{"_id":"6a68f12f48b9d87f180d9370","slug":"115-students-created-art-on-the-theme-of-developed-india-kannauj-news-c-214-1-knj1006-153370-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: 115 विद्यार्थियों ने विकसित भारत विषय पर उकेरी कला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: 115 विद्यार्थियों ने विकसित भारत विषय पर उकेरी कला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज। भारत सरकार के हैंडीक्राफ्ट विभाग की ओर से स्थानीय कन्हैयालाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में मंगलवार से तीन दिवसीय हस्तशिल्प जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को पारंपरिक हस्तशिल्प कला, कौशल विकास तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में उपलब्ध असीम संभावनाओं के प्रति जागरूक और प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में विकसित भारत विषय पर कला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यालय के 115 विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और कैनवास पर रंगों के माध्यम से भारत को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने के अपने दृष्टिकोण को बखूबी पेश किया। आयोजन के दौरान विभिन्न पारंपरिक और आधुनिक कलाओं पर आधारित व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इसमें टेराकोटा, तारकशी कला, ग्लास पेंटिंग तथा सुगंधित मोमबत्ती व अगरबत्ती निर्माण की विशेष वर्कशॉप शामिल थीं।
विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने इन कलाओं का सजीव प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों को इनके निर्माण की बारीकियों, तकनीकी ज्ञान और व्यावसायिक उपयोगिताओं की जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने बच्चों को समझाया कि कैसे वह इन पारंपरिक विधाओं को अपनाकर भविष्य में एक सफल उद्यमी बन सकते हैं। विद्यार्थियों ने न केवल विशेषज्ञों से कला के गुर सीखे, बल्कि स्वयं भी इन गतिविधियों में सक्रिय रूप से हाथ आजमाया। यह आयोजन युवाओं में आत्मनिर्भरता, हुनरमंद बनने और उद्यमशीलता की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद सराहनीय कदम सिद्ध हुआ। इस पूरे जागरूकता कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आयोजन डॉ. विपिन शुक्ला तथा डॉ. सारिका त्रिवेदी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में विकसित भारत विषय पर कला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यालय के 115 विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और कैनवास पर रंगों के माध्यम से भारत को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने के अपने दृष्टिकोण को बखूबी पेश किया। आयोजन के दौरान विभिन्न पारंपरिक और आधुनिक कलाओं पर आधारित व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इसमें टेराकोटा, तारकशी कला, ग्लास पेंटिंग तथा सुगंधित मोमबत्ती व अगरबत्ती निर्माण की विशेष वर्कशॉप शामिल थीं।
विज्ञापन
विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने इन कलाओं का सजीव प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों को इनके निर्माण की बारीकियों, तकनीकी ज्ञान और व्यावसायिक उपयोगिताओं की जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने बच्चों को समझाया कि कैसे वह इन पारंपरिक विधाओं को अपनाकर भविष्य में एक सफल उद्यमी बन सकते हैं। विद्यार्थियों ने न केवल विशेषज्ञों से कला के गुर सीखे, बल्कि स्वयं भी इन गतिविधियों में सक्रिय रूप से हाथ आजमाया। यह आयोजन युवाओं में आत्मनिर्भरता, हुनरमंद बनने और उद्यमशीलता की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद सराहनीय कदम सिद्ध हुआ। इस पूरे जागरूकता कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आयोजन डॉ. विपिन शुक्ला तथा डॉ. सारिका त्रिवेदी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
विज्ञापन