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Kannauj News: महंगाई के बीच बिजली का झटका, बिल में लगेगा फ्यूल सरचार्ज
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कन्नौज। पहले से बढ़ती महंगाई का सामना कर रहे उपभोक्ताओं को अब बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा। जून के बिजली बिल में उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा। इसके तहत प्रत्येक 100 रुपये के बिजली बिल पर 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इससे घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणी के उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी का बिल एक हजार रुपये आता था तो अब उसे 1100 रुपये जमा करने पड़ेंगे।
गर्मी के मौसम में बिजली की खपत पहले ही बढ़ जाती है। ऐसे में फ्यूल सरचार्ज लागू होने से उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ना तय माना जा रहा है। आम लोगों का कहना है कि दूध, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी के दाम बढ़ने के बाद अब बिजली खर्च बढ़ना घरेलू बजट को और प्रभावित करेगा। शहर के कई उपभोक्ताओं ने बढ़ते खर्च पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त शुल्क से मासिक खर्च और बढ़ जाएगा। व्यापारियों का मानना है कि बिजली बिल बढ़ने से छोटे कारोबारों की लागत भी प्रभावित होगी। जानकारों का कहना है कि अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर इसका असर ज्यादा दिखाई देगा। ऐसे में लोगों को बिजली की बचत और अधिक ऊर्जा की खपत करने वाले उपकरणों के उपयोग पर ध्यान देना होगा।
क्या है फ्यूल सरचार्ज
यह एक अतिरिक्त शुल्क है, जो ईंधन जैसे पेट्रोल, डीजल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव या लेन-देन की लागत को कवर करने के लिए विभिन्न सेवाओं और बिलों में लगाया जाता है।अलग-अलग क्षेत्रों में इसका मतलब और उपयोग अलग होता है।
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बोले उपभोक्ता
फोटो :49: रामजी पाठक। संवाद
बजट संभालना मुश्किल
जलालाबाद के रहने वाले रामजी पाठक बताते हैं महंगाई पहले ही कमर तोड़ रही है। अब बिजली बिल में अतिरिक्त शुल्क लगने से मुश्किलें और बढ़ेंगी। घर के खर्च पहले से बढ़ा हुआ है। बिजली बिल में बढ़ोतरी से घर का बजट संभालना और मुश्किल होगा।
फोटो :50: पीयूष दुबे।
बढ़ेगी व्यापारिक लागत
पीयूष दुबे बताते हैं कि दूध, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी के दाम पहले से बढ़ चुके हैं। लगातार बढ़ रही महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऊपर से बिजली खर्च बढ़ने का असर छोटे कारोबार पर भी पड़ेगा। इससे व्यापारिक लागत बढ़ेगी।
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वर्जन
फ्यूल सरचार्ज के संबंध में शासन का आदेश प्राप्त हो चुका है। आदेश के अनुसार जून में जारी होने वाले बिजली बिलों में निर्धारित दर से फ्यूल सरचार्ज जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरचार्ज सभी पात्र श्रेणी के उपभोक्ताओं पर निर्देशानुसार लागू होगा। बिजली निगम केवल आदेश का अनुपालन कर रहा है।
-संघप्रिय गौतम, अधीक्षण अभियंता
गर्मी के मौसम में बिजली की खपत पहले ही बढ़ जाती है। ऐसे में फ्यूल सरचार्ज लागू होने से उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ना तय माना जा रहा है। आम लोगों का कहना है कि दूध, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी के दाम बढ़ने के बाद अब बिजली खर्च बढ़ना घरेलू बजट को और प्रभावित करेगा। शहर के कई उपभोक्ताओं ने बढ़ते खर्च पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त शुल्क से मासिक खर्च और बढ़ जाएगा। व्यापारियों का मानना है कि बिजली बिल बढ़ने से छोटे कारोबारों की लागत भी प्रभावित होगी। जानकारों का कहना है कि अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर इसका असर ज्यादा दिखाई देगा। ऐसे में लोगों को बिजली की बचत और अधिक ऊर्जा की खपत करने वाले उपकरणों के उपयोग पर ध्यान देना होगा।
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क्या है फ्यूल सरचार्ज
यह एक अतिरिक्त शुल्क है, जो ईंधन जैसे पेट्रोल, डीजल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव या लेन-देन की लागत को कवर करने के लिए विभिन्न सेवाओं और बिलों में लगाया जाता है।अलग-अलग क्षेत्रों में इसका मतलब और उपयोग अलग होता है।
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फोटो :49: रामजी पाठक। संवाद
बजट संभालना मुश्किल
जलालाबाद के रहने वाले रामजी पाठक बताते हैं महंगाई पहले ही कमर तोड़ रही है। अब बिजली बिल में अतिरिक्त शुल्क लगने से मुश्किलें और बढ़ेंगी। घर के खर्च पहले से बढ़ा हुआ है। बिजली बिल में बढ़ोतरी से घर का बजट संभालना और मुश्किल होगा।
फोटो :50: पीयूष दुबे।
बढ़ेगी व्यापारिक लागत
पीयूष दुबे बताते हैं कि दूध, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी के दाम पहले से बढ़ चुके हैं। लगातार बढ़ रही महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऊपर से बिजली खर्च बढ़ने का असर छोटे कारोबार पर भी पड़ेगा। इससे व्यापारिक लागत बढ़ेगी।
वर्जन
फ्यूल सरचार्ज के संबंध में शासन का आदेश प्राप्त हो चुका है। आदेश के अनुसार जून में जारी होने वाले बिजली बिलों में निर्धारित दर से फ्यूल सरचार्ज जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरचार्ज सभी पात्र श्रेणी के उपभोक्ताओं पर निर्देशानुसार लागू होगा। बिजली निगम केवल आदेश का अनुपालन कर रहा है।
-संघप्रिय गौतम, अधीक्षण अभियंता