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Kannauj News: चार ब्लॉकों में बनेंगे किसान कल्याण केंद्र
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कन्नौज। इत्रनगरी भी अब कृषि क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है। उत्तर प्रदेश सरकार के किसान कल्याण मिशन के तहत जिले के चार चिह्नित ब्लॉकों में किसान कल्याण केंद्रों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय दोगुनी करना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है।
कृषि विभाग ने तालग्राम, जलालाबाद, हसेरन व तिर्वा में भूमि का चयन और शुरुआती कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है, जिसके लिए बजट का आवंटन भी जल्द कर दिया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि इन किसान कल्याण केंद्रों को वन-स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में विकसित किया जाएगा। वहां उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
किसान अपने खेतों की मिट्टी की जांच करा सकेंगे ताकि खाद का सही संतुलित उपयोग कर सकें। वैज्ञानिकों और कृषि अधिकारियों द्वारा समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। पीएम किसान और अन्य अनुदान योजनाओं के लिए पंजीकरण और सहायता डेस्क होगी। कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी और उनके प्रदर्शन की जानकारी भी यहीं मिलेगी। यहां किसानों के लिए बैठने, पीने के पानी के लिए वाटर कूलर, सीड स्टोर, कृषि रक्षा इकाई के साथ तकनीकी जानकारी देने के लिए मीटिंग हाल का भी निर्माण हो रहा है। इससे किसानों को सारी सुविधाएं एक जगह ही हासिल हो जाएंगी। इसके लिए कार्यदायी संस्था यूपी यूपी निर्माण निगम सहकारी संघ को भवन निर्माण का कार्य सौंपा गया है।
किसानों में दौड़ी खुशी की लहर
स्थानीय किसानों का कहना है कि अब उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं या बीज के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। ब्लॉक स्तर पर ही केंद्र होने से समय और धन दोनों की बचत होगी। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर इन्हें किसानों को समर्पित कर दिया जाएगा।
मीटिंग हाल में यह रहेगी सुविधा
किसानों के बैठने के लिए कुर्सी, प्रोजेक्टर, वाटर कूलर, प्रिंटर, कंप्यूटर लगवाया जाएगा। जिससे किसानों को कोई समस्या न हो। प्रोजेक्टर के द्वारा बारीकी से समझाकर प्रशिक्षित किया जाएगा। जिससे कि खेती किसानी में उन्हें दिक्कत न हो। भवन का मुख्य द्वार भी बनेगा।
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कृषि विभाग ने तालग्राम, जलालाबाद, हसेरन व तिर्वा में भूमि का चयन और शुरुआती कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है, जिसके लिए बजट का आवंटन भी जल्द कर दिया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि इन किसान कल्याण केंद्रों को वन-स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में विकसित किया जाएगा। वहां उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
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किसान अपने खेतों की मिट्टी की जांच करा सकेंगे ताकि खाद का सही संतुलित उपयोग कर सकें। वैज्ञानिकों और कृषि अधिकारियों द्वारा समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। पीएम किसान और अन्य अनुदान योजनाओं के लिए पंजीकरण और सहायता डेस्क होगी। कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी और उनके प्रदर्शन की जानकारी भी यहीं मिलेगी। यहां किसानों के लिए बैठने, पीने के पानी के लिए वाटर कूलर, सीड स्टोर, कृषि रक्षा इकाई के साथ तकनीकी जानकारी देने के लिए मीटिंग हाल का भी निर्माण हो रहा है। इससे किसानों को सारी सुविधाएं एक जगह ही हासिल हो जाएंगी। इसके लिए कार्यदायी संस्था यूपी यूपी निर्माण निगम सहकारी संघ को भवन निर्माण का कार्य सौंपा गया है।
किसानों में दौड़ी खुशी की लहर
स्थानीय किसानों का कहना है कि अब उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं या बीज के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। ब्लॉक स्तर पर ही केंद्र होने से समय और धन दोनों की बचत होगी। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर इन्हें किसानों को समर्पित कर दिया जाएगा।
मीटिंग हाल में यह रहेगी सुविधा
किसानों के बैठने के लिए कुर्सी, प्रोजेक्टर, वाटर कूलर, प्रिंटर, कंप्यूटर लगवाया जाएगा। जिससे किसानों को कोई समस्या न हो। प्रोजेक्टर के द्वारा बारीकी से समझाकर प्रशिक्षित किया जाएगा। जिससे कि खेती किसानी में उन्हें दिक्कत न हो। भवन का मुख्य द्वार भी बनेगा।