{"_id":"6a18497853becad9430d4b02","slug":"banda-farmer-distressed-by-debt-commits-suicide-in-field-2026-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda: कर्ज से परेशान किसान ने खेत में की आत्महत्या, परिजनों में मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda: कर्ज से परेशान किसान ने खेत में की आत्महत्या, परिजनों में मचा कोहराम
Thu, 28 May 2026 07:38 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 28 May 2026 07:38 PM IST
विज्ञापन
मृतक की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिसंडा थाना क्षेत्र के जरोहरा गांव में किसान ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। उसका शव बृहस्पतिवार सुबह खेत में पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान 32 वर्षीय विनोद तिवारी के रूप में हुई है। उसने चार वर्ष पहले इंडियन बैंक से लगभग ढाई लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन लिया था। खराब फसल के कारण वह कर्ज नहीं चुका पाया, जिससे रकम चार लाख रुपये से अधिक हो गई।
विज्ञापन
मृतक के भाई अनिल तिवारी ने बताया कि विनोद ने करीब चार वर्ष पहले इंडियन बैंक की मरौली शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत करीब ढाई लाख रुपये का लोन लिया था। पिछले कुछ वर्षों में दैवीय आपदाओं और खराब फसल के कारण खेती चौपट हो गई, जिससे वह समय पर बैंक का कर्ज नहीं चुका सका। ब्याज बढ़ने के साथ कर्ज की रकम चार लाख रुपये से अधिक हो गई थी। अनिल तिवारी ने बताया कि बैंक व अमीन की ओर से लगातार नोटिस भेजी जा रही थी। जमीन की नीलामी की आशंका को लेकर विनोद काफी परेशान रहने लगा था।
विज्ञापन
मृतक के भाई अनिल तिवारी ने बताया कि विनोद ने करीब चार वर्ष पहले इंडियन बैंक की मरौली शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत करीब ढाई लाख रुपये का लोन लिया था। पिछले कुछ वर्षों में दैवीय आपदाओं और खराब फसल के कारण खेती चौपट हो गई, जिससे वह समय पर बैंक का कर्ज नहीं चुका सका। ब्याज बढ़ने के साथ कर्ज की रकम चार लाख रुपये से अधिक हो गई थी। मृतक के बड़े भाई अनिल तिवारी ने बताया कि बैंक व अमीन की ओर से लगातार नोटिस भेजी जा रही थी। जमीन की नीलामी की आशंका को लेकर विनोद काफी परेशान रहने लगा था।
विज्ञापन