{"_id":"69f246a449fce1a0fd039699","slug":"175-villages-are-not-getting-electricity-even-for-two-hours-out-of-24-hours-kannauj-news-c-214-1-knj1006-148356-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: 175 गांवों को 24 घंटे में से दो घंटे भी नहीं मिल रही बत्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: 175 गांवों को 24 घंटे में से दो घंटे भी नहीं मिल रही बत्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
कन्नौज। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की बदतर स्थिति ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। 25 दिनों से 175 गांवों के ग्रामीण त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। आलम यह है कि पूरे 24 घंटे में दो घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे ऊर्जा मंत्री के निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावों की जमीनी हकीकत उजागर हो गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली निगम के अधिकारी उनकी समस्याओं पर कान नहीं धर रहे हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद फीडर और ट्रांसफार्मर की कमियों को दूर नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। इस बिजली संकट का सबसे घातक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। सिंचाई के लिए बिजली न मिलने से खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में आपूर्ति नहीं सुधरी, तो उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
सिंचाई के अभाव में फसलें चौपट
चपुन्ना। सौरिख पावर हाउस में कुल नौ फीडर संचालित होते हैं, जिनमें से छह सार्वजनिक और तीन पर्सनल फीडर हैं। ओवरलोड की समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि फीडर लोड ही नहीं उठा पा रहे हैं। इस कारण बार-बार ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन हो रहा है। इलाके के चपुन्ना, खडिनी, मांझपाटी, सौरिख, सकरावा, गाढिया पाह, शिवसिंहपुर, भावलपुर, नगला धरमाई, बौसिया, मुर्रा, मुखडा, बीलमपुर समेत 175 गांवों की स्थिति काफी दयनीय है। भीषण गर्मी में पेयजल संकट के साथ साथ सिंचाई के अभाव में खेतों में तैयार हो रही मक्का, मूंगफली, उर्द, मूंग, चना व हरी सब्जियों की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच रही हैं।
किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
किसान जितेंद्र सिंह राजावत, कल्लन सिंह चौहान, प्रबल प्रताप सिंह, मुकेश तिवारी, आशुतोष द्विवेदी, और उमेशचंद्र ने कहा कि विभाग के कानों पर जूं रेंग रही है और न ही उच्च अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं। प्रमोद मिश्रा, प्रांजुल, नमन मिश्रा, प्रमोद सिंह बैस, सुरजीत सिंह आदि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ और नए पावर हाउस का काम युद्ध स्तर पर पूरा नहीं किया गया। तो वह उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
जमीन देने के बावजूद उपकेंद्र निर्माण में देरी
क्षेत्र की समस्या को देखते हुए गढि़या पाह की प्रधान किरन यादव ने ग्राम सभा के प्रस्ताव के माध्यम से पांच बीघा जमीन विद्युत विभाग के नाम की थी ताकि नया पावर हाउस बन सके। वर्तमान में वहां निर्माण कार्य चल तो रहा है, लेकिन इसकी कछुआ गति किसानों और ग्रामीणों के धैर्य की परीक्षा ले रही है।
वर्जन
ओवरलोडिंग के कारण रोस्टरिंग कर सभी फीडरों को आपूर्ति दी जा रही है। गढि़या पाह उपकेंद्र का काम जल्द पूरा होगा, तब जाकर सौरिख क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में सुधार होगा।
-राजीव भारती, अधिशासी अभियंता, बिजली निगम
Trending Videos
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली निगम के अधिकारी उनकी समस्याओं पर कान नहीं धर रहे हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद फीडर और ट्रांसफार्मर की कमियों को दूर नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। इस बिजली संकट का सबसे घातक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। सिंचाई के लिए बिजली न मिलने से खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में आपूर्ति नहीं सुधरी, तो उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंचाई के अभाव में फसलें चौपट
चपुन्ना। सौरिख पावर हाउस में कुल नौ फीडर संचालित होते हैं, जिनमें से छह सार्वजनिक और तीन पर्सनल फीडर हैं। ओवरलोड की समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि फीडर लोड ही नहीं उठा पा रहे हैं। इस कारण बार-बार ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन हो रहा है। इलाके के चपुन्ना, खडिनी, मांझपाटी, सौरिख, सकरावा, गाढिया पाह, शिवसिंहपुर, भावलपुर, नगला धरमाई, बौसिया, मुर्रा, मुखडा, बीलमपुर समेत 175 गांवों की स्थिति काफी दयनीय है। भीषण गर्मी में पेयजल संकट के साथ साथ सिंचाई के अभाव में खेतों में तैयार हो रही मक्का, मूंगफली, उर्द, मूंग, चना व हरी सब्जियों की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच रही हैं।
किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
किसान जितेंद्र सिंह राजावत, कल्लन सिंह चौहान, प्रबल प्रताप सिंह, मुकेश तिवारी, आशुतोष द्विवेदी, और उमेशचंद्र ने कहा कि विभाग के कानों पर जूं रेंग रही है और न ही उच्च अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं। प्रमोद मिश्रा, प्रांजुल, नमन मिश्रा, प्रमोद सिंह बैस, सुरजीत सिंह आदि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ और नए पावर हाउस का काम युद्ध स्तर पर पूरा नहीं किया गया। तो वह उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
जमीन देने के बावजूद उपकेंद्र निर्माण में देरी
क्षेत्र की समस्या को देखते हुए गढि़या पाह की प्रधान किरन यादव ने ग्राम सभा के प्रस्ताव के माध्यम से पांच बीघा जमीन विद्युत विभाग के नाम की थी ताकि नया पावर हाउस बन सके। वर्तमान में वहां निर्माण कार्य चल तो रहा है, लेकिन इसकी कछुआ गति किसानों और ग्रामीणों के धैर्य की परीक्षा ले रही है।
वर्जन
ओवरलोडिंग के कारण रोस्टरिंग कर सभी फीडरों को आपूर्ति दी जा रही है। गढि़या पाह उपकेंद्र का काम जल्द पूरा होगा, तब जाकर सौरिख क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में सुधार होगा।
-राजीव भारती, अधिशासी अभियंता, बिजली निगम
