Banda: पॉक्सो एक्ट में दोषी को 3 साल की सजा, स्कूल से घर लौट रही किशोरी से की थी बदसलूकी
Banda News: विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अदालत ने 14 वर्षीय किशोरी से छेड़खानी और विरोध करने पर मारपीट करने के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी मंगल पाल को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने एक नाबालिग किशोरी के साथ छेड़खानी और मारपीट करने के मामले में शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी मंगल पाल को दोषी करार देते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
तालाब के पास घात लगाकर किया था हमला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला मटौंध थाना क्षेत्र के एक गांव का है। घटना 25 अक्टूबर 2017 की दोपहर करीब 2 बजे की है। 14 वर्षीय पीड़िता स्कूल से छुट्टी होने के बाद अपने घर लौट रही थी। गांव के पास स्थित एक तालाब के बगल वाले ढाल के रास्ते पर अछरौड निवासी मंगल पाल झाड़ियों में छिपा बैठा था। जैसे ही किशोरी वहां से गुजरी, मंगल पाल ने उसे दबोच लिया और बुरी नीयत से खींचने लगा। विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी ने किशोरी के साथ मारपीट भी की। इसी बीच पीड़िता की बड़ी मां वहां पहुँच गई, जिन्हें देखकर आरोपी मौके से भाग निकला।
6 गवाहों ने पुख्ता किया मामला
पीड़िता ने लोकलाज और डर के कारण घटना के चार दिन बाद 29 अक्टूबर 2017 को मटौंध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचक ने गहन जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। 28 जनवरी 2020 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाह पेश किए गए, जिनकी गवाही ने मंगल पाल के अपराध को साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
न्यायाधीश का फैसला: जुर्माने की राशि पीड़िता को
विशेष न्यायाधीश ने अपने 23 पृष्ठों के विस्तृत फैसले में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त माना। अदालत ने मंगल पाल को दोषी पाते हुए आदेश दिया कि:
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दोषी को 3 साल की कैद भुगतनी होगी।
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2,000 रुपये का जुर्माना अदा करना होगा, जिसे न भरने पर एक माह की अतिरिक्त सजा होगी।
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जुर्माने की यह पूरी राशि क्षतिपूर्ति के रूप में पीड़िता को दी जाएगी।