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Kannauj News: तहसीलदार के खिलाफ लेखपालों का मोर्चा
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तिर्वा। लेखपालों ने गुरुवार को तहसीलदार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया। लेखपाल संघ ने तहसीलदार के आदेशों को मानने से इन्कार कर दिया। बल्कि उन्हें तत्काल हटाने की मांग करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो 11 अगस्त से कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
तहसील अध्यक्ष अभिषेक सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लेखपाल तहसील पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। लेखपालों ने आरोप लगाया कि एक वर्ष पूर्व लेखपाल शिवरतन सिंह ने शाहनगर गांव में एक पट्टाधारक की जमीन पर हुए अवैध कब्जे की शिकायत पर पैमाइश कर कब्जा हटवाया था। इसके बाद जमीन पट्टाधारक को सौंप दी गई थी। लेखपालों का कहना है कि इसके बाद अवैध कब्जाधारी ने तहसीलदार को प्रार्थना पत्र देकर मामले की दोबारा जांच की मांग की।
तहसीलदार ने राजस्व टीम गठित कर जांच कराई लेकिन आरोप है कि इस प्रक्रिया में कब्जाधारी को दोबारा जमीन के आंशिक हिस्से पर कब्जा दिलाया गया। इस दौरान अवैध कब्जाधारी ने लेखपाल पर कार्रवाई को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस पर तहसीलदार की ओर से संबंधित लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट लगा दी गई। इससे लेखपालों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
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लेखपाल संघ का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से न सिर्फ राजस्व कर्मियों का मनोबल टूट रहा है, बल्कि निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। संघ ने कहा है कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो सभी लेखपाल कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान विवेक पाल, सद्दाम हुसैन, उमेश चंद्र, आयुष सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, तहसीलदार अवनीश सिंह ने बताया कि न्यायालय की ओर से मांगी गई जांच रिपोर्ट में बिना किसी न्यायालय या सक्षम अधिकारी के आदेश पर जमीन पर कब्जा परिवर्तन किया जा रहा था। इसी आधार पर रिपोर्ट भेजी गई है।
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तहसील अध्यक्ष अभिषेक सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लेखपाल तहसील पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। लेखपालों ने आरोप लगाया कि एक वर्ष पूर्व लेखपाल शिवरतन सिंह ने शाहनगर गांव में एक पट्टाधारक की जमीन पर हुए अवैध कब्जे की शिकायत पर पैमाइश कर कब्जा हटवाया था। इसके बाद जमीन पट्टाधारक को सौंप दी गई थी। लेखपालों का कहना है कि इसके बाद अवैध कब्जाधारी ने तहसीलदार को प्रार्थना पत्र देकर मामले की दोबारा जांच की मांग की।
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तहसीलदार ने राजस्व टीम गठित कर जांच कराई लेकिन आरोप है कि इस प्रक्रिया में कब्जाधारी को दोबारा जमीन के आंशिक हिस्से पर कब्जा दिलाया गया। इस दौरान अवैध कब्जाधारी ने लेखपाल पर कार्रवाई को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस पर तहसीलदार की ओर से संबंधित लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट लगा दी गई। इससे लेखपालों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
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लेखपाल संघ का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से न सिर्फ राजस्व कर्मियों का मनोबल टूट रहा है, बल्कि निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। संघ ने कहा है कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो सभी लेखपाल कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान विवेक पाल, सद्दाम हुसैन, उमेश चंद्र, आयुष सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, तहसीलदार अवनीश सिंह ने बताया कि न्यायालय की ओर से मांगी गई जांच रिपोर्ट में बिना किसी न्यायालय या सक्षम अधिकारी के आदेश पर जमीन पर कब्जा परिवर्तन किया जा रहा था। इसी आधार पर रिपोर्ट भेजी गई है।