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Kannauj News: नियम ताक पर बेसमेंट में पढ़ाई इलाज
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कन्नौज। लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर में लगी आग की आंच पूरे प्रदेश में फेल गई है। सीएम योगी ने सख्त कदम उठाते हुए बेसमेंट में संचालित कोचिंग-लाइब्रेरी के बाद अब नर्सिंग होम को बंद कराने के आदेश दिए हैं। इसके बाद से बेसमेंट में संचालित कोचिंग-लाइब्रेरी के साथ ही नर्सिंग होम की पड़ताल भी की जाएगी। अब तक प्रशासन ने बड़ी संख्या में कोचिंग-लाइब्रेरी की जांच की है। मानकविहीन अभी तक 13 कोचिंग-लाइब्रेरी सील की हैं। अब ऐसे नर्सिंग होम भी खोजे जा रहे हैं, जो बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। बेसमेंट में संचालित कोचिंग-लाइब्रेरी व नर्सिंग होम में नियम-कानून ताक पर रख छात्रों और मरीजों की जान से खेल हो रहा है।
90 नर्सिंग होम-क्लीनिक पंजीकृत, विभाग करेगा जांच
90 नर्सिंग होम-क्लीनिक और पैथोलॉजी पंजीकृत हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि नर्सिंग होम, क्लीनिक और पैथोलॉजी बेसमेंट में संचालित नहीं है। दावों से हटकर देखा जाए तो बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण निजी नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं जिसमें 30 फीसदी बेसमेंट में चल रहे हैं। अब प्रशासन निजी नर्सिंग होम की जांच शुरू करेगा, अगर कोई बेसमेंट में संचालित मिला तो उसे बंद कराएगा। सीएमओ डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि बेसमेंट में संचालित मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फोटो :40: नादेमऊ में संचालित कोचिंग का आधा बंद शटर। संवाद
कार्रवाई के डर से बेसमेंट में कोचिंग की शिफ्ट
नादेमऊ में बड़ी संख्या में कोचिंग-लाइब्रेरी संचालित हैं, जिनके पास पंजीकरण तो दूर फायर एनओसी तक नहीं है। मधपुरी रोड पर संचालित कोचिंग और लाइब्रेरी पर मंगलवार को कार्रवाई के बाद संचालक ने भवन के बेसमेंट में कोचिंग शिफ्ट कर दी है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में कोचिंग चल रही हैं, जहां पर सुरक्षा मानक तो दूर छात्रों के पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
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फोटो :41: इंदरगढ़ में बेसमेंट में संचालित कोचिंग। संवाद
दो कोचिंग बेसमेंट में संचालित
इंदरगढ़ क्षेत्र में आठ कोचिंग-लाइब्रेरी और कंप्यूटर सेंटर संचालित हैं जिसमें दो कोचिंग सेंटर बेसमेंट में चल रहे हैं। न तो छात्रों के निकलने के लिए पर्याप्त जगह है और न ही सेंटर के अंदर अग्निशमन यंत्र ही उपलब्ध हैं। छात्रों की सुरक्षा के मानक तक नहीं हैं।
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फोटो :42: सिकंदपुर में संचालित कोचिंग सेंटर। संवाद
बेसमेंट में चल ररे तीन कोचिंग सेंटर
सिकंदरपुर में एक कोचिंग और चार लाइब्रेरी संचालित हैं। इनमें तीन बेसमेंट में संचालित हो रही है। कोचिंग-लाइब्रेरी में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था तो नहीं है। इसके अलावा भवनों में खिड़कियां तक नहीं हैं, जिससे बाहर से हवा तक आ सके। प्रशासन की कार्रवाई के बाद कई कोचिंग-लाइब्रेरी संचालक ताला लगाकर चले गए हैं।
फोटो :43: तिर्वा कस्बे में बंद कोचिंग सेंटर। संवाद
10 कोचिंग बेसमेंट में संचालित
तिर्वा क्षेत्र में 45 कोचिंग-लाइब्रेरी संचालित हैं, जिसमें एक भी कोचिंग-लाइब्रेरी पंजीकृत नहीं हैं और न ही फायर एनओसी हैं। इनमें से 10 कोचिंग-लाइब्रेरी बेसमेंट में संचालित हो रही हैं। बुधवार को अधिकतर कोचिंग-लाइब्रेरी बंद मिले।
वर्जन
मानकविहीन कोचिंग-लाइब्रेरी को बंद कराया जा रहा है। कोचिंग-लाइब्रेरी के साथ ही बेसमेंट में संचालित नर्सिंग होम की पड़ताल कराई जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी। -देवेंद्र सिंह, एडीएम
कोचिंग-लाइब्रेरी के प्रमुख मानक
-आग एवं किसी अन्य आपत्तिजनक स्थिति में अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास की व्यवस्था
-सेंटरों पर आगमन और निकास के लिए प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग हो
-लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए शांत माहौल हो एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए उपयुक्त संसाधन उपलब्ध हों
-छात्रों के पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, छात्रों को किसी प्रकार की समस्या न हो
- शुद्ध पेयजल, इज्जतघर और साथ ही हवा के आवागमन के लिए रोशनदान, खिड़कियों की व्यवस्था
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90 नर्सिंग होम-क्लीनिक पंजीकृत, विभाग करेगा जांच
90 नर्सिंग होम-क्लीनिक और पैथोलॉजी पंजीकृत हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि नर्सिंग होम, क्लीनिक और पैथोलॉजी बेसमेंट में संचालित नहीं है। दावों से हटकर देखा जाए तो बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण निजी नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं जिसमें 30 फीसदी बेसमेंट में चल रहे हैं। अब प्रशासन निजी नर्सिंग होम की जांच शुरू करेगा, अगर कोई बेसमेंट में संचालित मिला तो उसे बंद कराएगा। सीएमओ डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि बेसमेंट में संचालित मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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फोटो :40: नादेमऊ में संचालित कोचिंग का आधा बंद शटर। संवाद
कार्रवाई के डर से बेसमेंट में कोचिंग की शिफ्ट
नादेमऊ में बड़ी संख्या में कोचिंग-लाइब्रेरी संचालित हैं, जिनके पास पंजीकरण तो दूर फायर एनओसी तक नहीं है। मधपुरी रोड पर संचालित कोचिंग और लाइब्रेरी पर मंगलवार को कार्रवाई के बाद संचालक ने भवन के बेसमेंट में कोचिंग शिफ्ट कर दी है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में कोचिंग चल रही हैं, जहां पर सुरक्षा मानक तो दूर छात्रों के पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
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फोटो :41: इंदरगढ़ में बेसमेंट में संचालित कोचिंग। संवाद
दो कोचिंग बेसमेंट में संचालित
इंदरगढ़ क्षेत्र में आठ कोचिंग-लाइब्रेरी और कंप्यूटर सेंटर संचालित हैं जिसमें दो कोचिंग सेंटर बेसमेंट में चल रहे हैं। न तो छात्रों के निकलने के लिए पर्याप्त जगह है और न ही सेंटर के अंदर अग्निशमन यंत्र ही उपलब्ध हैं। छात्रों की सुरक्षा के मानक तक नहीं हैं।
फोटो :42: सिकंदपुर में संचालित कोचिंग सेंटर। संवाद
बेसमेंट में चल ररे तीन कोचिंग सेंटर
सिकंदरपुर में एक कोचिंग और चार लाइब्रेरी संचालित हैं। इनमें तीन बेसमेंट में संचालित हो रही है। कोचिंग-लाइब्रेरी में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था तो नहीं है। इसके अलावा भवनों में खिड़कियां तक नहीं हैं, जिससे बाहर से हवा तक आ सके। प्रशासन की कार्रवाई के बाद कई कोचिंग-लाइब्रेरी संचालक ताला लगाकर चले गए हैं।
फोटो :43: तिर्वा कस्बे में बंद कोचिंग सेंटर। संवाद
10 कोचिंग बेसमेंट में संचालित
तिर्वा क्षेत्र में 45 कोचिंग-लाइब्रेरी संचालित हैं, जिसमें एक भी कोचिंग-लाइब्रेरी पंजीकृत नहीं हैं और न ही फायर एनओसी हैं। इनमें से 10 कोचिंग-लाइब्रेरी बेसमेंट में संचालित हो रही हैं। बुधवार को अधिकतर कोचिंग-लाइब्रेरी बंद मिले।
वर्जन
मानकविहीन कोचिंग-लाइब्रेरी को बंद कराया जा रहा है। कोचिंग-लाइब्रेरी के साथ ही बेसमेंट में संचालित नर्सिंग होम की पड़ताल कराई जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी। -देवेंद्र सिंह, एडीएम
कोचिंग-लाइब्रेरी के प्रमुख मानक
-आग एवं किसी अन्य आपत्तिजनक स्थिति में अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास की व्यवस्था
-सेंटरों पर आगमन और निकास के लिए प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग हो
-लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए शांत माहौल हो एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए उपयुक्त संसाधन उपलब्ध हों
-छात्रों के पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, छात्रों को किसी प्रकार की समस्या न हो
- शुद्ध पेयजल, इज्जतघर और साथ ही हवा के आवागमन के लिए रोशनदान, खिड़कियों की व्यवस्था