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Kannauj News: मुरैया बुजुर्ग केंद्र पर प्रतिमाह हो रहे 28 से 30 सुरक्षित प्रसव
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कन्नौज। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने गुरुवार को निरीक्षण किया। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर मुरैया बुजुर्ग का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर सुरक्षित प्रसवों और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की।
उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से केंद्र की सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। प्रभारी चिकित्साधिकारी अमिता कटारिया ने बताया कि केंद्र पर प्रतिमाह 28 से 30 सुरक्षित प्रसव कराए जाते हैं। तब सीईओ ने एचआरपी प्रबंधन को लेकर सवाल पूछे। स्टाफ ने इन सवालों का संतोषजनक जवाब दिया। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद गुणवत्तापूर्ण मातृ-शिशु सेवाएं देने के लिए टीम की प्रशंसा की। निरीक्षण में डिलीवरी पॉइंट पर सभी मानक पूरे पाए गए। केंद्र से लगभग 10 हजार की आबादी को चिकित्सीय सुविधा मिल रही है। 35 वर्षों तक सेवा देने वाली सेवानिवृत्त एएनएम के समर्पण की भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने प्रशंसा की।
केंद्र पर एआई आधारित ईसीजी मशीन उपलब्ध है। इसके बेहतर संचालन के लिए सीएचओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस सफल मॉडल का अध्ययन होगा। इसे प्रदेश के अन्य केंद्रों में भी लागू किया जाएगा। यह पहल राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायक होगी। निरीक्षण के समय डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, आईएएस अक्षत वर्मा आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से केंद्र की सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। प्रभारी चिकित्साधिकारी अमिता कटारिया ने बताया कि केंद्र पर प्रतिमाह 28 से 30 सुरक्षित प्रसव कराए जाते हैं। तब सीईओ ने एचआरपी प्रबंधन को लेकर सवाल पूछे। स्टाफ ने इन सवालों का संतोषजनक जवाब दिया। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद गुणवत्तापूर्ण मातृ-शिशु सेवाएं देने के लिए टीम की प्रशंसा की। निरीक्षण में डिलीवरी पॉइंट पर सभी मानक पूरे पाए गए। केंद्र से लगभग 10 हजार की आबादी को चिकित्सीय सुविधा मिल रही है। 35 वर्षों तक सेवा देने वाली सेवानिवृत्त एएनएम के समर्पण की भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने प्रशंसा की।
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केंद्र पर एआई आधारित ईसीजी मशीन उपलब्ध है। इसके बेहतर संचालन के लिए सीएचओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस सफल मॉडल का अध्ययन होगा। इसे प्रदेश के अन्य केंद्रों में भी लागू किया जाएगा। यह पहल राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायक होगी। निरीक्षण के समय डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, आईएएस अक्षत वर्मा आदि मौजूद रहे।
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