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गर्मी का सितम: 43.5 डिग्री सेल्सियस में धधकी इत्रनगरी, गर्म हवाओं व उमस से बेहाल हुए लोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 21 May 2026 07:07 PM IST
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सार
Weather Update: धूप ऐसी कि सड़कें तपने लगीं, पसीने से तर लोग छांव और ठंडे पानी को तरस गए। प्रशासन ने राहत की व्यवस्था शुरू की।
ज धूप में बच्चे और खुद को इस तरह बचाता दिखा युवक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भीषण गर्मी का सितम लगातार जारी है। गुरुवार को जिले का तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया, जिससे इत्रनगरी मानो आग के गोले में बदल गई। सुबह नौ बजे से ही तेज धूप का असर दिखने लगा, दोपहर में सड़कों पर निकलना लोगों के लिए चुनौती बन गया।
गर्म हवाओं और उमस ने हालात और खराब कर दिए। बाजारों और बस अड्डों पर लोग पसीने से तरबतर दिखे। दोपहर में मुख्य बाजारों में भीड़ कम रही। लोग सिर पर गमछा, टोपी और छाता लगाकर चलते दिखे। कई राहगीर पेड़ों और दुकानों की छांव में रुककर राहत लेते नजर आए। शहर के ग्वाल मैदान, फूलमती मंदिर तिराहा और अन्य स्थानों पर ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ लगी रही। यहां शिकंजी, बेल का शरबत और गन्ने का रस खूब बिका। गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ा, लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हुए।
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गर्म हवाओं और उमस ने हालात और खराब कर दिए। बाजारों और बस अड्डों पर लोग पसीने से तरबतर दिखे। दोपहर में मुख्य बाजारों में भीड़ कम रही। लोग सिर पर गमछा, टोपी और छाता लगाकर चलते दिखे। कई राहगीर पेड़ों और दुकानों की छांव में रुककर राहत लेते नजर आए। शहर के ग्वाल मैदान, फूलमती मंदिर तिराहा और अन्य स्थानों पर ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ लगी रही। यहां शिकंजी, बेल का शरबत और गन्ने का रस खूब बिका। गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ा, लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हुए।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी दोपहर के समय गलियां सूनी दिखी। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, बुखार और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने और अधिक पानी पीने की सलाह दी है।
भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए प्रशासन ने रोडवेज बस स्टैंड पर राहत व्यवस्था शुरू की है। यात्रियों के लिए ओआरएस घोल, गुड़, मटके का ठंडा पानी और कूलर की व्यवस्था की गई है। बस स्टैंड परिसर में लू से बचाव संबंधी जागरूकता संदेश भी लगाए गए हैं। हालांकि, दोपहर की तेज तपिश के आगे यात्रियों को राहत कम ही महसूस हुई।