{"_id":"6a7e0ba5f5515c8d020b7d76","slug":"six-lucky-farmers-will-be-selected-via-e-lottery-today-kannauj-news-c-214-1-knj1006-154289-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: आज ई-लॉटरी से तय होंगे छह भाग्यशाली कृषक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: आज ई-लॉटरी से तय होंगे छह भाग्यशाली कृषक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज। शासन की नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना के तहत जिले के पशुपालकों और किसानों की किस्मत चमकाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। योजना के अंतर्गत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के माध्यम से उन्नत नस्ल के गोवंश को बढ़ावा देने और ग्रामीण रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लाभार्थियों का चयन अंतिम चरण में पहुंच गया है। पूरी प्रक्रिया में शत-प्रतिशत पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शुक्रवार को ई-लॉटरी का आयोजन किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत जिले को कुल छह यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य मिला है। इसमें तीन महिला और तीन पुरुष लाभार्थियों का चयन किया जाना है। योजना के तहत कुल 191 फार्म प्राप्त हुए थे, जिनमें 139 पुरुष और 52 महिलाएं शामिल थीं। विभागीय समिति द्वारा दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के बाद केवल 90 आवेदन सही पाए गए। मानकों को पूरा न करने और कमियों के कारण बाकी 101 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। अब इन्हीं पात्र 90 आवेदकों के बीच ई-लाटरी कराई जाएगी। मिनी नंदनी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी उन्नत स्वदेशी प्रजाति की गायों का संरक्षण व दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। 10 गायों की एक यूनिट स्थापित करने की कुल परियोजना लागत 23.60 लाख तय की गई है। सरकार द्वारा कुल लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 11.80 लाख तक अनुदान दिया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. सरदूल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ई-लाटरी निकाली जाएगी।
विज्ञापन
योजना के अंतर्गत जिले को कुल छह यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य मिला है। इसमें तीन महिला और तीन पुरुष लाभार्थियों का चयन किया जाना है। योजना के तहत कुल 191 फार्म प्राप्त हुए थे, जिनमें 139 पुरुष और 52 महिलाएं शामिल थीं। विभागीय समिति द्वारा दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के बाद केवल 90 आवेदन सही पाए गए। मानकों को पूरा न करने और कमियों के कारण बाकी 101 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। अब इन्हीं पात्र 90 आवेदकों के बीच ई-लाटरी कराई जाएगी। मिनी नंदनी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी उन्नत स्वदेशी प्रजाति की गायों का संरक्षण व दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। 10 गायों की एक यूनिट स्थापित करने की कुल परियोजना लागत 23.60 लाख तय की गई है। सरकार द्वारा कुल लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 11.80 लाख तक अनुदान दिया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. सरदूल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ई-लाटरी निकाली जाएगी।
विज्ञापन