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अजीब गणित : नए दाखिले बढ़े, फिर भी सरकारी स्कूलों में बच्चे घटे

Sun, 09 Aug 2026 02:41 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Sun, 09 Aug 2026 02:41 AM IST
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Strange math: New admissions rise, yet government school attendance falls
झांसी। सरकारी स्कूलों में बच्चों को जोड़ने के लिए चल रहे तमाम अभियानों के बीच आंकड़े विरोधाभासी तस्वीर सामने ला रहे हैं। नए दाखिले तो बढ़ रहे हैं लेकिन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की कुल संख्या लगातार घटती जा रही है। 2024-25 के मुकाबले 2026-27 में जनपद के करीब 1400 स्कूलों में 3,094 अधिक नए बच्चों ने प्रवेश लिया, इसके बावजूद दो साल में कुल नामांकन में 13,042 बच्चों की कमी आ गई। यानी स्कूलों में नए बच्चे आ तो रहे हैं लेकिन पुराने बच्चों को रोक पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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पीएमश्री, सहायता प्राप्त, परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सत्र 2026-27 में 23,994 नए बच्चों ने प्रवेश लिया है। यह संख्या 2024-25 में हुए करीब 20,900 नए प्रवेश से 3,094 अधिक है। नए प्रवेश में करीब 14.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके उलट कुल नामांकन का आंकड़ा लगातार नीचे आया है।
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सत्र 2024-25 में इन विद्यालयों में कुल नामांकन करीब 1.22 लाख था। 2025-26 में यह घटकर 1,14,355 रह गया। अब 2026-27 में कुल छात्र संख्या 1,08,958 पहुंच गई है। इस तरह दो साल में कुल नामांकन में 13,042 विद्यार्थियों की कमी हुई है। 2024-25 की तुलना में कुल नामांकन करीब 10.7 फीसदी घट गया है।
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एक साल में नए दाखिले 1,556 घटे
आंकड़ों में एक और उलटफेर सामने आया है। सत्र 2025-26 में जहां 25,550 नए बच्चों ने प्रवेश लिया था, वहीं 2026-27 में यह संख्या घटकर 23,994 रह गई। यानी एक साल में नए प्रवेश भी 1,556 कम हुए हैं। हालांकि, दो साल पहले की तुलना में नए प्रवेश अभी भी अधिक हैं। संवाद

बच्चे जोड़ने के साथ रोकना भी चुनौती
विभाग की ओर से पीएमश्री विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। परिषदीय और एडेड विद्यालयों में भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। इसके बावजूद कुल नामांकन में लगातार गिरावट यह सवाल खड़ा करती है कि नए बच्चों को स्कूल से जोड़ने के साथ पहले से पढ़ रहे बच्चों को स्कूल में बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयास कितने प्रभावी हैं।

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हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के साथ उसे लगातार शिक्षा से जोड़े रखना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर बच्चों की उपस्थिति, अभिभावकों से संपर्क और ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। - जितेंद्र कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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