{"_id":"6a7e0bf14fc17b26120194ad","slug":"stir-in-the-city-of-perfumes-as-the-ganges-touches-the-warning-mark-kannauj-news-c-214-1-knj1023-154291-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: इत्रनगरी में गंगा के चेतावनी रेखा छूते ही मची खलबली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: इत्रनगरी में गंगा के चेतावनी रेखा छूते ही मची खलबली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज। गंगा का बढ़ता जलस्तर अब इत्रनगरी में बाढ़ की आहट सुनाने लगा है। गुरुवार को गंगा महादेवी घाट गेज पर चेतावनी रेखा तक पहुंच गई। इससे प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई। सुबह गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर दर्ज किया गया, हालांकि दोपहर तक मामूली गिरावट के बाद यह फिर चेतावनी स्तर पर आ गया। इसके बावजूद हालात को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
जलस्तर चेतावनी रेखा पर पहुंचते ही अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रेश्मा सहाय, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी जय लक्ष्मी पांडेय तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ग्राम कासिमपुर स्थित बाढ़ साइट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कासिमपुर जाने वाली पुलिया पानी में डूबी मिली, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है और लगातार जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा की चाल और नरौरा बांध से छोड़े गए पानी के प्रभाव को देखते हुए अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण रहेंगे।
आंकड़ों में गंगा की चाल
-सुबह आठ बजे जलस्तर : 124.990 मीटर।
-दोपहर दो बजे जलस्तर : 124.970 मीटर।
-चेतावनी स्तर : 124.970 मीटर।
-खतरे का निशान : 125.970 मीटर।
-उच्चतम बाढ़ स्तर : 126.780 मीटर।
-खतरे के निशान से दूरी : 0.98 मीटर नीचे।
-12 अगस्त को नरौरा बांध से छोड़ा गया पानी : 1,24,173 क्यूसेक।
-13 अगस्त को छोड़ा गया पानी : 1,15,137 क्यूसेक।
नरौरा का पानी करीब 48 घंटे बाद महादेवी घाट गेज पर पहुंचता है।
मंत्री जी आ रहे हैं... की खबर पर दौड़ा प्रशासन
जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सचान के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की चर्चा ने प्रशासनिक अमले को दौड़ा दिया। तिरंगा यात्रा के कार्यक्रम के बीच अचानक सूचना मिली कि मंत्री महादेवी घाट और बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। सूचना मिलते ही अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों तक भी खबर पहुंच गई और लोग मंत्री के स्वागत व अपनी समस्याएं बताने की तैयारी में जुट गए। उमस भरी गर्मी के बीच अफसर और कर्मचारी घंटों महादेवी घाट पर डटे रहे, लेकिन मंत्री नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जलस्तर चेतावनी रेखा पर पहुंचते ही अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रेश्मा सहाय, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी जय लक्ष्मी पांडेय तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ग्राम कासिमपुर स्थित बाढ़ साइट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कासिमपुर जाने वाली पुलिया पानी में डूबी मिली, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है और लगातार जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा की चाल और नरौरा बांध से छोड़े गए पानी के प्रभाव को देखते हुए अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण रहेंगे।
विज्ञापन
आंकड़ों में गंगा की चाल
-सुबह आठ बजे जलस्तर : 124.990 मीटर।
-दोपहर दो बजे जलस्तर : 124.970 मीटर।
-चेतावनी स्तर : 124.970 मीटर।
-खतरे का निशान : 125.970 मीटर।
-उच्चतम बाढ़ स्तर : 126.780 मीटर।
-खतरे के निशान से दूरी : 0.98 मीटर नीचे।
-12 अगस्त को नरौरा बांध से छोड़ा गया पानी : 1,24,173 क्यूसेक।
-13 अगस्त को छोड़ा गया पानी : 1,15,137 क्यूसेक।
नरौरा का पानी करीब 48 घंटे बाद महादेवी घाट गेज पर पहुंचता है।
मंत्री जी आ रहे हैं... की खबर पर दौड़ा प्रशासन
जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सचान के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की चर्चा ने प्रशासनिक अमले को दौड़ा दिया। तिरंगा यात्रा के कार्यक्रम के बीच अचानक सूचना मिली कि मंत्री महादेवी घाट और बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। सूचना मिलते ही अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों तक भी खबर पहुंच गई और लोग मंत्री के स्वागत व अपनी समस्याएं बताने की तैयारी में जुट गए। उमस भरी गर्मी के बीच अफसर और कर्मचारी घंटों महादेवी घाट पर डटे रहे, लेकिन मंत्री नहीं पहुंचे।
विज्ञापन