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Kannauj News: खाद की आड़ में शराब तस्करी, 508 पेटी बरामद, तीन गिरफ्तार

Thu, 13 Aug 2026 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 11:57 PM IST
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Liquor smuggled under the guise of fertilizer; 508 cartons seized, three arrested.
इंदरगढ़ (कन्नौज)। पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बुधवार देर रात इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के बेला-तिर्वा मार्ग पर र्रवाई करते हुए खाद की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही 508 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की है। यह खेप हरियाणा के चंडीगढ़ से बिहार ले जा रहे थे। शराब की अनुमानित कीमत 30 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रक को सीज कर दिया है।
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थानाध्यक्ष विनोद कुमार और एसओजी प्रभारी के नेतृत्व में उमर्दा के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया था। तभी एक संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। ऊपर से खाद की बोरियां रखी हुई थीं लेकिन जब गहराई से जांच की गई तो नीचे शराब की पेटियां छिपाकर रखी मिलीं। आबकारी अधिकारी स्वप्निल रावत के अनुसार मौके पर शराब का कोई वैध बिल या दस्तावेज नहीं मिला। शराब चंडीगढ़ से लाई जा रही थी ओर बिहार में बिक्री करने के लिए जा रहे थे।
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थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस ने ट्रक चालक समेत तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इटावा जिले के फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित आजाद नगर टीला निवासी महताब और सलमान तथा कबीर नगर निवासी इमरान के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह शराब को बिहार ले जाकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। इसमें 248 पेटी बीयर, 126 पेटी रॉयल स्टेज और 134 पेटी इंपीरियल ब्लू शामिल हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि शराब तस्करी के पूरे मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है।
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शराब तस्करी में ट्रक मालिक की भूमिका भी संदिग्ध
508 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद होने के मामले में पुलिस की कार्रवाई फीकी पड़ गई। पुलिस ने ट्रक से भारी मात्रा में शराब बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन ट्रक के स्वामित्व और उसके इस्तेमाल को लेकर कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, पकड़े गए ट्रक को इमरान चला रहा था। ट्रक किसी अन्य युवक के नाम पर पंजीकृत बताया जा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि ट्रक चालक और वाहन स्वामी के बीच क्या संबंध है और ट्रक किस आधार पर इमरान को चलाने के लिए दिया गया था। यदि ट्रक किसी परिवहन कंपनी से संबंधित है तो उस भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

बिहार के नाम पर तस्करी या यूपी में खपत
अंग्रेजी शराब बरामद होने के मामले में कई सवाल उठने लगे हैं। आरोपियों ने पूछताछ में शराब को बिहार ले जाकर बेचने की बात कही है लेकिन बरामदगी से जुड़े कुछ तथ्य इस दावे पर संदेह पैदा कर रहे हैं। बिहार जाने वाले अधिकांश वाहन आमतौर पर एक्सप्रेसवे का उपयोग करते हैं, जबकि शराब से भरा ट्रक बेला-तिर्वा मार्ग पर पकड़ा गया। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या शराब वास्तव में बिहार ले जाई जा रही थी या फिर उसकी खपत प्रदेश में ही होनी थी। मामले को इसलिए भी संदिग्ध माना जा रहा है, क्योंकि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी इटावा जिले के निवासी हैं।
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