सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Action was taken against one firm after three months; three others are still pending.

Kannauj News: एक फर्म पर तीन माह बाद कार्रवाई, तीन अन्य अभी बाकी

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 01:16 AM IST
विज्ञापन
Action was taken against one firm after three months; three others are still pending.
विज्ञापन
कानपुर। पंजाब में नशीली दवाएं बेचने वाली फर्म गौतम फार्मा का लाइसेंंस ड्रग विभाग ने तीन माह बाद निरस्त कर दिया है। गुजैनी निवासी शिवम गौतम ने अपने घर के पते पर लाइसेंस लिया था। इस लाइसेंस के जरिये नशीली दवाएं खरीदता था और बिना पर्चों के बेच रहा था। पंजाब पुलिस शहर आकर शिवम को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई थी। वह पंजाब जेल में बंद है। इसके अलावा अभी शहर की तीन ऐसी ही फर्मों का लाइसेंस ड्रग विभाग निरस्त नहीं कर सका है।
Trending Videos

अक्तूबर में चले अभियान में शहर से अग्रवाल ब्रदर्स, मसाइको, मेडिसिना, श्री बालाजी मेडिकल स्टोर, मां दुर्गा मेडिकोज, आरएस हेल्थ केयर, एएस हेल्थकेयर, सिसोदिया मेडिकल स्टोर और प्रेमा एजेंसी पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। प्रेमा, सिसोदिया और आरएस हेल्थकेयर का लाइसेंस निरस्त नहीं किया गया है। इन फर्मों ने भी कई जिलों में नशीली दवाएं और कफ सिरप बेचे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर, गौतम फार्मा के संचालक शिवम ने पंजाब पुलिस को बताया था कि वह अहमदाबाद से दवाएं खरीदता था और पंजाब में उन्हें बेचता था। दवा उसने कहां बेची, इसके दस्तावेज भी शिवम अभी तक नहीं दे सका है। अक्तूबर में तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर रेखा सचान ने उसके घर पर छापा मारा था तो वहां कोई नहीं मिला था। जिस दुकान का पता बताकर लाइसेंस लिया था, वह भी खाली थी। आसपास रहने वालों ने बताया कि यहां तो कोई मेडिकल स्टोर संचालित ही नहीं था। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि नशीली दवाओं को बेचने के मामले में शिवम गौतम की फर्म गौतम फार्मा का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। उस पर पहले से ही पंजाब में एफआईआर दर्ज है।


गैर देशों से जुड़ रहे नशीले कफ सिरप के तार

संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर। शहर से बेचे गए नशीले कफ सिरप के तार अब गैर देशों से भी जुड़ रहे हैं। ड्रग विभाग की जांच में पाया गया कि लगभग सभी मेडिकल फर्मों ने पश्चिम बंगाल में दवाएं बेचीं और वहां से इन सिरप को बांग्लादेश भी भेजा गया। इसके अलावा बहराइच में भी हर मेडिकल फर्म व मेडिकल स्टोर ने दवाएं बेचीं जहां से नेपाल दवाएं बेचे जाने के शक में भी जांच चल रही है। इसके अलावा इन फर्मों की ओर से दी गई जानकारी में बेची गई नशीली दवाओं के 60 फीसदी पते फर्जी पाए गए हैं। इन फर्मों में पश्चिम बंगाल, बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा, पंजाब के कई जिलों में सिरप बेचे हैं। दवा व्यापारियों के अनुसार, ये कफ सिरप बाजार में 80 रुपये में मिलते हैं। गैर राज्यों के दुकानदार 125 रुपये में बेच रहे थे। बांग्लादेश और नेपाल में जाने के बाद एक बोतल 500 रुपये की हो जाती है। सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बातया कि फर्मों की ओर से उपलब्ध कराए गए पतों पर चिट्ठी भेजी गई तो अधिकतर जगहों से चिट्ठी वापस आ गई। कुछ लोगों ने दवाएं खरीदने से इन्कार कर दिया। पश्चिम बंगाल, बहराइच, गुजरात आदि राज्यों से दवाएं किन देशों में गईं, इसकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed