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Kannauj News: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने सामूहिक विवाह में कराया रिश्तेदार का फर्जी पंजीकरण
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कन्नौज। विकास भवन में तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा किया है। उसने अपने रिश्तेदार का बिना बताए फर्जी पंजीकरण करा दिया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी की जांच में बुधवार को यह खुलासा हुआ है। जांच में आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर कर्मचारी का निकला।
पीड़ित नीतू ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। नीतू ने बताया कि उसे पंजीकरण के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसके रिश्तेदार कर्मचारी ने आधार कार्ड लेकर आवेदन कर दिया। कर्मचारी ने सामूहिक विवाह में शामिल होने पर बीस हजार रुपये का लालच दिया था। हालांकि, बायोमीट्रिक परीक्षण के डर से नीतू विवाह स्थल पर नहीं गई। मामला सामने आने के बाद आरोपी कर्मचारी और पत्नी धमकी देने लगे। उन्होंने पूछताछ में मनमाफिक बयान देने को कहा। ऐसा न करने पर उल्टा टांगने और जेल भिजवाने की धमकी दी गई। पीड़ित परिवार अब बेहद भयभीत और डरा हुआ है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। यह जांच महिला थाना प्रभारी सीमा पटेल को सौंपी गई है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी ने नीतू का आधार कार्ड धोखे से हासिल किया था। उसने नीतू की जानकारी के बिना ही आवेदन फॉर्म भर दिया। सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए 20 हजार रुपये नकद का प्रलोभन दिया गया।
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पीड़ित नीतू ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। नीतू ने बताया कि उसे पंजीकरण के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसके रिश्तेदार कर्मचारी ने आधार कार्ड लेकर आवेदन कर दिया। कर्मचारी ने सामूहिक विवाह में शामिल होने पर बीस हजार रुपये का लालच दिया था। हालांकि, बायोमीट्रिक परीक्षण के डर से नीतू विवाह स्थल पर नहीं गई। मामला सामने आने के बाद आरोपी कर्मचारी और पत्नी धमकी देने लगे। उन्होंने पूछताछ में मनमाफिक बयान देने को कहा। ऐसा न करने पर उल्टा टांगने और जेल भिजवाने की धमकी दी गई। पीड़ित परिवार अब बेहद भयभीत और डरा हुआ है।
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पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। यह जांच महिला थाना प्रभारी सीमा पटेल को सौंपी गई है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी ने नीतू का आधार कार्ड धोखे से हासिल किया था। उसने नीतू की जानकारी के बिना ही आवेदन फॉर्म भर दिया। सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए 20 हजार रुपये नकद का प्रलोभन दिया गया।