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हैवानियत की हद: हंसते हुए बोला हत्यारोपी, मारने के बाद बहुत खुश हूं...राख फेंक देता तो पता ही नहीं चलता
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jan 2026 03:02 AM IST
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सार
हत्यारोपी राम सिंह ने पुलिस को कई चौंकाने वाली बात बताई। उसने बताया कि प्रीति शराब पीने की शौकीन थी। घटना वाले दिन उन दोनों ने साथ में जमकर शराब पी। इसी दौरान उसने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार करके मार डाला।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी हाथ में कुल्हाड़ी के साथ
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सीपरी बाजार के ब्रह्मनगर इलाके में हत्या को अंजाम देने के बाद पुलिस के शिकंजे में आए रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह के चेहरे पर कोई शिकन तक नहीं दिखी। सोमवार को मीडिया के सामने वह पूरी तरह तनाव मुक्त दिखा। मीडियाकर्मियों को देखकर खुद बात करने के लिए आतुर हो उठा। उसने हंसते हुए बताया कि हत्या करके उसे कोई अफसोस नहीं बल्कि वह अब खुश है। उसने यह भी कहा कि कुछ समय बाद जेल से छूटकर बाहर आ जाएगा। हत्या की वजह बताते हुए कहा कि प्रीति का चरित्र बिगड़ गया था। फौजी से उसने दोस्ती कर ली थी। पैसा उससे लेकर फौजी के साथ समय बिताती थी। इसके बाद उसने हत्या करने की ठान ली। अब उसे राहत है।
पूरे देश में सुर्खियां बटोरने वाले इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी राम सिंह को पुलिस ने रविवार देर-रात गिरफ्तार कर लिया था। राम सिंह के परिजन भी उसे मानसिक तौर पर विकृत बता रहे हैं। उसकी बड़ी बहू ने बताया कि दिमागी तौर पर वह ठीक आदमी नहीं था। दो पत्नियों के बाद तीसरी प्रीति के साथ रहने लगा था। प्रीति से कई साल पहले वह कोर्ट मैरिज कर चुका है।
हत्यारोपी राम सिंह ने पुलिस को कई चौंकाने वाली बात बताई। उसने बताया कि प्रीति शराब पीने की शौकीन थी। घटना वाले दिन उन दोनों ने साथ में जमकर शराब पी। इसी दौरान उसने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार करके मार डाला। कुछ दिन तक उसे दुख हुआ। वह प्रीति के शव के साथ दो दिन कमरे में बंद रहा। जब शव से बदबू आने लगी तब उसने लकड़ियां मंगाकर उसे जला दिया। इसके बाद उसे दुख नहीं हुआ। उसे लगा कि पीछा छूट गया। सबूत खत्म करने की नीयत से शव को नष्ट करने की योजना बनाई। पुलिस को बताया कि प्रीति अक्सर पैसे मांगती थी। कुछ दिनों से तीन लाख मांग रही थी। देने के लिए दो लाख रुपये का इंतजाम कर लिया था।
हत्या करके कराया मुंडन, प्रयागराज ले जाना चाहता था हड्डियां
राम सिंह ने मीडियाकर्मियों से कहा कि प्रीति की अस्थियां वह प्रयागराज ले जाना चाहता था। इस वजह से उसने अपना मुंडन भी करा लिया था। शव को जलाने के बाद बोरे में अस्थियां एवं अवशेष भर लिए थे। ब्रह्मनगर में कमरा खाली करने के बाद उसकी योजना थी कि सैंयर गेट में बक्सा रखकर वह प्रयागराज चला जाए लेकिन इसके पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसने मीडियाकर्मियों से कहा यदि वह शव की राख को बाहर फेंक देता तो किसी को हत्या की भनक तक नहीं लगती।
प्रीति की बेवफाई बनी हत्या की वजह
सीपरी बाजार थाना क्षेत्र की ब्रह्मनगर कॉलोनी में हुए प्रीति हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह एवं प्रीति दस साल से साथ में रहते थे। आरोपी से पूछताछ एवं प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि राम सिंह प्रीति को लेकर कुछ समय से शक करने लगा था। उसको शक था कि प्रीति के पास में रहने वाले ब्यूटी पार्लर संचालक फौजी से रिश्ते हैं। दोनों में नोकझोंक होती थी। आरोपी राम सिंह ने स्वीकार किया है कि उसे प्रीति के चरित्र पर शक था। 8 जनवरी को कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव नष्ट करने के लिए दो क्विंटल लकड़ियां खरीदकर लाया। अपने बेटे नितिन से एक बड़ा लोहे का बक्सा मंगवाकर उसके अंदर रखकर शव को जला दिया। एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड में राम सिंह के साथ उसकी दूसरी पत्नी गीता रायकवार एवं उसका बेटा नितिन भी मददगार थे। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार करके कोर्ट के सामने पेश किया। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। एसएसपी का कहना है कि मामले की छानबीन करके जल्द चार्जशीट भी दाखिल कराई जाएगी। एसएसपी ने गिरफ्तारी टीम में शामिल निरीक्षक विनोद मिश्रा, उपनिरीक्षक महेश चंद्र, चंदन सरोज, राजकुमार, अनुराग शर्मा की टीम को 25 हजार रुपये के पुरस्कार समेत घटना की सूचना देने वाले लोडर चालक को भी पुरस्कृत करने की बात कही।
इनसेट
नीले रंग का पेंट मंगाकर बक्से को रंगा
एसएसपी के मुताबिक बक्से के अंदर शव को रखकर जलाने से वह पूरी तरह काला पड़ गया था। बाहर निकालने पर किसी को शक न हो, इसके लिए शातिर राम सिंह बाजार से नीले रंग का पेंट खरीदकर लाया था। आग लगने की वजह से बक्सा गर्म हो गया था। पानी डालकर उसे पहले ठंडा किया। इसके बाद उसने नीले रंग से पूरे बक्से को पेंट किया था।
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हत्यारोपी राम सिंह ने पुलिस को कई चौंकाने वाली बात बताई। उसने बताया कि प्रीति शराब पीने की शौकीन थी। घटना वाले दिन उन दोनों ने साथ में जमकर शराब पी। इसी दौरान उसने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार करके मार डाला। कुछ दिन तक उसे दुख हुआ। वह प्रीति के शव के साथ दो दिन कमरे में बंद रहा। जब शव से बदबू आने लगी तब उसने लकड़ियां मंगाकर उसे जला दिया। इसके बाद उसे दुख नहीं हुआ। उसे लगा कि पीछा छूट गया। सबूत खत्म करने की नीयत से शव को नष्ट करने की योजना बनाई। पुलिस को बताया कि प्रीति अक्सर पैसे मांगती थी। कुछ दिनों से तीन लाख मांग रही थी। देने के लिए दो लाख रुपये का इंतजाम कर लिया था।
हत्या करके कराया मुंडन, प्रयागराज ले जाना चाहता था हड्डियां
राम सिंह ने मीडियाकर्मियों से कहा कि प्रीति की अस्थियां वह प्रयागराज ले जाना चाहता था। इस वजह से उसने अपना मुंडन भी करा लिया था। शव को जलाने के बाद बोरे में अस्थियां एवं अवशेष भर लिए थे। ब्रह्मनगर में कमरा खाली करने के बाद उसकी योजना थी कि सैंयर गेट में बक्सा रखकर वह प्रयागराज चला जाए लेकिन इसके पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसने मीडियाकर्मियों से कहा यदि वह शव की राख को बाहर फेंक देता तो किसी को हत्या की भनक तक नहीं लगती।
प्रीति की बेवफाई बनी हत्या की वजह
सीपरी बाजार थाना क्षेत्र की ब्रह्मनगर कॉलोनी में हुए प्रीति हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह एवं प्रीति दस साल से साथ में रहते थे। आरोपी से पूछताछ एवं प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि राम सिंह प्रीति को लेकर कुछ समय से शक करने लगा था। उसको शक था कि प्रीति के पास में रहने वाले ब्यूटी पार्लर संचालक फौजी से रिश्ते हैं। दोनों में नोकझोंक होती थी। आरोपी राम सिंह ने स्वीकार किया है कि उसे प्रीति के चरित्र पर शक था। 8 जनवरी को कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव नष्ट करने के लिए दो क्विंटल लकड़ियां खरीदकर लाया। अपने बेटे नितिन से एक बड़ा लोहे का बक्सा मंगवाकर उसके अंदर रखकर शव को जला दिया। एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड में राम सिंह के साथ उसकी दूसरी पत्नी गीता रायकवार एवं उसका बेटा नितिन भी मददगार थे। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार करके कोर्ट के सामने पेश किया। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। एसएसपी का कहना है कि मामले की छानबीन करके जल्द चार्जशीट भी दाखिल कराई जाएगी। एसएसपी ने गिरफ्तारी टीम में शामिल निरीक्षक विनोद मिश्रा, उपनिरीक्षक महेश चंद्र, चंदन सरोज, राजकुमार, अनुराग शर्मा की टीम को 25 हजार रुपये के पुरस्कार समेत घटना की सूचना देने वाले लोडर चालक को भी पुरस्कृत करने की बात कही।
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नीले रंग का पेंट मंगाकर बक्से को रंगा
एसएसपी के मुताबिक बक्से के अंदर शव को रखकर जलाने से वह पूरी तरह काला पड़ गया था। बाहर निकालने पर किसी को शक न हो, इसके लिए शातिर राम सिंह बाजार से नीले रंग का पेंट खरीदकर लाया था। आग लगने की वजह से बक्सा गर्म हो गया था। पानी डालकर उसे पहले ठंडा किया। इसके बाद उसने नीले रंग से पूरे बक्से को पेंट किया था।
