{"_id":"6a68f0317caa98337b006dea","slug":"less-books-in-libraries-of-80-panchayats-payment-to-firms-stopped-kannauj-news-c-12-1-knp1038-1602448-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: 80 पंचायतों की लाइब्रेरी में कम किताबें, फर्मों का भुगतान रुका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: 80 पंचायतों की लाइब्रेरी में कम किताबें, फर्मों का भुगतान रुका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज। जिले में सरकारी धन के दुरुपयोग और विकास कार्यों में कागजी खानापूर्ति का मामला उजागर हुआ है। झांसी मंडल के उपनिदेशक अजय आनंद सरोज ने एक जुलाई को निरीक्षण किया था। 18 जुलाई को जारी रिपोर्ट में अंत्येष्टि स्थल, पंचायत भवन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई और पुस्तक आपूर्ति में गंभीर अनियमितताएं मिलीं।
नान एनबीटी योजना के तहत फर्म को प्रति ग्राम पंचायत 321 पुस्तकें देनी थीं लेकिन 80 ग्राम पंचायतों में 23-23 किताबें कम दी गईं। फर्म ने कुल 298 पुस्तकें ही आपूर्ति कीं। इस जालसाज फर्म को बिना जांचे 85 फीसदी भुगतान भी जारी कर दिया गया था। शेष 15 फीसदी भुगतान रोक दिया गया है, जो आपूर्ति के बाद ही मिलेगा। रिपोर्ट में सौरिख ब्लॉक की ग्राम पंचायत सलेमपुर में अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में भी खामियां मिलीं। बहादुरपुर मझगवां की प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई बिना बिजली कनेक्शन के चल रही है। रूर ग्राम पंचायत भवन का हाल भी खस्ताहाल मिला।
अंत्येष्टि स्थल और पंचायत भवन में भी खामियां
सलेमपुर के अंत्येष्टि स्थल पर मानक के अनुरूप बेस तैयार किए बिना इंटरलॉकिंग बिछाई गई। यह कई जगहों पर धंस गई है। दीवारों पर पुट्टी के बजाय सफेद सीमेंट लगाया गया और फर्श से प्लास्टर व टाइल्स गायब मिले। दो की जगह सिर्फ एक लीच पिट बनाया गया और सुरक्षा दीवार भी नहीं बनी। रूर ग्राम पंचायत भवन में बिना चौखट के गेट लगाए गए, जिनमें चार-चार इंच की दरारें हैं।
विज्ञापन
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई की अनदेखी
बहादुरपुर मझगवां की प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई में लाखों की मशीनें धूल फांक रही हैं। यहां बिजली का कनेक्शन तक नहीं लिया गया है। प्लास्टिक जमा होने पर किराए का जनरेटर मंगाकर काम चलाया जाता है। उपनिदेशक की रिपोर्ट से साफ है कि जिले में विकास कार्य नहीं, बल्कि बजट को ठिकाने लगाने का संगठित खेल चल रहा है।
विज्ञापन
नान एनबीटी योजना के तहत फर्म को प्रति ग्राम पंचायत 321 पुस्तकें देनी थीं लेकिन 80 ग्राम पंचायतों में 23-23 किताबें कम दी गईं। फर्म ने कुल 298 पुस्तकें ही आपूर्ति कीं। इस जालसाज फर्म को बिना जांचे 85 फीसदी भुगतान भी जारी कर दिया गया था। शेष 15 फीसदी भुगतान रोक दिया गया है, जो आपूर्ति के बाद ही मिलेगा। रिपोर्ट में सौरिख ब्लॉक की ग्राम पंचायत सलेमपुर में अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में भी खामियां मिलीं। बहादुरपुर मझगवां की प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई बिना बिजली कनेक्शन के चल रही है। रूर ग्राम पंचायत भवन का हाल भी खस्ताहाल मिला।
विज्ञापन
अंत्येष्टि स्थल और पंचायत भवन में भी खामियां
सलेमपुर के अंत्येष्टि स्थल पर मानक के अनुरूप बेस तैयार किए बिना इंटरलॉकिंग बिछाई गई। यह कई जगहों पर धंस गई है। दीवारों पर पुट्टी के बजाय सफेद सीमेंट लगाया गया और फर्श से प्लास्टर व टाइल्स गायब मिले। दो की जगह सिर्फ एक लीच पिट बनाया गया और सुरक्षा दीवार भी नहीं बनी। रूर ग्राम पंचायत भवन में बिना चौखट के गेट लगाए गए, जिनमें चार-चार इंच की दरारें हैं।
विज्ञापन
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई की अनदेखी
बहादुरपुर मझगवां की प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई में लाखों की मशीनें धूल फांक रही हैं। यहां बिजली का कनेक्शन तक नहीं लिया गया है। प्लास्टिक जमा होने पर किराए का जनरेटर मंगाकर काम चलाया जाता है। उपनिदेशक की रिपोर्ट से साफ है कि जिले में विकास कार्य नहीं, बल्कि बजट को ठिकाने लगाने का संगठित खेल चल रहा है।