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Kannauj News: इजरायल और बहरीन में फंसे दो परिवार
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तिर्वा। अमेरिका, ईरान और इस्राइल के बीच चल रहे महायुद्ध के बीच फंसे क्षेत्र के दो परिवारों की चिंता बढ़ गई है। एक युवक इजरायल के हाइफा बंकर में छिपा है। तो वहीं एक साफ्टवेयर इंजीनियर का परिवार बहरीन में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। दोनों ही परिवारों का संपर्क टूटने से परिजन दहशत में हैं।
इंदरगढ़ थानाक्षेत्र के भरखरा गांव निवासी शिवमोहन सिंह (32) डेढ़ वर्ष पहले नेशनल स्किल डेवलपमेंट कार्पोरेशन के तहत इस्राइल गए थे। वह हाइफा में इस्राइल डिफेंस फोर्सेस में श्रमिक पद पर कार्यरत हैं। होली पर छुट्टी मिलने से पहले ही युद्ध छिड़ गया। परिजनों के अनुसार शिवमोहन इस समय इस्राइल के हाइफा शहर में बने एक बंकर में छिपे हैं। लगातार बम धमाकों की आवाजें और झटकों के बीच वह जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं। पत्नी सुधा देवी ने बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे बात हुई थी। इसके बाद मोबाइल बीच-बीच में बंद हो रहा है।
इसी प्रकार कस्बे के मोहल्ला बौद्धनगर निवासी सूरज पटेल बहरीन में परिवार समेत फंसे हैं। वह मनामा में सात वर्षों से एक निजी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। ईरान के हमले के बाद कंपनी ने उनका फ्लैट खाली कराकर सुरक्षित बंकर में शिफ्ट कर दिया है। पिता ने बताया कि टीवी पर हमले की खबर देखने के बाद संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। व्हाट्सएप पर चार घंटे बाद मैसेज मिला, जिसमें सुरक्षित स्थान पर होने की जानकारी दी। वीडियो कॉल नहीं हो पा रही है। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई है।
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इंदरगढ़ थानाक्षेत्र के भरखरा गांव निवासी शिवमोहन सिंह (32) डेढ़ वर्ष पहले नेशनल स्किल डेवलपमेंट कार्पोरेशन के तहत इस्राइल गए थे। वह हाइफा में इस्राइल डिफेंस फोर्सेस में श्रमिक पद पर कार्यरत हैं। होली पर छुट्टी मिलने से पहले ही युद्ध छिड़ गया। परिजनों के अनुसार शिवमोहन इस समय इस्राइल के हाइफा शहर में बने एक बंकर में छिपे हैं। लगातार बम धमाकों की आवाजें और झटकों के बीच वह जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं। पत्नी सुधा देवी ने बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे बात हुई थी। इसके बाद मोबाइल बीच-बीच में बंद हो रहा है।
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इसी प्रकार कस्बे के मोहल्ला बौद्धनगर निवासी सूरज पटेल बहरीन में परिवार समेत फंसे हैं। वह मनामा में सात वर्षों से एक निजी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। ईरान के हमले के बाद कंपनी ने उनका फ्लैट खाली कराकर सुरक्षित बंकर में शिफ्ट कर दिया है। पिता ने बताया कि टीवी पर हमले की खबर देखने के बाद संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। व्हाट्सएप पर चार घंटे बाद मैसेज मिला, जिसमें सुरक्षित स्थान पर होने की जानकारी दी। वीडियो कॉल नहीं हो पा रही है। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई है।
