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Kannauj News: कमरे में पड़ा मिला पूर्व प्रधान का शव, हत्या का आरोप
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अमोलर। घर के अंदर कमरे में पूर्व प्रधान का शव गुरुवार शाम को पड़ा मिला। पूर्व प्रधान तीन साल से अकेले रह रहे थे और ब्याज पर रुपये देने व सोने-चांदी के जेवर गिरवी रखने का काम करते थे। पत्नी ने हत्या और लूट का आरोप लगाया। पुलिस ने शुक्रवार को फॉरेंसिक टीम के साथ जांच पड़ताल की और साक्ष्य एकत्र किए।
क्षेत्र के पंचायत गदौरा के दिव्यांग पूर्व प्रधान ओमकार गुप्ता (70) तीन साल से घर पर अकेले रहते थे। ओमकार ब्याज पर रुपये देने और सोने चांदी के जेवर गिरवी रखना और हलवाई का काम करते थे। ओमकार का शव शाम को कमरे में पड़ा मिला। देखते ही देखते लोगों की भीड़ लग गई। घटना की जानकारी मिलते ही तीन साल से बच्चों के साथ मायके रह रही पत्नी मंजू गुप्ता गांव पहुंची। उन्होंने पति की हत्या और घर में लूटपाट का आरोप लगाते हुए डायल 112 पुलिस को सूचना दी।
थाना प्रभारी रंजना पांडेय और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। पूर्व प्रधान की अलमारी में जब पत्नी और बच्चों ने देखा तो 10 लाख रुपये से अधिक नकद व एक किलो सोने व चांदी के जेवर मिले। इससे लूट का आरोप निराधार निकला। थाना प्रभारी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधान बनने के बाद की थी शादी
वर्ष 2012 में ग्राम पंचायत गदोरा के प्रधान चुने गए थे। वर्ष 2013 में कानपुर नगर नौबस्ता निवासी मंजू (35) से शादी की थी। मंजू के पहले पति से दो बेटे नितिन (24), सचिन (23) थे। पूर्व प्रधान ने उन्हें पुत्र का दर्जा देकर परवरिश की और पिता नाम दिया था।
तीन साल पहले पत्नी बच्चों को लेकर चली गई थी मायके
पूर्व प्रधान ने पत्नी के नाम कुछ बीघा जमीन और एक शहर में मकान के लिए प्लाट भी खरीदा था लेकिन तीन साल पहले विवाद के चलते पत्नी, बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। अब गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
सीसीटीवी की डीवीआर खराब मिली
पूर्व प्रधान के मकान में और दरवाजे पर सीसीटीवी लगे हैं लेकिन पुलिस जांच में डीवीआर खराब मिली है जबकि गांव में एक युवक का शुक्रवार को शांति पाठ के लिए हलवाई काम के लिए बुकिंग भी थी। गुरुवार शाम पांच बजे कारीगरों से बातचीत भी की।
कांच के जार में बंद हुआ मौत का राज
पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित कर लिया गया। अब पूर्व प्रधान की मौत का राज कांच के जार में बंद हो गया है। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद भी पूर्व प्रधान की मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
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क्षेत्र के पंचायत गदौरा के दिव्यांग पूर्व प्रधान ओमकार गुप्ता (70) तीन साल से घर पर अकेले रहते थे। ओमकार ब्याज पर रुपये देने और सोने चांदी के जेवर गिरवी रखना और हलवाई का काम करते थे। ओमकार का शव शाम को कमरे में पड़ा मिला। देखते ही देखते लोगों की भीड़ लग गई। घटना की जानकारी मिलते ही तीन साल से बच्चों के साथ मायके रह रही पत्नी मंजू गुप्ता गांव पहुंची। उन्होंने पति की हत्या और घर में लूटपाट का आरोप लगाते हुए डायल 112 पुलिस को सूचना दी।
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थाना प्रभारी रंजना पांडेय और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। पूर्व प्रधान की अलमारी में जब पत्नी और बच्चों ने देखा तो 10 लाख रुपये से अधिक नकद व एक किलो सोने व चांदी के जेवर मिले। इससे लूट का आरोप निराधार निकला। थाना प्रभारी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधान बनने के बाद की थी शादी
वर्ष 2012 में ग्राम पंचायत गदोरा के प्रधान चुने गए थे। वर्ष 2013 में कानपुर नगर नौबस्ता निवासी मंजू (35) से शादी की थी। मंजू के पहले पति से दो बेटे नितिन (24), सचिन (23) थे। पूर्व प्रधान ने उन्हें पुत्र का दर्जा देकर परवरिश की और पिता नाम दिया था।
तीन साल पहले पत्नी बच्चों को लेकर चली गई थी मायके
पूर्व प्रधान ने पत्नी के नाम कुछ बीघा जमीन और एक शहर में मकान के लिए प्लाट भी खरीदा था लेकिन तीन साल पहले विवाद के चलते पत्नी, बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। अब गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
सीसीटीवी की डीवीआर खराब मिली
पूर्व प्रधान के मकान में और दरवाजे पर सीसीटीवी लगे हैं लेकिन पुलिस जांच में डीवीआर खराब मिली है जबकि गांव में एक युवक का शुक्रवार को शांति पाठ के लिए हलवाई काम के लिए बुकिंग भी थी। गुरुवार शाम पांच बजे कारीगरों से बातचीत भी की।
कांच के जार में बंद हुआ मौत का राज
पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित कर लिया गया। अब पूर्व प्रधान की मौत का राज कांच के जार में बंद हो गया है। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद भी पूर्व प्रधान की मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।