Auraiya: 60 हजार बोतलों पर चला ट्रैक्टर; नामी कोल्ड ड्रिंक एजेंसी पर छापेमारी, पांच लाख का माल नष्ट
Auraiya News: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को दिबियापुर रोड, तुर्कीपुर चित्तरसिंह स्थित एक नामी कोल्ड ड्रिंक एजेंसी पर छापेमारी कर करीब 5.10 लाख रुपये कीमत की 60 हजार एक्सपायरी बोतलें बरामद कीं।
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मिलावटखोरों और एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को दिबियापुर रोड स्थित तुर्कीपुर चित्तरसिंह में एक नामी कोल्ड ड्रिंक एजेंसी पर अचानक छापेमारी की गई।
इस दौरान परिसर में भारी मात्रा में मियाद पूरी (एक्सपायर) कर चुकीं कोल्ड ड्रिंक की बोतलें डंप मिलीं। विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 5.10 लाख रुपये मूल्य की 60 हजार से अधिक एक्सपायरी बोतलों को मौके पर ही ट्रैक्टर और रोटावेटर चलवाकर पूरी तरह से नष्ट करा दिया।
रोटावेटर से कुचलीं बोतलें
सहायक आयुक्त (खाद्य) सुनील कुमार के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय कुमार श्रीवास और अनिल कुमार संखवार की संयुक्त टीम ने एजेंसी का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान एजेंसी के बाहरी हिस्से में प्लास्टिक की क्रेटों और पेटियों में रखी करीब 60 हजार बोतलें पूरी तरह एक्सपायर पाई गईं। इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायरी पेय पदार्थ मिलने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। निर्माता कंपनी के सेल्स मैनेजर, ऑडिटर और स्थानीय खाद्य कारोबारकर्ता की मौजूदगी में एजेंसी परिसर के बाहर ही सभी एक्सपायरी बोतलों को फैला दिया गया। इसके बाद ट्रैक्टर में रोटावेटर जोड़कर सभी बोतलों को पूरी तरह कुचलकर नष्ट करा दिया गया, ताकि इसका इस्तेमाल दोबारा या अवैध रूप से न किया जा सके।
रिपोर्ट आने के बाद दर्ज होगी FIR
कार्रवाई के दौरान टीम ने केवल मियाद पूरी कर चुकीं कोल्ड ड्रिंक को ही नष्ट नहीं कराया, बल्कि एजेंसी में बिक्री के लिए रखी गई अन्य कंपनियों की कोल्ड ड्रिंक्स की गुणवत्ता भी परखी। टीम ने मौके से विभिन्न ब्रांड्स की कोल्ड ड्रिंक्स के सैंपल भरे। सहायक आयुक्त सुनील कुमार ने बताया कि सभी भरे गए नमूनों को सीलबंद कर जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला (लखनऊ) भेजा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित व्यापारी, वितरक और निर्माता फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर नमूनों में किसी प्रकार की मिलावट या हानिकारक केमिकल की पुष्टि होती है, तो संबंधित फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा।