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Kannauj News: अभी और लुढ़केगा पारा, बर्फीली हवाएं बढ़ रहीं ठिठुरन
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फोटो:19: आलू के खेत पर छाया घना कोहरा। संवाद
- फोटो : घटना स्थल पर पड़ा कच्ची दीवार का मलबा।
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कन्नौज। नए साल के पहले दिन भी लोग सर्दी से ठिठुरते नजर आए। बुधवार की रात से कोहरा-पाला छाया रहा। हालांकि गुरुवार को धूप खिली लेकिन बर्फीली हवाओं से पारा धड़ाम हो गया। इस कारण धूप का असर नहीं दिखा। गुरुवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। सर्दी के प्रकोप से बचने के लिए लोग घरों में ही दुबके रहे। अभी तापमान और गिरने का अनुमान है। बर्फीली हवाएं माैसम में ठंडक घोल रहीं हैं।
शीतलहर व कोहरे का प्रकोप लगातार 15 दिन से जारी है। तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार की रात से गुरुवार दोपहर तक शहर कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। दोपहर 12 बजे के करीब सूर्यदेव के दर्शन हुए। धूप खिली लेकिन शीतल हवाओं के कारण लोग कांपते रहे। धूप से राहत की उम्मीद लगाए आम जनमानस को मायूस होना पड़ा।
गुरुवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि बुधवार की रात 5.7 डिग्री सेल्सियस रहा। फिलहाल सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फवारी का असर मैदानी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। घने कोहरे के कारण सड़कों पर चलने वाले वाहन दिन में भी लाइट जलाकर गुजरते नजर आए।
श्वांस, दमा और त्वचा रोगी बढ़े
सर्दी बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर त्वचा रोगी बढ़ रहे हैं। सीएमएस डॉ. शक्ति बसु का कहना है कि सर्दी में पानी कम पीने व शरीर से पसीना न आने की वजह से त्वचा रोग होने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए और पानी खूब पीना चाहिए। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 15 से 20 त्वचा रोगी आ रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल के डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि तेज सर्दी श्वांस, दमा रोगियों के लिए खतरनाक हो सकती है। ऐसे में सर्दी से बचाव करना बेहद जरूरी है। हृदय रोगियों को सर्दी में अधिक दिक्कत रहती है इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा
सर्दी से बचाव के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। जरूरी कामों से निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। वहीं सर्दी के बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव का सहारा ले रहे हैं।
गुरुवार की सुबह कोहरा काफी घना रहा। बर्फीली हवाओं ने मौसम में ठंडक घोल दी है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान और गिरने की संभावना है। फसलों को पाला से बचाने के लिए किसानों को हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए। -डॉ. अमरेंद्र कुमार, मौसम वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र
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शीतलहर व कोहरे का प्रकोप लगातार 15 दिन से जारी है। तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार की रात से गुरुवार दोपहर तक शहर कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। दोपहर 12 बजे के करीब सूर्यदेव के दर्शन हुए। धूप खिली लेकिन शीतल हवाओं के कारण लोग कांपते रहे। धूप से राहत की उम्मीद लगाए आम जनमानस को मायूस होना पड़ा।
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गुरुवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि बुधवार की रात 5.7 डिग्री सेल्सियस रहा। फिलहाल सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फवारी का असर मैदानी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। घने कोहरे के कारण सड़कों पर चलने वाले वाहन दिन में भी लाइट जलाकर गुजरते नजर आए।
श्वांस, दमा और त्वचा रोगी बढ़े
सर्दी बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर त्वचा रोगी बढ़ रहे हैं। सीएमएस डॉ. शक्ति बसु का कहना है कि सर्दी में पानी कम पीने व शरीर से पसीना न आने की वजह से त्वचा रोग होने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए और पानी खूब पीना चाहिए। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 15 से 20 त्वचा रोगी आ रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल के डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि तेज सर्दी श्वांस, दमा रोगियों के लिए खतरनाक हो सकती है। ऐसे में सर्दी से बचाव करना बेहद जरूरी है। हृदय रोगियों को सर्दी में अधिक दिक्कत रहती है इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा
सर्दी से बचाव के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। जरूरी कामों से निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। वहीं सर्दी के बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव का सहारा ले रहे हैं।
गुरुवार की सुबह कोहरा काफी घना रहा। बर्फीली हवाओं ने मौसम में ठंडक घोल दी है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान और गिरने की संभावना है। फसलों को पाला से बचाने के लिए किसानों को हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए। -डॉ. अमरेंद्र कुमार, मौसम वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र

फोटो:19: आलू के खेत पर छाया घना कोहरा। संवाद- फोटो : घटना स्थल पर पड़ा कच्ची दीवार का मलबा।
