Banda: फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, लेखपाल समेत चार गिरफ्तार, ये सामान हुआ बरामद
Banda News: बांदा की मटौंध पुलिस ने लेखपाल और इनामी बदमाशों समेत 4 लोगों को 34 बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 38 लाख के चेक और भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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बांदा जनपद में पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी गवाहों के माध्यम से जमीन की रजिस्ट्री कराता था। इस मामले में पुलिस ने 25-25 हजार रुपये के दो इनामी अभियुक्तों, एक चकबंदी लेखपाल सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पर्दाफाश करने को लेकर थाना मटौंध के प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह ने बताया कि गिरोह फर्जी गवाहों और विक्रेताओं का इस्तेमाल कर कूट रचित दस्तावेजों, जिनमें आधार कार्ड भी शामिल थे, के माध्यम से जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवाता था।
बताया कि मामले की शुरुआत थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के खुटला निवासी देबिया पुत्र चैतुवा द्वारा बीती 12 फरवरी को थाना मटौंध में दर्ज कराई गई शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया था कि 6 अगस्त 2025 को कुछ लोगों ने मिलकर उनकी हटेटी पुरवा की लगभग 34 बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री बिजली खेड़ा निवासी आजम खान के नाम करवा दी। इस संबंध में थाना मटौंध में प्राथमिकी दर्ज की थी। वहीं, पूर्व में घटना में शामिल सात अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था।
11 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है
बताया कि अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास में बृहस्पतिवार को पुलिस ने 25-25 हजार रुपये के दो इनामी अभियुक्तों और एक चकबंदी लेखपाल सहित चार अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इस प्रकार, अब तक कुल 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिनमें मुख्य अभियुक्त राजेश जो खाईपार निवासी है और वर्तमान में बिजली खेड़ा, थाना कोतवाली नगर में रह रहा है। अपने साथियों हरीकरन, अनिल, रज्जू, खेमराज, केदार आदि के साथ मिलकर यह गिरोह चलाता था।
ये सामान हुआ बरामद
वहीं, इस गिरोह को चकबंदी लेखपाल विजय प्रकाश, निवासी पियरा, थाना मऊ, जनपद चित्रकूट द्वारा भी मदद पहुंचाई जाती थी। इसके अलावा आजम खान जो बिजली खेड़ा का निवासी है। इस फर्जी रजिस्ट्री का खरीदार है। यह जानते हुए भी कि रजिस्ट्री फर्जी है, उसने जमीन खरीदी। कूटरचित दस्तावेजों और आधार कार्ड आदि को उपलब्ध कराने और तैयार कराने का काम श्रीराम, निवासी करछा, थाना मटौंध, द्वारा किया जाता था, जो क्योटरा के पास अपनी श्रीराम मोबाइल प्वाइंट नामक दुकान से यह काम करता था। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से फर्जी आधार कार्ड बनाने के उपकरण, दो लैपटॉप, कलर प्रिंटर, छह चेक, जिनकी कुल राशि 38 लाख रुपये है। इसके अलावा दो सेट जमीन रजिस्ट्री की छायाप्रति, 41 आधार कार्ड, एक ई-श्रम कार्ड, एक वोटर कार्ड, पैन कार्ड बरामद किया है।