बनाकर उन्हें कूरियर के जरिये भेजता था। आईटीसी पास कराकर पैसे हड़प लेता था। आरोपी व्हाट्सएप के जरिये टोकन सिस्टम अपनाकर दिल्ली के विभिन्न स्थानों से नकदी प्राप्त करते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार आरोपी रोहित, बॉस उर्फ ईशु, रजत की तलाश कर रही है।