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Kannauj News: बाट-माप सत्यापन प्रक्रिया अब होगी डिजिटल
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- ई-प्लेटफॉर्म से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, दुकानों को जोड़ा जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
तालग्राम। बाट-माप सत्यापन की प्रक्रिया अब डिजिटल हो गई है। मिष्ठान, किराना, हार्डवेयर, सर्राफा और अन्य व्यावसायिक दुकानों को ई-प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद दुकानों में उपयोग होने वाले बाट, तराजू, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और अन्य माप उपकरणों का सत्यापन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। अब दुकानदारों को विभागीय कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों ने बताया कि ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से दुकानदार घर बैठे आवेदन कर सकेंगे और निर्धारित शुल्क भी डिजिटल माध्यम से जमा कर सकेंगे। इसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी। प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में करीब तीन हजार दुकानों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है, जबकि शेष दुकानों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। विभाग का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से सभी दुकानों और उनके माप उपकरणों का विवरण सुरक्षित रहेगा। इससे निगरानी और जांच की प्रक्रिया आसान होगी।
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वर्जन
घटतौली पर लगेगी लगाम
विधिक माप विज्ञान वरिष्ठ निरीक्षक अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि नई व्यवस्था का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। डिजिटल सत्यापन के कारण बाजार में घटतौली और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। किसी भी शिकायत की स्थिति में संबंधित दुकान का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध होने से कार्रवाई तेज और पारदर्शी होगी।
संवाद न्यूज एजेंसी
तालग्राम। बाट-माप सत्यापन की प्रक्रिया अब डिजिटल हो गई है। मिष्ठान, किराना, हार्डवेयर, सर्राफा और अन्य व्यावसायिक दुकानों को ई-प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद दुकानों में उपयोग होने वाले बाट, तराजू, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और अन्य माप उपकरणों का सत्यापन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। अब दुकानदारों को विभागीय कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों ने बताया कि ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से दुकानदार घर बैठे आवेदन कर सकेंगे और निर्धारित शुल्क भी डिजिटल माध्यम से जमा कर सकेंगे। इसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी। प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में करीब तीन हजार दुकानों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है, जबकि शेष दुकानों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। विभाग का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से सभी दुकानों और उनके माप उपकरणों का विवरण सुरक्षित रहेगा। इससे निगरानी और जांच की प्रक्रिया आसान होगी।
वर्जन
घटतौली पर लगेगी लगाम
विधिक माप विज्ञान वरिष्ठ निरीक्षक अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि नई व्यवस्था का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। डिजिटल सत्यापन के कारण बाजार में घटतौली और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। किसी भी शिकायत की स्थिति में संबंधित दुकान का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध होने से कार्रवाई तेज और पारदर्शी होगी।