सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Paper Leak Conspiracy at BNSD College Outsiders Appointed as Invigilator Principal Role Under Suspicion

Kanpur: बीएनएसडी कॉलेज में पेपर लीक की साजिश, बाहरियों को बनाया कक्ष निरीक्षक, प्रधानाचार्य की भूमिका संदिग्ध

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 29 Apr 2026 09:08 AM IST
विज्ञापन
सार

Kanpur News: बीएनएसडी इंटर कॉलेज में होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक की कोशिश पकड़ी गई है। डीएम की सूची से बाहर के दो लोग फर्जी कक्ष निरीक्षक बनकर अंदर पहुंच गए थे। केंद्र व्यवस्थापक अमर सिंह की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर डीआईओएस ने उनके निलंबन के आदेश दिए हैं।

Kanpur Paper Leak Conspiracy at BNSD College Outsiders Appointed as Invigilator Principal Role Under Suspicion
बीएनएसडी इंटर कॉलेज, चुन्नीगंज - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

कानपुर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज में होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक करने की कोशिश में पुलिस केंद्र व्यवस्थापक अमर सिंह की भूमिका को भी संदिग्ध मान कर जांच कर रही है। कारण कि कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी उनके ही जिम्मे थी। ऐसे में संदीप चंद्र विश्वकर्मा और निर्मल कुमार जैसे बाहरी व्यक्ति कैसे कक्ष निरीक्षक बनकर ड्यूटी करने अंदर पहुंच गए।

Trending Videos

इस सवाल को लेकर डीआईओएस ने भी जांच और कार्रवाई के आदेश विद्यालय प्रबंधन को दिए हैं। कॉलेज में होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान ड्यूटी के लिए बाहरी कक्ष निरीक्षकों के नाम डीएम कार्यालय से भेजे गए थे। तीन आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने जांच की तो संदीप चंद्र विश्वकर्मा और निर्मल कुमार बाहरी कक्ष निरीक्षक के तौर पर वहां मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

पॉकेट प्रिंटर और मोबाइल फोन रखने को संदिग्ध क्यों नहीं माना
इनके नाम उस सूची में नहीं मिले। उनके पास मिले परिचय पत्र पर भी किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। ऐसे में पुलिस को केंद्र व्यवस्थापक अमर सिंह की भूमिका पर शक है, क्योंकि उन्होंने बिना मिलान किए किसी बाहरी व्यक्ति को कक्ष निरीक्षक के तौर पर काम करने की अनुमति कैसे दे दी। इसके अलावा बड़ा सवाल यह भी है कि सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद कॉलेज के प्रवक्ता अखिलेश यादव के यहां पॉकेट प्रिंटर और मोबाइल फोन रखने को संदिग्ध क्यों नहीं माना गया।

एसीपी कर्नलगंज कर रहे हैं प्रकरण की जांच
इसके बावजूद कैमरों की निगरानी में लापरवाही बरती गई क्योंकि कैसे एक कक्ष निरीक्षक ने दूसरे को प्रश्नपत्र देकर एनसीसी कमरे की ओर भेज दिया। अच्छी बात यह रही कि कॉलेज परिसर में मौजूद पुलिस कर्मियों की नजर संदीप पर पड़ गई और उसे पकड़ लिया। इस संबंध में डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रकरण की जांच एसीपी कर्नलगंज कर रहे हैं। जांच में जिस किसी की भी संलिप्तता प्रतीत होगी, वह पुलिस की कार्रवाई की जद में आएगा।

बीएनएसडी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और केंद्र व्यवस्थापक रहे अमर सिंह की भूमिका इस पूरे मामले में संदिग्ध है। ऐसे किसी भी मामले में गड़बड़ी होने पर पूरी जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होती है। इसलिए पूरे प्रकरण की कॉलेज स्तर पर सही जांच कराने और 24 घंटे में प्रधानाचार्य को निलंबित करने का पत्र प्रबंधन को भेजा गया है।  -संतोष कुमार राय, डीआईओएस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed