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Kannauj News: अखिलेश कृष्ण के वंशज हैं तो मथुरा जाकर जन्मभूमि मुक्त कराएं
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कन्नौज। पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गुरुवार को हमला बोला है। सपा के हालिया ब्राह्मण सम्मेलन में दिए गए बयानों पर ऐतराज जताते हुए सुब्रत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर अखिलेश यादव को मथुरा जाने की सीधी चुनौती दे डाली।
पूर्व सांसद ने कहा कि यदि अखिलेश यादव खुद को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज मानते हैं, तो उन्हें तुरंत मथुरा जाकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि को कलंक से मुक्त कराने की पहल करनी चाहिए। ब्राह्मणों और श्रीकृष्ण के वंशजों की मित्रता सदियों पुरानी है लेकिन अखिलेश यादव सिर्फ राजनीति के लिए भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेते हैं। वह उनके असली वंशज नहीं हैं। अगर वह सच में पहल करते हैं तो ब्राह्मण समाज उनके साथ खड़ा रहेगा।
सपा की ओर से दिए जा रहे कृष्ण-सुदामा की दोस्ती के बयानों पर पूर्व सांसद ने करारा जवाब देते हुए कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज को केवल सुदामा के रूप में देखते हैं। इस आड़ में लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि इसी ब्राह्मण समाज ने चाणक्य, अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद और पेशवा बाजीराव जैसे महान और स्वाभिमानी व्यक्तित्व भी दिए हैं।
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पीडीए में पी का मतलब पिछड़ा या पंडित नहीं, केवल परिवार
सपा के चर्चित पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान पर तंज कसते हुए सुब्रत ने कहा कि सपा चाहे पी का मतलब पिछड़ा बताएं या पंडित, लेकिन सच्चाई यह है कि उनकी पार्टी के लिए पी का असली मतलब सिर्फ परिवार है। सपा के इस परिवारवाद में शिवपाल यादव की भी जगह नहीं बची है। वहां अखिलेश यादव के बाद केवल अर्जुन यादव को ही प्राथमिकता दी जा रही है।
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पूर्व सांसद ने कहा कि यदि अखिलेश यादव खुद को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज मानते हैं, तो उन्हें तुरंत मथुरा जाकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि को कलंक से मुक्त कराने की पहल करनी चाहिए। ब्राह्मणों और श्रीकृष्ण के वंशजों की मित्रता सदियों पुरानी है लेकिन अखिलेश यादव सिर्फ राजनीति के लिए भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेते हैं। वह उनके असली वंशज नहीं हैं। अगर वह सच में पहल करते हैं तो ब्राह्मण समाज उनके साथ खड़ा रहेगा।
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सपा की ओर से दिए जा रहे कृष्ण-सुदामा की दोस्ती के बयानों पर पूर्व सांसद ने करारा जवाब देते हुए कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज को केवल सुदामा के रूप में देखते हैं। इस आड़ में लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि इसी ब्राह्मण समाज ने चाणक्य, अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद और पेशवा बाजीराव जैसे महान और स्वाभिमानी व्यक्तित्व भी दिए हैं।
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पीडीए में पी का मतलब पिछड़ा या पंडित नहीं, केवल परिवार
सपा के चर्चित पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान पर तंज कसते हुए सुब्रत ने कहा कि सपा चाहे पी का मतलब पिछड़ा बताएं या पंडित, लेकिन सच्चाई यह है कि उनकी पार्टी के लिए पी का असली मतलब सिर्फ परिवार है। सपा के इस परिवारवाद में शिवपाल यादव की भी जगह नहीं बची है। वहां अखिलेश यादव के बाद केवल अर्जुन यादव को ही प्राथमिकता दी जा रही है।