UP Politics: गंगा एक्सप्रेसवे के बहाने 2027 का सियासी दांव, हरदोई से पूरब और पश्चिम को साधेंगे पीएम मोदी
Hardoi News: हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर पीएम मोदी पूरब और पश्चिम के बीच के राजनीतिक और भौगोलिक फासले को कम करेंगे। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इसे भाजपा का बड़ा चुनावी मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, जिसका केंद्र मध्य यूपी के जिलों को बनाया गया है।
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हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मध्य उत्तर प्रदेश से पूरब और पश्चिम को साधेंगे। दरअसल यह एक्सप्रेस-वे पूरब के प्रयागराज से पश्चिम के मेरठ को जोड़ता है। यह एक्सप्रेसवे मध्य उत्तर प्रदेश के चार जिलों से भी निकला है।
पिछले कुछ वर्ष से भले ही उत्तर प्रदेश में पूरब और पश्चिम की राजनीतिक लड़ाई सतह पर न रही हो, लेकिन अंदरखाने इसको लेकर चर्चा होती रहती है। कभी केंद्र तो कभी राज्य सरकार पर पश्चिम से ज्यादा महत्व पूरब को दिए जाने के आरोप लगते हैं, तो कभी यही आरोप पूरब की तरफ से भी लगते रहे हैं।
दो चुनावों से लगातार जीत रही है भाजपा
अगले साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। सूबे में पिछले दो चुनावों से लगातार भाजपा जीत रही है। स्वाभाविक रूप से सत्ता विरोधी लहर भी तैयार हो ही जाती है। इस सबके बीच समय समय पर हुए राजनीतिक घटनाक्रमों को सरकार ही नहीं भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी गंभीरता से लेता रहा है।
दोनों को एक्सप्रेसवे पर रफ्तार भरने का मौका मिला
अब गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण इन सभी राजनीतिक गड्ढों को पाटने का भी मुनासिब समय है। चूंकि यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज के बीच बना है, इसलिए इसके जरिए पूरब और पश्चिम का भेद मिटाने की कवायद भी हुई है। दोनों को एक्सप्रेसवे पर रफ्तार भरने का मौका मिला है। मध्य यूपी से इसका लोकार्पण हो रहा है, तो जाहिर सी बात है कि इसका असर मध्य यूपी के जिलों मेें भी पड़ेगा।
विधानसभा चुनाव से पहले हुआ था एक्सप्रेसवे का शिलान्यास
गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों की घोषणा से ऐन पहले हुआ था। तब शाहजहांपुर के रोजा रेल मैदान में 18 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था। तब आस पास के कई जनपदों, जिसमें हरदोई भी शामिल है, इसके गवाह बने थे।

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