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Kannauj News: मंडी में लाइसेंस नवीनीकरण रसीदें अमान्य, एसआईटी जांच की मांग
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छिबरामऊ। मंडी समिति के नए प्रभारी सचिव के फरमान से व्यापारियों में शनिवार को भारी आक्रोश रहा। उन्होंने पहले जमा की गई लाइसेंस नवीनीकरण की रसीदों को अमान्य घोषित कर दिया है। इसके विरोध में व्यापारियों ने मंडी समिति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर न्याय की गुहार लगाई।
प्रभारी मंडी सचिव नागेंद्र सिंह ने व्यापारियों को 31 जुलाई तक एक हजार रुपये जुर्माने के साथ नवीनीकरण कराने को कहा। इस अवधि के बाद तीन हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। व्यापारी यह शुल्क पहले ही पूर्व सचिव के कार्यकाल में जमा कर चुके हैं। वर्तमान सचिव उन रसीदों को स्वीकार करने से इन्कार कर रहे हैं। इसी क्रम में दोहपर में बड़ी संख्या में व्यापारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शन कर रहे व्यापारी शिव गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, विनोद कुमार, नीरज भाटिया, जुल्फिकार, शंकर सक्सेना, किशोर, गिरिजा शंकर शर्मा, सुरेशचंद्र गुप्ता और विपिन राठौर ने संयुक्त रूप से कहा कि उन्होंने नियमानुसार शुल्क जमा किया था। अब वर्तमान सचिव उन रसीदों को फर्जी बताकर दोबारा वसूली पर अड़े हैं। गल्ला आलू व्यापारी संघ के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने एसआईटी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि व्यापारियों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा।
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पूर्व मंडी सचिव श्रवण कुमार तोमर ने बताया कि उनके कार्यकाल की रसीदों में सभी के नाम खुले हैं। वर्तमान में काटी जा रहीं रसीदों में किसी का नाम अंकित नहीं है। मंडी समिति में हुए बड़े घोटाले में पूर्व मंडी सचिव श्रवण कुमार परमार पर प्राथमिकी दर्ज है। लिपिक ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस मामले की जांच वर्तमान में चल रही है।
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प्रभारी मंडी सचिव नागेंद्र सिंह ने व्यापारियों को 31 जुलाई तक एक हजार रुपये जुर्माने के साथ नवीनीकरण कराने को कहा। इस अवधि के बाद तीन हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। व्यापारी यह शुल्क पहले ही पूर्व सचिव के कार्यकाल में जमा कर चुके हैं। वर्तमान सचिव उन रसीदों को स्वीकार करने से इन्कार कर रहे हैं। इसी क्रम में दोहपर में बड़ी संख्या में व्यापारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
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प्रदर्शन कर रहे व्यापारी शिव गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, विनोद कुमार, नीरज भाटिया, जुल्फिकार, शंकर सक्सेना, किशोर, गिरिजा शंकर शर्मा, सुरेशचंद्र गुप्ता और विपिन राठौर ने संयुक्त रूप से कहा कि उन्होंने नियमानुसार शुल्क जमा किया था। अब वर्तमान सचिव उन रसीदों को फर्जी बताकर दोबारा वसूली पर अड़े हैं। गल्ला आलू व्यापारी संघ के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने एसआईटी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि व्यापारियों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा।
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पूर्व मंडी सचिव श्रवण कुमार तोमर ने बताया कि उनके कार्यकाल की रसीदों में सभी के नाम खुले हैं। वर्तमान में काटी जा रहीं रसीदों में किसी का नाम अंकित नहीं है। मंडी समिति में हुए बड़े घोटाले में पूर्व मंडी सचिव श्रवण कुमार परमार पर प्राथमिकी दर्ज है। लिपिक ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस मामले की जांच वर्तमान में चल रही है।