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Kannauj News: साइबर सुरक्षा के लिए हर विभाग में नोडल अधिकारी बनाने की कवायद तेज
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कन्नौज। साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और सरकारी तंत्र को डिजिटल खतरों से सुरक्षित करने के लिए मंगलवार को बड़ा कदम उठाया गया है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने हर विभाग में साइबर सुरक्षा के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की कवायद तेज कर दी है।
साइबर सुरक्षा को लेकर अब पुलिस को अकेले जिम्मेदारी नहीं निभानी पड़ेगी। इसके लिए हर विभाग से समन्वय कर मदद ली जाएगी। जिला प्रशासन ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों को सूचना भेज दी है और संबंधित अधिकारियों से नोडल अधिकारियों के नाम मांगे गए हैं। वर्तमान समय में डिजिटल लेनदेन, सरकारी पोर्टलों पर डेटा चोरी, फिशिंग और सोशल मीडिया के जरिए फैल रही अफवाहों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सिर्फ पुलिस विभाग के भरोसे रहना पर्याप्त नहीं है। हर विभाग में एक जिम्मेदार अधिकारी होने से शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सकेगा और साइबर सेल तक सूचना समय पर पहुंच सकेगी।
प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल सरकारी कामकाज सुरक्षित होगा, बल्कि आम जनता को भी साइबर ठगी से बचाने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में सभी नोडल अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि वे नई तकनीकों और साइबर खतरों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
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नोडल अधिकारी के प्रमुख कार्य
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि नोडल अधिकारी का मुख्य काम अपने विभाग में कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करना और पुलिस व साइबर सेल के साथ समन्वय बनाना होगा। इसके अलावा विभागीय वेबसाइट, सर्वर और महत्वपूर्ण डेटा की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी इन्हीं अधिकारियों की होगी।
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साइबर सुरक्षा को लेकर अब पुलिस को अकेले जिम्मेदारी नहीं निभानी पड़ेगी। इसके लिए हर विभाग से समन्वय कर मदद ली जाएगी। जिला प्रशासन ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों को सूचना भेज दी है और संबंधित अधिकारियों से नोडल अधिकारियों के नाम मांगे गए हैं। वर्तमान समय में डिजिटल लेनदेन, सरकारी पोर्टलों पर डेटा चोरी, फिशिंग और सोशल मीडिया के जरिए फैल रही अफवाहों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सिर्फ पुलिस विभाग के भरोसे रहना पर्याप्त नहीं है। हर विभाग में एक जिम्मेदार अधिकारी होने से शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सकेगा और साइबर सेल तक सूचना समय पर पहुंच सकेगी।
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प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल सरकारी कामकाज सुरक्षित होगा, बल्कि आम जनता को भी साइबर ठगी से बचाने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में सभी नोडल अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि वे नई तकनीकों और साइबर खतरों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
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नोडल अधिकारी के प्रमुख कार्य
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि नोडल अधिकारी का मुख्य काम अपने विभाग में कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करना और पुलिस व साइबर सेल के साथ समन्वय बनाना होगा। इसके अलावा विभागीय वेबसाइट, सर्वर और महत्वपूर्ण डेटा की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी इन्हीं अधिकारियों की होगी।